शिवसेना (बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर हमला बोला है. उन्होंने कहा कि बीजेपी अब भ्रष्टाचार पर बोलने का नैतिक अधिकार खो चुकी है. उनके अनुसार, आज वही पार्टी सत्ता में है जो भ्रष्ट नेताओं के समर्थन में खड़ी है.
उद्धव ठाकरे ने जोर देकर कहा कि यदि कोई नेता गलत करता है तो उचित कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन केवल राजनीतिक विरोध के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग लोकतंत्र के लिए खतरा है. उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी जैसी संस्थाओं का इस्तेमाल विपक्ष को डराने और दबाव में लाने के लिए किया जा रहा है.
हिंदू-मुस्लिम राजनीति पर लाए गए विभाजन को बीजेपी की देन बताते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि उनकी राजनीति समाज को बांटने की नहीं बल्कि जोड़ने की है. उन्होंने मराठी अस्मिता की भी जोरदार पैरवी की और साफ़ किया कि मुंबई के मेयर का मराठी होना सामान्य बात है. वे किसी भाषा या समुदाय के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन मराठी पहचान को दबाया नहीं जाना चाहिए.
बीएमसी चुनाव के दौरान बीजेपी पर वोट चोरी का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि फर्जी मतदाताओं का सहारा लेकर बीजेपी चुनाव जीतना चाहती है. ऐसे मामलों में जांच कर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. उद्धव ठाकरे ने यह भी कहा कि मुस्लिम समुदाय उनकी विचारधारा में विश्वास करता है क्योंकि उनकी पार्टी समावेशी राजनीति करती है.
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कांग्रेस के अलग चुनाव लड़ने पर सवाल उठाते हुए उन्होंने महागठबंधन बनाने की जरूरत पर बल दिया. एकनाथ शिंदे की पार्टी को “शाह सेना” कहते हुए उन्होंने कहा कि यह अब शिवसेना नहीं, बल्कि दिल्ली के इशारों पर चलने वाली सेना बन चुकी है. उद्धव ठाकरे ने यह भी कहा कि यदि बीजेपी सच में मजबूत होती तो उसे बाहरी नेताओं की जरूरत क्यों पड़ती.
उद्धव ठाकरे ने बीजेपी पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को सख्त संदेश दिया है, जो आगामी राजनीतिक परिस्थितियों में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं.