
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का प्लैन क्रैश इस विमान को उड़ा रहे पायलटों के परिवार को भी गमगीन कर गया है. इस हादसे में पायलट सुमित कपूर और सह पायलट शांभवी पाठक की मौत हो गई है. शांभवी पाठक ग्वालियर की रहने वाली थी. उनका जन्म ग्वालियर में हुआ और उनका बचपन भी वहीं बीता.
शांभवी ने अपनी दादी मीरा पाठक को मुंबई में ड्यूटी पर जाने से पहले व्हाट्सएप पर मैसेज किया था. शांभवी ने मैसेज में लिखा था, "गुड मॉर्निंग दद्दा…" शांभवी की दादी ने इस मैसेज के जवाब में एक इमोजी देकर प्रतिक्रिया दी थी. इसके बाद शांभवी अपनी फ्लाइट पर पहुंच गईं और लगभग 8:46 बजे प्लेन क्रैश हो गया.
इस घटना के बाद शांभवी के घर में मातम पसरा हुआ है. शांभवी की दादी मीरा को यकीन नहीं हो रहा है कि ये उनकी पोती का आखिरी मैसेज होगा.

शांभवी के पास 1500 घंटे फ्लाइंग का अनुभव
सह पायलट शांभवी पाठक एक कमर्शियल पायलट लाइसेंस होल्डर हैं, उनके पास कुल लगभग 1,500 घंटे का फ्लाइंग अनुभव है. शांभवी का सबसे हालिया मेडिकल परीक्षण 12 जुलाई, 2025 को हुआ था. इस टेस्टिंग की वैधता 24 जुलाई, 2026 तक है.
शांभवी पाठक ने ग्वालियर स्थित एयर फोर्स नंबर एक स्कूल में पढ़ाई की थी. वह 2016 से 2018 के बीच में एयरफोर्स स्कूल की एविएशन स्टूडेंट थीं. शांभवी मध्य प्रदेश फ्लाइंग क्लब की भी सदस्य रही थीं. शांभवी पाठक के पिता एयरफोर्स में ऑफिसर थे. उनका बचपन ग्वालियर के एयर फोर्स कॉलोनी में गुजरा.

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार सुबह मुंबई से 5 फरवरी को होने वाले ज़िला परिषद चुनावों के लिए पुणे ज़िले में दिन में चार रैलियों को संबोधित करने के लिए निकले थे.
इस हादसे में मारे गए अन्य लोगों में कैप्टन सुमित कपूर थे, जिन्हें 15,000 घंटे का फ्लाइंग अनुभव था, को-पायलट कैप्टन शांभवी पाठक थीं, जिन्हें 1,500 घंटे की फ्लाइंग का अनुभव था, पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) विदीप जाधव और फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली थीं.
अजित पवार एक लीयरजेट विमान से बारामती जा रहे थे. इस विमान को बुधवार सुबह खराब विजिबिलिटी के कारण एक गो-अराउंड के बाद बारामती में लैंडिंग के लिए क्लियरेंस मिल गया था, लेकिन आखिरकार क्लियरेंस मिलने के बाद भी उसने ATC को कोई 'रीड-बैक' नहीं दिया, और कुछ ही देर बाद रनवे के किनारे उसमें आग लग गई.