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Mumbai Manthan 2026 LIVE: 'अगर हम भ्रष्टाचारी होते, तो...', BJP पर आदित्य ठाकरे का वार

aajtak.in | नई दिल्ली | 08 जनवरी 2026, 7:55 PM IST

Mumbai Manthan 2026 LIVE Updates: महाराष्ट्र नगर निकाय चुनाव की गहमागहमी के बीच मुंबई में आजतक के विशेष आयोजन 'मुंबई मंथन' का मंच सज गया है. बीएमसी चुनाव के बीच हो रहे इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे समेत सत्तापक्ष और विपक्ष के कद्दावर चेहरे शामिल होंगे. ताजा अपडेट्स के लिए पेज को रिफ्रेश करते रहें...

Aditya Thackeray Aditya Thackeray

महाराष्ट्र में बीएमसी चुनाव के बीच मुंबई में आजतक के कार्यक्रम 'मुंबई मंथन' का मंच सज गया है. इस आयोजन में राजनीति के कद्दावर चेहरे मंच पर होंगे ही, अर्थव्यवस्था और पॉलिसी से जुड़े एक्सपर्ट्स भी शिरकत कर रहे हैं. इस आयोजन की शुरुआत उद्धव के संजय सेशन से होगी. इस सत्र में उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद और प्रवक्ता संजय राउत ने शिरकत की.

कैसे जीतेंगे मुंबई सेशन में महाराष्ट्र सरकार के मंत्री आशीष सेलार. शिवसेना (यूबीटी) के विधायक वरुण सरदेसाई और महाराष्ट्र कांग्रेस के महासचिव सचिन सावंत अपनी बात रखेंगे. शिंदे की स्ट्रैटेजी सेशन में महाराष्ट्र सरकार के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे शामिल होंगे. फडणवीस की पहली परीक्षा सेशन में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस शिरकत करेंगे.

मुंबई मंथन की पूरी कवरेज देखने के लिए यहां क्लिक करें...

7:55 PM (21 घंटे पहले)

तो टाइट होती फाइट

Posted by :- Panna Lal

बीएमसी चुनाव पर चुनाव विश्लेषक प्रदीप कुमार ने कहा कि मुंबई में ठाकरे ब्रदर्स का मिलन मायने रखता है.  25 साल एक लंबा अरसा होता है और मुंबई का नगर सेवक सबसे ज्यादा लोगों से जुड़ा होता है. सारे के सारे वार्ड में एम्बुलेंस शिवसेना की ब्रांडिंग के साथ खड़ी होती है. जहां तक बंबई औऱ ग्रेटर बंबई की बात करें तो लोकसभा की दोनों सीटें यूबीटी के पास है. तात्पर्य यह है कि अगर कांग्रेस भी ठाकरे ब्रदर्स के साथ होती तो फाइट बहुत टाइट होती. हालांकि ये वोटर टर्नआउट पर भी निर्भर करेगा. यदि वोटर टर्नआउट 50 प्रतिशत से नीचे चला जाता है तो स्थिति कुछ होगी. इसका मतलब यह है कि बीजेपी-शिवसेना कमजोर हो सकती है. 

5:49 PM (23 घंटे पहले)

हमने बीजेपी छोड़ी है, हिंदुत्व नहीं: नांदगांवकर

Posted by :- Mansi Mishra

मुख्यमंत्री के उस बयान पर कि 'मुंबई का मेयर हिंदू और मराठी होगा', नांदगांवकर ने कहा कि हिंदुत्व पर किसी पार्टी का पेटेंट नहीं हो सकता. उन्होंने दो टूक कहा कि हिंदुत्व का पाठ बीजेपी को बाला साहेब ठाकरे ने पढ़ाया था. नांदगांवकर ने ये भी स्पष्ट किया कि बीजेपी से अलग होने का मतलब हिंदुत्व छोड़ना नहीं है. बीजेपी का हिंदुत्व हमें मंजूर नहीं. हम बाला साहेब का हिंदुत्व मानते हैं.हमने बीजेपी छोड़ी है, हिंदुत्व नहीं. उनके मुताबिक हिंदुत्व की परिभाषा नफरत या विभाजन नहीं है. उन्होंने कहा कि हिंदुत्व कोई नफरत नहीं, जीवनशैली है, जैसा सुप्रीम कोर्ट भी कह चुका है.

