scorecardresearch
 

मुंबई में बुजुर्ग से 16 लाख का साइबर फ्रॉड, NIA चीफ बनकर ठग लिए पैसे

मुंबई में एक बुजुर्ग व्यक्ति को साइबर ठग ने एनआईए चीफ बनकर फोन किया. कॉल करने वाले ने दिल्ली बम ब्लास्ट और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े झूठे आरोपों का दावा करके बुजुर्ग से 16 लाख रुपए ठग लिए.

Advertisement
X
साइबर फ्रॉड ने एनआईए चीफ बनकर बुजुर्ग से 16 लाख ठगे.(Photo: Representational)
साइबर फ्रॉड ने एनआईए चीफ बनकर बुजुर्ग से 16 लाख ठगे.(Photo: Representational)

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में साइबर क्राइम के मामले बढ़ते जा रहे हैं. ठग लोगों को ठगने के लिए अलग-अलग पैंतरे आजमा रहे हैं. हाल ही में मुंबई में एक बुजुर्ग व्यक्ति साइबर ठग का शिकार हुए हैं. आरोपी ने बुजुर्ग को एनआईए चीफ बनकर फोन किया और दिल्ली बम ब्लास्ट में नाम आने का झूठ बोलकर‌‌ 16 लाख रुपए की ठगी की.

मुंबई के अंधेरी में रहने वाले एक बुजुर्ग (70 से 75 वर्ष) को एक साइबर फ्रॉड ने 11 दिसंबर 2025 को फोन करके कहा कि वो एनआईए चीफ सदानंद दाते है. आरोपी ने बुजुर्ग को बताया कि उनका नाम दिल्ली बम ब्लास्ट केस और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में सामने आया है. 

आरोपी ने शख्स से कहा कि दिल्ली बम ब्लास्ट केस और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनकी जांच की जा रही है. कॉल करने वाले ने अपने बचाव के लिए उन्हें ये भी निर्देश दिया कि ये मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है, इसीलिए वो इसके बारे में अपने परिवार वालों या किसी भी और शख्स को ना बताए.

आरोपी ने शिकायतकर्ता से कहा कि उनके और उनकी फैमिली की सारी जानकारी आतंकवादी संगठन के पास है. इसीलिए अगर वो किसी को कुछ बताएंगे, तो वो उसे नहीं छोड़ेंगे.

Advertisement

बुजुर्ग को भेजा फेक अरेस्ट वारंट

बहरूपिये ने बुजुर्ग से सिग्नल ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा. इसी ऐप पर साइबर फ्रॉड ने उन्हें वीडियो कॉल किया और बताया कि उनका नाम दिल्ली बम ब्लास्ट में आया है. आरोपी ने ये भी कहा कि बुजुर्ग मनी लॉन्ड्रिंग केस में भी फंसे हैं जिसमें उनके एक अकाउंट में 7 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए हैं और वो अकाउंट उनके मोबाइल नंबर से लिंक है.

फ्रॉड ने बुजुर्ग को डराया कि इन मामलों में उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है. बुजुर्ग को अपने झांसे में लेने के लिए आरोपी ने एक फेक अरेस्ट वारंट भी भेजा.

अपने अकाउंट में ट्रांसफर कराए 16 लाख

फ्रॉड ने इसके बाद शिकायतकर्ता से कहा कि अब आरबीआई उनके बैंक अकाउंट्स की छानबीन करेगी. इसीलिए वो अपने बैंक अकाउंट से सारे पैसे उसके अकाउंट में ट्रांसफर कर दें.

बुजुर्ग साइबर फ्रॉड के झांसे में आ गए और उन्होंने 11 दिसंबर 2025 से लेकर 6 जनवरी 2026 तक उस साइबर फ्रॉड को कई किस्तों में पैसे दिए.

नंबर और ऐप बंद होने पर हुआ शक

जब पैसे ट्रांसफर करने के कुछ दिनों बाद आरोपी का नंबर और वो ऐप बंद हो गया, जिसपर उससे बात हुई थी, तब बुजुर्ग को शक हुआ. इसके बाद उन्होंने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई. अब साइबर सेल इस मामले की जांच कर रही है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement