महाराष्ट्र के पुणे से एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एक कॉलेज के वाचमैन के सुसाइड के बाद संस्थान की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं. आरोप है कि लंबे समय से वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मचारी आर्थिक और मानसिक दबाव से गुजर रहा था. घटना के बाद परिवार ने कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर पुलिस जांच में जुट गई है.
मृतक की पहचान 53 साल के समीर माधवराव दाभोलकर के रूप में हुई है, जो पुणे के हिंगणे खुर्द इलाके के साई नगर स्थित स्वराज हाइट्स में रहते थे. पुलिस के अनुसार, वह पुणे के सिंहगढ़ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में लंबे समय से वॉचमैन के रूप में कार्यरत थे. बताया गया कि कॉलेज हॉस्टल परिसर में उनकी मौत की घटना सामने आई.
परिवार का आरोप है कि समीर दाभोलकर को करीब साढ़े तीन साल यानी लगभग 42 महीनों से वेतन नहीं मिला था. लगातार आर्थिक तंगी और बढ़ते कर्ज की वजह से वह गंभीर तनाव में थे. इसी कारण वह मानसिक रूप से भी परेशान रहने लगे थे.
मामले में मृतक के बेटे वृषभ दाभोलकर की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कॉलेज से जुड़े कई पदाधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. शिकायत में संस्थान के वरिष्ठ पदाधिकारियों के नाम शामिल किए गए हैं. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना से पहले मृतक की ओर से एक छोटा वीडियो संदेश भेजे जाने की बात भी सामने आई है, जिसमें कथित तौर पर वेतन नहीं मिलने का जिक्र किया गया था. पुलिस अब इस वीडियो और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है.
उधर, यह भी सामने आया है कि संस्थान से जुड़े कुछ मामलों में पहले भी कानूनी विवाद सामने आ चुके हैं. हालांकि पुलिस का कहना है कि फिलहाल इस मामले की जांच तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है. अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.