5:40 PM (कल)

'मिस्ड कॉल से पार्टी बन सकती है, करिश्मा नहीं' 

Posted by :- Mansi Mishra

बीजेपी पर निशाना साधते हुए बाला नांदगांवकर ने कहा कि मिस्ड कॉल देकर पार्टी बड़ी हो सकती है, लेकिन करिश्मा पैदा नहीं होता. ठाकरे सरनेम आज भी वोट दिलाता है, यही सच्चाई है. उद्धव ठाकरे आज भी उसी नाम के भरोसे जनता के बीच जाते हैं, क्योंकि उस नाम ने लोगों का विश्वास कमाया है. 

पार्टी से नेताओं के जाने और नए चेहरों के कम आने पर पूछे गए सवाल पर नांदगांवकर ने साफ कहा कि हमारे और शिवसेना के नेताओं के बीच एक कॉमन गुण है-न‍िष्ठा. जिस नाम ने हमें पहचान दी, उसी के प्रति वफादार रहना कोई गुनाह नहीं है. उन्होंने कहा कि जो आदमी अपने स्वार्थ के लिए उस नाम को भूल जाए जिसने उसे बनाया, वही असली बेईमानी है. 

5:38 PM (कल)

'ठाकरे सरनेम का करिश्मा आज भी कायम' 

Posted by :- Mansi Mishra

मुंबई मंथन में बाला नांदगांवकर बोले कि बीजेपी बिना बाला साहेब की तस्वीर के वोट नहीं मांग पाती. ठाकरे सरनेम का राजनीतिक करिश्मा आज भी बरकरार है और यही बात विरोधियों को सबसे ज्यादा चुभती है. मुख्यमंत्री कहते हैं कि सिर्फ बाला साहेब ठाकरे ही ब्रांड थे. अगर ऐसा है तो फिर दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी आज भी बाला साहेब की तस्वीर लगाए बिना महाराष्ट्र में वोट क्यों नहीं मांग पाती?. 

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5:33 PM (कल)

'ठाकरे ब्रांड खतरे में नहीं है'-अनिल परब का पलटवार

Posted by :- Mansi Mishra

इस सेशन में बाद में शामिल हुए शिवसेना (UBT) नेता और MLC अनिल परब ने उस आरोप को खारिज किया कि मराठी अस्मिता नहीं, बल्कि ठाकरे ब्रांड खतरे में है. अनिल परब ने कहा कि कोई एक-दो बार सत्ता में आता है तो संयोग हो सकता है, लेकिन 25 साल तक मुंबई की सत्ता मिलना भरोसे का सबूत है. उन्होंने बताया कि शिवसेना को मुंबई में सत्ता मिलने के पीछे तीन वजहें 
मुंबई की सुरक्षा, जनता का विश्वास और तीसरी नगरसेवकों की 24×7 उपलब्धता रही. अनिल परब ने कहा कि एकनाथ शिंदे हों या बाला नांदगांवकर, शिवसेना का कार्यकर्ता संस्कार उनके भीतर आज भी है. उनके मुताबिक ठाकरे ब्रांड एक स्थापित ब्रांड है, उसे कोई खतरे में नहीं डाल सकता. 

5:31 PM (कल)

'मुंबई हमारी है और हमारी रहनी चाहिए' 

Posted by :- Mansi Mishra

बाला नांदगांवकर ने 107 हुतात्माओं का जिक्र करते हुए कहा कि मुंबई हमें यूं ही नहीं मिली. आज अगर लोग सतर्क हो रहे हैं तो इसमें कुछ गलत नहीं है. उन्होंने साफ किया कि मराठी हितों की बात करना किसी के खिलाफ नहीं है, बल्कि अपने अधिकारों की रक्षा है. ठाकरे बंधुओं के मंच साझा करने के दौरान अपनी गैरमौजूदगी पर नांदगांवकर ने कहा कि मैं जानबूझकर नहीं गया. अगर मुझे इंफेक्शन हो जाता और साहब को हो जाता, तो उन्हें जनता से मिलना होता इसलिए दूरी रखी. 

5:30 PM (कल)

मराठी अस्मिता बनाम सत्ता की राजनीति

Posted by :- Mansi Mishra

हर चुनाव में 'मराठी अस्मिता खतरे में है' वाले नैरेटिव पर नांदगांवकर ने कहा कि ये कोई जानबूझकर बनाई गई लाइन नहीं है. मुंबई का प्रशासनिक ढांचा बदला है, MMR रीजन का विस्तार हो रहा है. इसे देखकर लोगों के मन में डर स्वाभाविक है. उनके मुताबिक यह लड़ाई सत्ता सुंदरि की नहीं, बल्कि मराठी मानूस के अस्तित्व की लड़ाई है. 
 

