महाराष्ट्र के ठाणे जिले में बुजुर्गों को निशाना बनाकर लाखों रुपये के सोने के गहने ठगने वाले एक शातिर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है. ठाणे पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस गिरोह के तीन सदस्यों और मुंबई के एक ज्वैलर को गिरफ्तार कर कुल 12 आपराधिक मामलों का खुलासा किया है. पुलिस के अनुसार, ये सभी मामले ठाणे जिले और पड़ोसी मुंबई के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दर्ज थे.
डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (क्राइम) अमरसिंह जाधव ने बताया कि गिरोह के सदस्य खासतौर पर बुजुर्गों को अपना शिकार बनाते थे. आरोपी पहले उनसे बातचीत शुरू कर भरोसा जीतते और फिर खुद को पुलिसकर्मी या मददगार राहगीर बताकर इलाके में चोरी की घटनाओं का डर दिखाते थे. इसके बाद वे वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षा के नाम पर अपने सोने के गहने उतारकर पुड़िया में लपेटने की सलाह देते थे.
अधिकारी के मुताबिक, इसी दौरान हाथ की सफाई से आरोपी असली सोने की जगह नकली गहने या पत्थर रख देते थे. पीड़ितों को इस धोखाधड़ी का पता काफी देर बाद चलता, जब आरोपी मौके से फरार हो चुके होते थे. पुलिस को कई दिनों से इस गिरोह की तलाश थी और डिजिटल व फिजिकल साक्ष्यों के आधार पर उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी.
हाल ही में पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि गिरोह के सदस्य एक और वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं. इस सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम ने जाल बिछाकर राजू चव्हाण, रमेश जायसवाल और संजय मंगाडे को पकड़ लिया. पूछताछ के दौरान इनसे कई चौंकाने वाले खुलासे हुए, जिसके बाद पुलिस ने 12 मामलों को सुलझाने का दावा किया है.
पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 130 ग्राम सोने के गहने बरामद किए हैं, जिनकी कीमत लगभग 17 लाख रुपये आंकी गई है. जांच में यह भी सामने आया कि ठगे गए गहनों को ठिकाने लगाने में मुंबई का एक ज्वैलर रामसिंह चौहान शामिल था. उसे भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. उल्हासनगर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक योगेश आव्हाड ने बताया कि ज्वैलर की भूमिका की गहराई से जांच की जा रही है.
पुलिस का कहना है कि यह गिरोह बदलापुर, उल्हासनगर, मुंब्रा, कापुरबावड़ी और नौपाड़ा समेत कई इलाकों में सक्रिय था. अब यह भी जांच की जा रही है कि इनके तार महाराष्ट्र के अन्य जिलों या राज्यों से तो नहीं जुड़े हैं. पुलिस ने नागरिकों, खासकर बुजुर्गों से अपील की है कि अनजान लोगों पर भरोसा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें.