महाराष्ट्र के नागपुर की रहने वाली एक महिला सुनीता जामगड़े बीते दिनों एलओसी पार कर अवैध रूप से पाकिस्तान पहुंच गई थी. इस केस में अब कई चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. जांच एजेंसियों को महिला के मोबाइल फोन में दो संदिग्ध पाकिस्तानी ऐप्स मिले हैं, जिन्हें लेकर गंभीर आशंका जताई जा रही है. साथ ही मोबाइल की फॉरेंसिक जांच से यह भी संकेत मिले हैं कि सुनीता ने पाकिस्तान के नागरिकों के साथ न केवल व्यवसायिक संपर्क साधे थे, बल्कि बातचीत का रुख बाद में संदिग्ध दिशा में चला गया.
जानकारी के अनुसार, सुनीता जामगड़े नागपुर के कपिल नगर क्षेत्र की रहने वाली है. वह 14 मई को अपने 12 साल बेटे के साथ कारगिल गई थी. वहां से उसने अपने बेटे को होटल में छोड़ दिया और खुद गुपचुप तरीके से नियंत्रण रेखा (LOC) पार करते हुए पाकिस्तान पहुंच गई.
पाकिस्तान में दाखिल होने के बाद रेंजर्स ने उसे हिरासत में लिया था. इसके बाद उसे वापस भारत के अमृतसर सीमा पर भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के हवाले कर दिया. अमृतसर पुलिस ने महिला को प्राथमिक पूछताछ के बाद नागपुर पुलिस को सौंप दिया, जहां उसके खिलाफ कपिल नगर थाने में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू की गई.
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जांच के दौरान पुलिस ने महिला का मोबाइल जब्त कर लिया और जब उसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया तो उसमें दो संदिग्ध पाकिस्तानी ऐप्स मिले. हालांकि, महिला ने फोन को पहले ही रिसेट करने की कोशिश की थी, जिससे डेटा की रिकवरी में पुलिस को समय लग रहा है.
नागपुर पुलिस के DCP (जोन-5) निकेतन कदम ने बताया कि मोबाइल में कुछ ऐप्स और चैटिंग हिस्ट्री पाकिस्तान में मौजूद कुछ व्यक्तियों के साथ जेमस्टोन बिजनेस को लेकर थी, लेकिन आगे की बातचीत व्यापारिक विषयों से हटकर संवेदनशील दिशा में जाती दिख रही है.
NIA की एंट्री, भेजे सवाल
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने भी संज्ञान लिया है. NIA ने नागपुर पुलिस को इस केस से संबंधित कुछ अहम सवालों की सूची भेजी है. नागपुर पुलिस ने उन प्रश्नों के जवाब तैयार करने शुरू कर दिए हैं. अगर NIA को कोई संदिग्ध एंगल के संकेत मिलते हैं, तो वह अपनी टीम नागपुर भेज सकती है.
सूत्रों के मुताबिक अब कारगिल पुलिस भी महिला को हिरासत में लेने की तैयारी कर रही है, ताकि बॉर्डर पार करने के समय की उसकी गतिविधियों की जांच की जा सके. साथ ही महिला द्वारा इस्तेमाल किए गए रूट, संपर्क सूत्र और संभावित मददगारों की तलाश भी की जा रही है.
यह मामला क्यों अहम है?
देश की सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही पाकिस्तान से जुड़ी गतिविधियों को लेकर अलर्ट पर हैं. ऐसे में एक भारतीय महिला का बॉर्डर पार कर पाकिस्तान जाना, संदिग्ध मोबाइल ऐप्स का उपयोग करना और पाक नागरिकों के साथ बातचीत में शामिल होना- इन सभी पहलुओं ने इस केस को संवेदनशील बना दिया है.
यह भी माना जा रहा है कि सुनीता जामगड़े का पाकिस्तान जाना कोई सामान्य अवैध प्रवेश नहीं, बल्कि इसमें संभावित तौर पर सुरक्षा से जुड़ी चूक या साजिश हो सकती है. फिलहाल पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हर स्तर पर जांच को आगे बढ़ा रही है. पुलिस का कहना है कि महिला ने मोबाइल डेटा रिसेट किया था, जिसे रिकवर किया जा रहा है. संदिग्ध ऐप्स की जांच जारी है.