5:29 PM (कल)

'बाला साहेब के नाम पर' सेशन में ठाकरे ब्रांड पर चर्चा जारी 

Posted by :- Mansi Mishra

आजतक मुंबई मंथन में बाला साहेब के नाम पर  मुंबई की राजनीति, मराठी अस्मिता और ठाकरे बंधुओं के रिश्तों पर बातचीत हुई. इस बहस के बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेता बाला नांदगांवकर ने साफ कहा कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का साथ आना कोई राजनीतिक सौदा नहीं, बल्कि मराठी जनता की वर्षों पुरानी भावना थी. नांदगांवकर ने कहा, 'दोनों भाई, दोनों परिवार और बाला साहेब के दोनों पुत्र एक साथ आएं, यही मेरी दिली ख्वाहिश थी. इसमें मेरा कोई निजी स्वार्थ नहीं था.'

उद्धव ठाकरे से रिश्तों पर पूछे गए सवाल पर बाला नांदगांवकर ने कहा कि उन्होंने मुझे मान सम्मान, प्रतिष्ठा दी है. उसके बाद गले लगाने की औपचारिकता जरूरी नहीं रह जाती. उन्होंने ये भी साफ किया कि ठाकरे परिवार का साथ आना महाराष्ट्र की जनता भी चाहती थी और अब इस पर किसी तरह की असहजता नहीं है. 
 

5:07 PM (कल)

20 लाख स्किल्ड वर्कर की देश में कमी

Posted by :- Panna Lal

हीरानंदानी ग्रुप के एमडी निरंजन हीरानंदानी ने कहा है कि हमारे पास विजन होना चाहिए. शिक्षा, स्किलिंग के बारे में सोचना चाहिए. हमारे पास 20 लाख कंस्ट्रक्शन स्किल्ड वर्कर की शॉर्टेज है. इनमें प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, वर्कर की जरूरत है.एल एंड टी की एक कंपनी के पास 25 हजार स्किल्ड वर्कर की कमी है. 2030 में 50 लाख कंस्ट्रक्शन वर्कर की शॉर्टेज होगी. जहां गैप है वहां हम भरते नहीं हैं. हमें स्किलिंग का गैप भरना पड़ेगा. लोग पढ़ जाते हैं लेकिन उन्हें नौकरियां नहीं मिल पाती है. हमें गैप्स को खोजना होगा. 

AI के बारे में उन्होंने कहा कि छूरी खतरा है या काम देने वाला है. AI अगर 2026 में आप नहीं अपनाएंगे तो बाजार से बाहर चले जाएंगे. कोई भी बिजनेस हो. ऐसा होगा. मोबाइल-कम्प्यूटर से ज्यादा AI की जरूरत होगी. AI हमारे आपके मोबाइल से 100 गुना शक्तिशाली होगा. जब हमारे देश में कम्प्यूटर आया तो हड़तालें हुई थी लेकिन कम्प्यूटर आने के बाद बैंकों की संख्या हजारों में बढ़ गई. 

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4:49 PM (कल)

'राजनीति उपकार नहीं, जरूरत पर चलती है' 

Posted by :- Mansi Mishra

प्रफुल्ल पटेल ने राजनीति का एक मूल सिद्धांत भी साफ किया. उन्होंने कहा कि राजनीति में कोई किसी पर उपकार नहीं करता. जब जरूरत होती है तभी पार्टियां साथ आती हैं. सिर्फ महाराष्ट्र नहीं, देश के हर राज्य में पार्टियां अपनी स्थानीय रणनीति बनाती हैं. एनसीपी को अलग तरह से देखने की कोशिश गलत है. उन्होंने कहा कि राजनीति उपकार नहीं, जरूरत पर चलती है. 

4:46 PM (कल)

'अमृत-विष' वाली थ्योरी गलत, एनसीपी की अपनी राजनीतिक शैली है- प्रफुल्ल पटेल

Posted by :- Mansi Mishra

मुंबई मंथन में प्रफुल्ल पटेल ने उस धारणा को साफ शब्दों में खारिज किया कि महायुती में 'कड़वा हिस्सा' एनसीपी के हिस्से आता है और 'अमृत' शिवसेना-बीजेपी बांट लेती है. पटेल ने कहा कि ये पूरी तरह गलतफहमी है.ऐसा बिल्कुल नहीं है कि जो अमृत निकल रहा है वो शिवसेना और बीजेपी मिलकर बांट रही है. ये सोच गलत है. हमारी राजनीति की अपनी एक शैली है और हमें उस पर गर्व है. वही शैली हमें आगे लेकर जाएगी और हमारे पार्टनर्स को भी साथ में काम करने में सहजता देगी. एनसीपी किसी मजबूरी में सरकार में शामिल नहीं हुई.2023 में कोई मजबूरी नहीं थी, सरकार पहले से स्थिर थी. 

