पुणे के महानगरपालिका अधिकारी और पार्षदों की मिलीभगत से कैसे भ्रष्टाचार चलता है. इसकी पोल एक मोबाइल वीडियो के माध्यम से खुल गई है. एक वर्ष पहले महापालिका के एक अधिकारी ने दूसरे अधिकारी का मोबाइल पर वीडियो बनाया था. इस वीडियो क्लिप से पता चलता है कि पुणे महानगरपालिका के कुछ अधिकारी और पूर्व पदाधिकारियों ने किस तरह भ्रष्टाचार किया, इसकी गवाही वीडियो में दिखाई दे रहे संबंधित कर्मी ने दी है.
महानगरपालिका के कामों के टेंडर प्रोसेस में भ्रष्टाचार कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस संबंध में पुख्ता सबूत ना होने की वजह से कोई कार्रवाई नहीं हुई. महापालिका में काम करने वाले एक अधिकारी की बीते नगर निगम चुनाव से पहले शूट किया हुआ एक वीडियो क्लिप इन दिनों वायरल है. वीडियो क्लिप में पुणे के घोले मार्ग स्थित नगर पालिका के डॉक्टर बाबासाहब अंबेडकर छात्र निवास का छात्रों के लिए खाना बनाने का कॉन्ट्रेक्ट हासिल करने के लिए संबंधित अधिकारी और कुछ पार्षदों की मिलीभगत से बाकी ठेकेदारों को अपात्र साबित करने के लिए किस तरह कोशिश की गई थी. इस बात की गवाही संबंधित अधिकारी ने दी है.
इसके साथ ही महापालिका शिक्षा विभाग के अस्तित्व में होने के बाद भी जिला परिषद की स्कूलों के शिक्षकों की महापालिका के स्कूलों में तबादला करने के लिए अधिकारी और साथ ही सदस्यों को कितने पैसे मिले इसकी गवाही भी इसी क्लर्क ने दे है. इसमें एक वरिष्ठ अधिकारी के साथ मंडल के पूर्व अध्यक्ष का भी नाम लिया गया है.
इस वीडियो क्लिप के वायरल होने से संबंधित अधिकारी और पार्षद के मुश्किल में आने की संभावना है. पुणे नगर निगम यानी महानगरपालिका के आयुक्त कुणाल कुमार ने बताया कि ये मामला बहुत ही गंभीर है और तफ्तीश करने के बाद दोषी पाए जाने वाले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.