scorecardresearch
 

Bombay HC ने पालघर लिंचिंग मामले में 10 को जमानत, अप्रैल 2020 में हुई थी हिंसा

पालघर लिंचिंग केस में बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को 10 लोगों को जमानत दे दी जबकि अन्य आठ आरोपियों को देने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने कहा कि जिन आरोपियों को जमानत नहीं दी गई है, उनके खिलाफ पुख्ता सबूत हैं.

Advertisement
X
सांकेतिक तस्वीर.
सांकेतिक तस्वीर.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 2020 में 16 अप्रैल की रात पालघर में हुई थी घटना
  • भीड़ ने तीन लोगों को पीट-पीटकर मार डाला था

बॉम्बे हाईकोर्ट ने अप्रैल 2020 में पालघर लिंचिंग मामले में 10 आरोपियों को जमानत दे दी है जबकि इसी मामले में 8 आरोपियों को बेल देने से मना कर दिया है.हाईकोर्ट ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज में आरोपियों की तस्वीर से मेल खाने वाली एफएसएल रिपोर्ट फिलहाल इनके खिलाफ है. बता दें कि पालघर लिंचिंग मामले में तीन लोगों की मौत हो गई थी. 

इन लोगों की जमानत हुई मंजूर
मोहन गावितो, ईश्वर बंधु निकोले, फिरोज भाऊ साठे, राजू गुरुडी, विजय पिलाना, दिशा पाइलन, दीपक गुरुडी, सीताराम राठौड़, विजय गुरुडी और रत्ना भवरी की जमानत मंजूर की गई है.

इनकी जमानत हुई खारिज
राजेश राव, रामदास राव, भाऊ ढकाल साठे, हवासा तुलाजी साठे, राजल गुरुडी, महेश गुरुडी, लहन्या वालाकरी और संदेश गुरुडी को जमानत देने से कोर्ट ने इनकार दिया है.

बता दें कि 2020 में 16 अप्रैल की रात महाराष्ट्र के पालघर में दो साधुओं समेत 3 लोगों की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. इस घटना के वक्त पुलिस भी वहां मौजूद थी जिसकी भूमिका पर सवाल उठे थे. बाद में इस मामले में 100 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. 

ये भी पढ़ें

 

Advertisement
Advertisement