4:44 PM (कल)

एनसीपी 'कमजोर कड़ी' नहीं है- प्रफुल्ल पटेल 

Posted by :- Mansi Mishra

प्रफुल्ल पटेल ने इस धारणा को खारिज किया कि एनसीपी गठबंधन में हर बात मान लेती है. उन्होंने कहा कि इसे साइन ऑफ वीकनेस मत समझिए. ये हमारी राजनीतिक शैली है. भाजपा और शिवसेना की कार्यशैली अलग है और एनसीपी की अलग, लेकिन इसका मतलब टकराव नहीं है. क्या एनसीपी को 2019 से पहले या 2029 से पहले गठबंधन से बाहर किया जा सकता है? इस सवाल पर प्रफुल्ल पटेल बोले कि ये दूर-दूर के सपने हैं. गंभीर चर्चा, परिपक्व सोच और आपसी सम्मान के साथ यह गठबंधन बना है. उन्होंने भरोसे के साथ कहा कि 2029 में भी एनसीपी महायुती का सम्मानजनक हिस्सा रहेगी.

4:43 PM (कल)

मंत्रियों पर कार्रवाई: दबाव या निर्णय?

Posted by :- Mansi Mishra

एनसीपी के मंत्रियों पर कार्रवाई क्या दबाव में की गई? के सवाल पर प्रफुल्ल पटेल ने कहा, 'किसी ने हम पर कोई दबाव नहीं डाला. ये पार्टी का फैसला था. हम जनता की संवेदनशीलता को समझते हैं.' उन्होंने धनंजय मुंडे का उदाहरण देते हुए कहा कि कानूनी तौर पर उन पर कोई आरोप साबित नहीं हुआ, लेकिन सार्वजनिक जीवन में कई बार छवि बनाए रखने के लिए त्याग करना पड़ता है. उन्होंने कहा कि आरोप लगना और दोषी साबित होना अलग बातें हैं.

फिर नवाब मलिक पर रुख क्यों अलग है? पर पटेल ने स्पष्ट किया कि नवाब मलिक एनसीपी के वरिष्ठ नेता हैं और केवल आरोपों के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता. उन्होंने कहा, 'हमें जनता के बीच जाना है, वोट मांगना है, उनकी भावनाओं का सम्मान करना हमारी जिम्मेदारी है.'

4:41 PM (कल)

'विकास पर बात होनी चाहिए, आरोपों पर नहीं' 

Posted by :- Mansi Mishra

प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ जैसे शहरों में स्थानीय विकास, प्रशासन और नागरिक मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए थी, लेकिन चुनाव आते ही राजनीति का स्तर गिर जाता है. आप पुणे के विकास की बात करिए, लेकिन बार-बार 2014 से पहले के मुद्दे निकालने की क्या जरूरत है?. गठबंधन में खींचतान के सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रैक्टिकल तौर पर हम साथ में काम कर रहे हैं. इसका ये मतलब निकालना कि गठबंधन में दरार है, गलत होगा. उन्होंने माना कि राजनीति में कई बार नेता आवेश में आकर बोल जाते हैं लेकिन इससे गठबंधन की बुनियाद नहीं हिलती.

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4:40 PM (कल)

'स्थानीय चुनाव हैं, दुश्मनी नहीं' प्रफुल्ल पटेल ने महायुती के भीतर उठते सवालों पर दिया जवाब

Posted by :- Mansi Mishra

एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद प्रफुल्ल पटेल ने महाराष्ट्र की राजनीति में चल रही अटकलों, बयानों की तल्खी और महायुती के भीतर उठ रहे सवालों पर खुलकर बात की. उन्होंने साफ कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान पुराने आरोपों को कुरेदना राजनीतिक जोश का नतीजा है, इसे गठबंधन टूटने का संकेत मानना गलत होगा.

जब स्थानीय चुनाव हो रहे हैं, तब पुराने आरोप क्यों उछाले जा रहे हैं? इस सवाल पर प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि जब स्थानीय चुनाव आते हैं तो नेताओं में जोश बढ़ जाता है, कई बार ज़ुबान फिसल जाती है. हम प्रतिद्वंदी हो सकते हैं, दुश्मन नहीं. छोटे चुनावों में बड़े राजनीतिक मुद्दों को घसीटना सही नहीं है. पटेल का यह बयान भाजपा नेताओं के उन बयानों के संदर्भ में आया जिनमें अजित पवार को साथ लेने पर सवाल उठाए गए और 70 हजार करोड़ के कथित घोटाले जैसे पुराने आरोप दोहराए गए.

