scorecardresearch
 

TCS कांड: निदा खान कहां है? तलाश में पुलिस ने लगाईं तीन टीम

TCS नासिक यूनिट में यौन उत्पीड़न और कथित जबरन धर्म परिवर्तन मामले में आरोपी नीदा खान को कोर्ट से राहत नहीं मिली है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है. अब तक 9 एफआईआर दर्ज और 8 गिरफ्तारी हो चुकी हैं. SIT मामले की जांच कर रही है और कंपनी ने आरोपियों को निलंबित किया है.

Advertisement
X
निदा खान ने की तलाश में जुटी पुलिस. (Photo- ITG)
निदा खान ने की तलाश में जुटी पुलिस. (Photo- ITG)

आईटी कंपनी TCS के नासिक यूनिट से जुड़े विवादित मामले में मुख्य आरोपी निदा खान की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. गिरफ्तारी से अंतरिम राहत नहीं मिलने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, निदा खान की भूमिका कथित जबरन धर्म परिवर्तन से जुड़ी हुई है और उसे पकड़ने के लिए कई टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं.

निदा खान इस मामले के सामने आने के बाद से ही फरार बताई जा रही है. सोमवार को सेशन कोर्ट से उसे गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण नहीं मिला. कोर्ट ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए 27 अप्रैल की तारीख तय की है. चूंकि उसे फिलहाल कोई कानूनी राहत नहीं मिली है, इसलिए पुलिस उसे गिरफ्तार करने के लिए सक्रिय रूप से तलाश कर रही है.

यह मामला TCS के नासिक स्थित यूनिट में सामने आए यौन उत्पीड़न और धार्मिक दबाव के आरोपों से जुड़ा है. अब तक इस मामले में नौ एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है. निदा खान को इनमें से एक एफआईआर में चार अन्य लोगों के साथ आरोपी बनाया गया है.

अंतरिम राहत नहीं मिलने के बाद फरार निदा खान की तलाश तेज

Advertisement

पुलिस के अनुसार, यह पूरा मामला सिर्फ यौन उत्पीड़न तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें जबरन धर्म परिवर्तन, मानसिक उत्पीड़न और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसे गंभीर आरोप भी शामिल हैं. विशेष जांच टीम इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है.

एफआईआर के अनुसार, मुख्य आरोपी दानिश शेख ने पीड़िता को अपने दोस्तों तौसीफ और नीदा से मिलवाया था. इसके बाद आरोप है कि इन लोगों ने मिलकर पीड़िता पर मानसिक दबाव बनाया. आरोपों के मुताबिक, ये लोग हिंदू धार्मिक परंपराओं और देवी-देवताओं का मजाक उड़ाते थे. एफआईआर में यह भी कहा गया है कि शिवलिंग, भगवान कृष्ण और महाभारत की पात्र द्रौपदी के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं ताकि पीड़िता को उकसाया जा सके.

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में ज्यादातर पीड़िताएं मध्यम वर्गीय परिवारों से हैं और उनकी उम्र 21 से 30 साल के बीच है. ये सभी कंपनी में एसोसिएट स्तर पर काम करती थीं और करीब 20 हजार रुपये मासिक वेतन पाती थीं.

जबरन धर्म परिवर्तन और यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़ा मामला

इस मामले में एक अहम पहलू यह भी सामने आया है कि पीड़िताओं ने कंपनी के POSH समिति तक शिकायत नहीं पहुंचाई. पुलिस का कहना है कि इसमें तकनीकी समस्या और समिति में स्थानीय सदस्यों की कमी एक कारण हो सकता है. अधिकारियों ने सुझाव दिया है कि ऐसी समितियों में स्थानीय सदस्यों को शामिल किया जाना चाहिए और हर तीन सप्ताह में आमने-सामने बैठकें होनी चाहिए, ताकि समस्याओं का समय पर समाधान हो सके.

Advertisement

निदा खान के बारे में बताया गया है कि वह TCS में एसोसिएट के पद पर कार्यरत थी. उसने अपनी दो महीने की गर्भावस्था का हवाला देते हुए गिरफ्तारी से तत्काल संरक्षण की मांग की थी, लेकिन अदालत से उसे राहत नहीं मिल सकी. नासिक पुलिस ने निदा खान की गिरफ्तारी के लिए तीन अलग-अलग टीमें बनाई हैं, जिन्हें विभिन्न स्थानों पर भेजा गया है. पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं.

इस पूरे मामले में अब तक कोई नई पीड़िता सामने नहीं आई है, लेकिन पुलिस ने साफ किया है कि अगर आगे कोई शिकायत आती है तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी. TCS ने इस मामले में बयान जारी कर कहा है कि कंपनी लंबे समय से किसी भी प्रकार के उत्पीड़न और दबाव के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाती रही है.

TCS ने आरोपियों को किया निलंबित, जीरो टॉलरेंस नीति दोहराई

कंपनी ने यह भी बताया कि जिन कर्मचारियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगे हैं, उन्हें निलंबित कर दिया गया है. हालांकि कंपनी का कहना है कि उसे इस मामले में आंतरिक चैनलों के जरिए कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी. यह मामला अब कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है, जिनमें कार्यस्थल की सुरक्षा, शिकायत निवारण प्रणाली और कर्मचारियों की सुरक्षा प्रमुख हैं. पुलिस और जांच एजेंसियां इस मामले की हर पहलू से जांच कर रही हैं.
 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement