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'दिल्ली के महाराष्ट्र सदन से हटाई गईं साबित्री बाई और अहिल्या देवी की मूर्ति', MWC चीफ का गंभीर आरोप 

एनसीपी नेता और महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने दिल्ली के महाराष्ट्र सदन में राज्य की दो प्रमुख महिलाओं के अपमान का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि वीडी सावरकर की जयंती के दौरान सावित्री बाई फुले और देवी अहिल्या बाई की मूर्तियों को हटाकर उनका अपमान किया गया है.

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महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर (फाइल फोटो)
महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर (फाइल फोटो)

दिल्ली के महाराष्ट्र सदन में वीडी सावरकर की जयंती को लेकर कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसमें महाराष्ट्र के कई सांसदों के साथ सीएम एकनाथ शिंदे और डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद थे. एनसीपी नेता और महाराष्ट्र महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने आरोप लगाया है कि इस कार्यक्रम के दौरान महाराष्ट्र की दो प्रमुख महिलाओं का अपमान किया गया.  

MWC चीफ ने ट्वीट कर कहा, "दिल्ली के महाराष्ट्र सदन में वीडी सावरकर की जंयती पर कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान क्रांति ज्योति सावित्रीबाई फुले और पुण्यश्लोक अहिल्या देवी होल्कर की मूर्ति को हटाने का अपराध किया गया. इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी मौजूद थे. अहिल्या देवी होल्कर की जयंती दो दिन बाद ही आने वाली थी. देश में नारी सम्मान के आंदोलन में सबसे आगे रहने वाली इन दो महान महिलाओं का यह अपमान उनके अस्तित्व और उनके गौरवशाली इतिहास को नकारने की मानसिकता को उजागर करता है." 

रूपाली चाकणकर ने राज्य के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को इस घटना का संज्ञान लेने की अपील करते हुए इस पर उचित कार्रवाई करने की मांग की है. 

 

नाना पटोले ने भी की निंदा

वहीं इस घटना पर महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले की प्रतिक्रिया भी आई है. उन्होंने कहा कि दिल्ली के महाराष्ट्र सदन में कल जो कुछ हुआ, हम उसकी निंदा करते हैं. सावित्री बाई फुले और अहिल्या देवी होलकर के पुतले को हटाया गया. इस पर सरकार ने माफी मांगनी चाहिए. महिलाओ का अपमान किया गया है.  

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