4:24 PM (कल)

आज की भाजपा पहले जैसी नहीं: प्रफुल्ल पटेल 

Posted by :- Mansi Mishra

क्या वैचारिक मतभेदों की वजह से गठबंधन में खटास है? प्रफुल्ल पटेल ने जवाब देते हुए कहा कि शिवसेना और भाजपा हिंदुत्व के मंच पर लड़ती हैं, एनसीपी शिव-शाहू-फुले-आंबेडकर के सिद्धांतों पर. फर्क है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि गठबंधन केवल सुविधा के लिए है. उन्होंने ये भी कहा कि आज की भाजपा पहले जैसी नहीं है और प्रधानमंत्री मोदी का विभिन्न वर्गों तक आउटरीच इसका उदाहरण है.

4:21 PM (कल)

नवाब मलिक विवाद पर क्या बोले 

Posted by :- Mansi Mishra

भाजपा और शिवसेना ने नवाब मलिक के आरोपों के चलते एलायंस से दूरी बनाई, क्या यही असली वजह थी? इस प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि नवाब मलिक हमारे वरिष्ठ नेता हैं. विधानसभा चुनाव में वे और उनकी बेटी सना मलिक पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार थे और जीतकर आईं. इसके बावजूद एलायंस बना, सरकार बनी और हम सरकार में शामिल हैं. यही आरोप पहले भी लगाए गए थे, तब भी गठबंधन टूटा नहीं.  पटेल ने साफ कहा कि मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भ्रष्टाचार के आरोप लगाना राजनीतिक तौर पर अनावश्यक था, क्योंकि वही पार्टियां पहले साथ सरकार चला चुकी हैं.

4:20 PM (कल)

मुंबई में भाजपा–शिवसेना के साथ एलायंस क्यों नहीं?

Posted by :- Mansi Mishra

प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि मुंबई में एनसीपी हमेशा कमजोर रही है. अगर हमें 10-15 सीटें भी मिलतीं, लेकिन अपनी पसंद की सीटें नहीं होतीं, तो पार्टी कैसे बढ़ती? हमारे कार्यकर्ताओं को लड़ने का मौका कैसे मिलता? उन्होंने इशारों में कहा कि मुंबई में अलग लड़ना रणनीतिक मजबूरी थी, न कि टकराव का फैसला.
 

4:20 PM (कल)

पुणे क्यों बना राजनीतिक प्रयोगशाला?

Posted by :- Mansi Mishra

पुणे को ही क्यों एनसीपी की ताकत परखने की जगह माना जा रहा है? इस सवाल पर प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि पुणे एनसीपी का जन्मस्थान और पारंपरिक गढ़ रहा है. नीचे के स्तर पर कार्यकर्ता सालों से साथ काम करते आए हैं. बीजेपी ने भी तय किया कि उसे वहां अपनी जमीन मजबूत करनी है, इसी वजह से स्थानीय स्तर पर अलग दृश्य दिखा. 

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4:18 PM (कल)

स्थानीय चुनावों में भावनाएं उफान पर, रियूनियन नहीं जमीनी मजबूरी है: प्रफुल्ल पटेल 

Posted by :- Mansi Mishra

आजतक के 'मुंबई मंथन' मंच पर एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद प्रफुल्ल पटेल ने महाराष्ट्र की बदलती राजनीति, स्थानीय चुनावों की मजबूरियों और पुणे–पिंपरी चिंचवाड़ में अजित पवार-शरद पवार गुट के साथ आने को लेकर खुलकर बातें रखीं. उन्होंने कहा कि इसे रियूनिफिकेशन कहना गलत होगा. नौ साल से महाराष्ट्र में स्थानीय चुनाव नहीं हुए. हजारों कार्यकर्ता चुनाव लड़ने को बेचैन थे. यही भावनाएं पुणे-पिंपरी चिंचवाडं में दिखीं. पंद्रह दिन पहले तक दोनों एनसीपी आमने-सामने थीं. पटेल ने साफ किया कि स्थानीय निकाय चुनावों में समीकरण हर शहर में अलग होते हैं और पुणे एनसीपी का पारंपरिक गढ़ होने के कारण वहां कार्यकर्ताओं का दबाव स्वाभाविक था.

