महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा गिरने का मामला कई दिनों से सुर्खियों में है. इसे लेकर राज्य सरकार माफी मांगी चुकी है. अब पीएम मोदी ने भी माफी मांगी है. शुक्रवार को महाराष्ट्र के पालघर पहुंचे पीएम ने अपने संबोधन के बीच इस वाकये का जिक्र किया और मंच से हाथ जोड़कर सिर झुकाते हुए कहा, 'शिवाजी की प्रतिमा गिरने पर सिर झुकाकर माफी मांगता हूं.' पीएम की माफी के बाद विपक्ष ने चुटकी ली है. कांग्रेस और शिवसेना से अलग-अलग बयान आए हैं. कांग्रेस ने सोशल मीडिया साइट X पर लिखा कि महाराष्ट्र की जनता और विपक्ष के विरोध ने नरेंद्र मोदी को माफी मांगने पर मजबूर कर दिया. कांग्रेस ने इसे माफी की जगह ढोंग बताया. पार्टी ने महाराष्ट्र के CM और डिप्टी CM को हटाने की मांग की. साथ ही इस प्रोजेक्ट में शामिल लोगों पर कार्रवाई की बात कही है.
'ये माफी नहीं ढोंग है'
कांग्रेस ने सोशल मीडिया साइट X पर लिखा, 'महाराष्ट्र की जनता और विपक्ष के घोर विरोध ने आज नरेंद्र मोदी को छत्रपति शिवाजी महाराज से माफी मांगने पर मजबूर कर दिया. लेकिन ये माफी नहीं ढोंग है. अगर मोदी वाकई में अपने इस अक्ष्म्य पाप के लिए माफी मांग रहे हैं, तो वे महाराष्ट्र के CM और डिप्टी CM को अपने पद से हटाएं. साथ ही इस प्रोजेक्ट में जिन लोगों की संलिप्तता थी, उनपर कड़ी कार्रवाई करें. राजे का ये अपमान महाराष्ट्र न भूलेगा, न माफ करेगा.'
सीएम से इस्तीफे की मांग
शिवाजी महाराज की मूर्ति ढहने की घटना पर पीएम मोदी के बयान पर शिवसेना नेता आनंद दुबे ने कहा, 'आज पीएम मोदी को महाराष्ट्र की जनता से माफी मांगनी पड़ी. छत्रपति शिवाजी महाराज सिर्फ महाराष्ट्र की जनता के नहीं बल्कि पूरे देश की जनता के देवता हैं. माफी मांगना काफी नहीं है, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए. छत्रपति शिवाजी महाराज हमारे देश का गौरव हैं. महाराष्ट्र की जनता आगामी विधानसभा चुनाव में बीजेपी और उसके सहयोगियों को सत्ता से हटा देगी.'
PM के माफी वाले बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा, 'प्रधानमंत्री सीधे- सीधे भी माफी मांग सकते थे. लेकिन उन्होंने कंडिशनल माफी मांगी है. माफी मांगने से काम नही चलेगा. जवाबदेही तय हो. अगर मुख्यमंत्री नेवी को सवालों के कटघरे में खड़ा कर रहे हैं तो राजनाथ सिंह को जवाबदेही तय करना चाहिए.'
पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा, 'प्रधानमंत्री ने माफी मांगी, लेकिन राज्य के बीजेपी नेता ने माफी नहीं मांगी, ये खेदजनक है. आज जिन लोगो के वजह से प्रधानमंत्री को माफी मांगनी पड़ी, क्या कभी उन लोगों का पर्दाफाश नहीं होगा? इस पूरे मामले में भाई- भतीजावाद हुआ है. मुख्यमंत्री के करीबी को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया. क्या प्रधानमंत्री छत्रपति शिवाजी महाराज और सावरकर की तुलना करना चाहते है? किसी नौसिखिया को पुतला बनाने का कॉन्ट्रैक्ट क्यों दिया गया?'
पीएम मोदी ने क्या कहा?
पीएम मोदी ने शुक्रवार को महाराष्ट्र का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने पालघर में एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने उनका अभिनंदन किया. पीएम मोदी ने यहां 76,000 करोड़ रुपये की वाधवन बंदरगाह की आधारशिला रखी. उन्होंने लगभग 1,560 करोड़ रुपये की 218 मत्स्य पालन परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया. इससे पहले उन्होंने मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2024 को भी संबोधित किया. इसी दौरान अपने संबोधन के बीच उन्होंने बीते दिनों क्षत्रपति शिवाजी की प्रतिमा गिरने को लेकर अफसोस जताया और कहा कि, 'शिवाजी की प्रतिमा गिरने पर सिर झुकाकर माफी मांगता हूं.'