2:46 PM (कल)

एंट्री के समय मिले आरक्षण, बाद में मेरिट पर हो काम- नीलेश शाह

Posted by :- Panna Lal

मुंबई मंथन में  बिजनेसमैन और इनविजन कैपिटल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के एमडी और सीईओ नीलेश शाह ने कहा कि देश में आरक्षण भी जरूरी है, क्योंकि पिछड़ों को आगे लाना है, लेकिन आरक्षण एंट्री के समय होना चाहिए, उसके बाद मेरिट के आधार पर काम होना चाहिए. बाद में मेरिटोक्रेसी के आधार पर लोगों को चुनना चाहिए. उन्होंने कहा कि जब हम किसी को रिक्रूट करते हैं तो उसके वैल्यूज और कल्चर को देखते हैं, ये फिट हो गई तो बाकी चीजें सिखा देते हैं. 

2:45 PM (कल)

पालघर साधू हत्याकांड पर ये कहा 

Posted by :- Mansi Mishra

आद‍ित्य ठाकरे ने ये भी कहा कि पालघर में हुए साधू हत्याकांड में भाजपा के लोग आरोपियों में शामिल थे. उन्होंने पूछा, 'अगर हिंदुत्व की पार्टी है तो आरोपियों को पार्टी में कैसे लिया गया?'  उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने इस मामले को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया. उद्धव ठाकरे ने भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर कहा कि राजनीति में हार-जीत होती रहेगी, लेकिन भ्रष्टाचार मत करो, अपने काम पूरे करो.  उन्होंने बीएमसी चुनाव और भविष्य की युति पर भी कहा कि निर्णय फेयर और नैतिक होना चाहिए.साथ ही आश्वासन दिया कि शिवसेना और परिवारिक गठबंधन मजबूत रहेगा, और मुंबई के हितों के लिए काम करता रहेगा.

2:45 PM (कल)

पर‍िवार के र‍िश्तों पर बोले आद‍ित्य

Posted by :- Mansi Mishra

आद‍ित्य ठाकरे ने राज ठाकरे, आदित्य ठाकरे और पवार परिवार के साथ रिश्तों पर भी खुलकर बात की. उन्होंने कहा, 'युती फेयर ग्राउंड पर होनी चाहिए, हंसी-मजाक के एटमॉस्फियर में.'बताया कि लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बाद भी पारिवारिक रिश्ते कायम हैं, और ये गठबंधन सिर्फ मुंबई और महाराष्ट्र की राजनीति के लिए रणनीतिक है. उन्होंने कहा कि मीडिया और सोशल मीडिया पर भाजपा ने हमेशा मुंबई की बदनामी करने की कोशिश की, जबकि उनके कार्यकाल में न्याय और विकास सुनिश्चित था.

2:44 PM (कल)

'अगर हम भ्रष्टाचारी होते तो BJP की वाशिंग मशीन में पहले ही कूद जाते' 

Posted by :- Mansi Mishra

शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर हमला करते हुए कहा, 'अगर हम भ्रष्टाचारी होते तो बीजेपी की वाशिंग मशीन में हम पहले ही कूद जाते.' अजित दादा, अशोक चव्हाण और भाजपा की भूमिका पर भी वो खुलकर बोले. उन्होंने कहा कि आरोपों पर कार्रवाई नहीं हुई, सत्ता में बैठे रहे. ठाकरे ने बीजेपी पर सवाल उठाया कि उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोपों पर कार्रवाई क्यों नहीं की.उन्होंने कहा, 'अजित दादा और अशोक चव्हाण पर आरोप लगे, आज वे सत्ता में हैं. यही भाजपा की नियत है- आरोप लगाइए, लेकिन कार्रवाई नहीं.' ठाकरे ने बीजेपी पर सवाल उठाए कि क्यों चुनावी गठबंधन में भ्रष्टाचार और राजनीतिक संकट के बावजूद वह एक साथ रहते हैं. देवेंद्र फडणवीस, अजित पवार, मिंडे सभी सत्ता के लिए एक साथ हैं, बावजूद कि आपसी आलोचना होती है.

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2:34 PM (कल)

'हमारे शहर का टैक्स हमारे शहर में खर्च होना चाहिए' 

Posted by :- Mansi Mishra

उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर मुंबई में विकास हो रहा है तो दुनिया में सबसे अमीर बनिए, लेकिन हमारे शहर का टैक्स हमारे शहर में खर्च होना चाहिए. हमारे शहर में भ्रष्टाचार कम से कम होना चाहिए. विकास के लिए किसी का निजी झगड़ा नहीं. उद्धव ठाकरे ने इस मौके पर मुंबई के विकास, धारावी, भूमिपुत्र मराठी नागरिकों के अधिकार और शहर में न्याय के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. उनका संदेश था कि विकास के साथ न्याय और पारदर्शिता जरूरी है और मुंबई को हर वर्ग के लिए अफोर्डेबल और सुरक्षित बनाना उनकी प्राथमिकता है.

2:30 PM (कल)

धारावी के लोगों को न्याय, मुंबई में विकास...अदानी पर क्या बोले आद‍ित्य

Posted by :- Mansi Mishra

शिवसेना (UBT) प्रमुख आद‍ित्य ठाकरे ने मुंबई के विकास, धारावी और टीडीआर को लेकर केंद्र व राज्य सरकार पर हमला बोला. ठाकरे ने कहा कि मुंबई में गरीब और भूमिपुत्र मराठी नागरिकों के अधिकारों को पिछले कुछ सालों में नजरअंदाज किया गया, जबकि उनका कार्यकाल शहर के न्याय और विकास का मॉडल रहा. ठाकरे ने धारावी रिडेवलपमेंट को लेकर साफ कहा कि अगर किसी को मेरे शहर में काम करना है तो हमारे शहर के नियम और टैक्स दें. टीडीआर का मामला देखें, क्यों अदानी को विशेष सुविधाएं? क्यों बाकी लोगों को नहीं? धारावी के लोग कहां जाएंगे? कुम्भारवाड़ा, कोलीवाड़ा, डंपिंग ग्राउंड? हर समुदाय के लोग यहां रहते हैं, तमिल, तेलुगु, मुस्लिम, क्रिश्चियन, मराठी. किसी को नुकसान नहीं होना चाहिए.

उन्होंने टीडीआर और टेंडर प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाया, उन्होंने कहा कि हमारे समय में जो टेंडर बनाए गए थे, वे फ्री और फेयर होते. अदानी जी या कोई भी जीतता. लेकिन धारावी में रहने वाले लोगों को न्याय मिले यानी 500 स्क्वेयर फीट घर. ठाकरे ने ये भी स्पष्ट किया कि अदानी के साथ कोई व्यक्तिगत झगड़ा नहीं है.उन्होंने कहा, 'अदानी से कोई झगड़ा नहीं है. एयरपोर्ट, बिल्डिंग – सब विकास के लिए है. हमारा मुद्दा सिर्फ शहर के नागरिकों को न्याय और उनके अधिकार देने का है.' 

2:29 PM (कल)

मुंबई में महंगाई, भाजपा की व‍िफलता: आद‍ित्य ठाकरे 

Posted by :- Mansi Mishra

आद‍ित्य ठाकरे ने कहा कि हमने मुंबई को अफोर्डेबल रखा, विकास किया, लेकिन आज स्थिति महंगी है. ये भाजपा की विफलता है. ठाकरे ने बुलेट ट्रेन का उदाहरण भी दिया और कहा कि मुंबई को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लाने के प्रयास में भी उनके कार्यकाल में विकास हुआ.मुंबई बुलेट ट्रेन के मामले में पिछड़ी है. अगर विकास सही तरीके से होता, तो क्यों नहीं दिल्ली और नागपुर में बुलेट ट्रेन हुई? उन्होंने कहा कि हमारे 25 सालों के कार्यकाल में मुंबई ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे में कदम रखा. आज भाजपा सिर्फ नारे लगा रही है. ललीद

2:18 PM (कल)

अगर कोई भूमिपुत्र मुंबई में नौकरी पा रहा है तो उसका श्रेय शिवसेना को- आद‍ित्य

Posted by :- Mansi Mishra

आद‍ित्य ठाकरे ने कहा कि बीएमसी के 25 साल के कार्यकाल में मराठी लोगों को न्याय और रोजगार मिला, बैंक, रेलवे, होटल और मल्टीनेशनल कंपनियों में प्राथमिकता दी गई. आज अगर कोई भूमिपुत्र मुंबई में नौकरी पा रहा है, तो उसका श्रेय शिवसेना को जाता है. भाजपा की तीन साल की सरकार में मराठी लोग अन्याय झेल रहे हैं. 

उन्होंने फाइव स्टार होटलों का उदाहरण देते हुए कहा कि जो लोग आज फाइव स्टार होटल में नौकरी पा रहे हैं, उनकी 90% भूमिपुत्र हैं. बीस-पच्चीस सालों से उनके परिवार खुश हैं, उनके आगे की पीढ़ी ट्रेनिंग ले रही है. पर भाजपा ने इन पर ध्यान नहीं दिया. ठाकरे ने हाउसिंग और बीएमसी एस्टेट्स का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि कोलीवाड़ा से मछली वाले आते हैं, उनका रोजगार छीनना ठीक नहीं. मराठी हो इसलिए आपको सोसाइटी में जगह नहीं मिलेगी? ये अन्याय है. बीएमसी में भूमिपुत्रों के लिए हम न्याय दिलाए हैं. 

उन्होंने बीएमसी के विकास और सरकारी योजनाओं को गिनाते हुए कहा कि 92 हजार करोड़ रुपये का सरप्लस, 1,425 स्कूल, 3 लाख छात्र, 8 बोर्ड, प्राथमिक आरोग्य केंद्र और 4 मेडिकल कॉलेज और इलेक्ट्रिक बस सेवा देश में पहली बार शुरू हुई. इसके अलावा  पानी 3.5 रुपए प्रति व्यक्ति प्रति 500 लीटर हुआ. 

2:14 PM (कल)

आद‍ित्य ने पूछा- अगर बांग्लादेशी घुसपैठी घुस रहे हैं तो भाजपा ने क्या किया?

Posted by :- Mansi Mishra

मुंबई में बांग्लादेशियों का नंबर बढ़ने के सवाल पर आद‍ित्य ठाकरे ने कहा कि साल 2012 में मोर्चा था, फिर 2014 में नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने, भरोसा जताया कि छह महीने में सब ठीक करेंगे. अभी 12 साल बाद भी हिंदू खतरे में हैं और बांग्लादेशी घुसपैठी घुस रहे हैं. भाजपा ने क्या किया?

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2:09 PM (कल)

'भाजपा के आरोप और नारे सिर्फ राजनीति का हिस्सा हैं'

Posted by :- Mansi Mishra

आद‍ित्य ठाकरे ने कहा कि धारावी, कोलीवाड़ा और पुराने मराठी बसे इलाकों में भाजपा की सरकार के शासन में मराठी लोगों को अन्याय झेलना पड़ रहा है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि फाइव स्टार होटल बनने के बावजूद, मराठी लोग अपने पुराने घरों में रहने और रोजगार पाने में अड़चन का सामना कर रहे हैं. उन्होंने बांग्लादेशी घुसपैठियों और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर भी भाजपा को घेरा. ठाकरे ने सवाल उठाया कि 2014 में मोदी सरकार बनने के बाद भी मुंबई में हिंदू और मराठी समुदाय को पर्याप्त सुरक्षा और न्याय क्यों नहीं मिल रहा.

ठाकरे ने ये भी कहा कि शिवसेना के कार्यकाल में होटलों, रेलवे, बैंक और मल्टीनेशनल कंपनियों में मराठी युवाओं को रोजगार सुनिश्चित किया गया लेकिन पिछले तीन साल में भाजपा की नीतियों के चलते मराठी रोजगार और हाउसिंग सोसाइटी में न्याय प्रभावित हुआ. आद‍ित्य ठाकरे ने साफ कहा कि मुंबई में मराठी समाज और हिंदू समुदाय के अधिकारों की रक्षा हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है. भाजपा के आरोप और नारे सिर्फ राजनीति का हिस्सा हैं, असल में शहर के विकास और नागरिक न्याय में पिछड़े हैं.

2:07 PM (कल)

आद‍ित्य ठाकरे का आरोप: बीएमसी में मराठी लोगों पर अन्याय, भाजपा नाकाम

Posted by :- Mansi Mishra

शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख आद‍ित्य ठाकरे ने बीएमसी और महाराष्ट्र की सियासत को लेकर भाजपा पर कड़ा हमला किया. उन्होंने कहा कि मुंबई में मराठी और हिंदू नागरिकों के अधिकारों पर पिछले तीन साल में अन्याय हो रहा है, जबकि शिवसेना के 25 साल के कार्यकाल में शहर को विकास और न्याय का मॉडल मिला था. आद‍ित्य ठाकरे ने कहा कि 2012 के बाद केंद्र और राज्य में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार होने के बावजूद 'हिंदू खतरे में' और 'मराठी खतरे में' जैसे नारे लगना गलत है. उन्होंने दावा किया कि शिवसेना के शासनकाल में बीएमसी ने मुंबई को घाटे से 92 हजार करोड़ रुपये के सरप्लस में लाया, सरकारी स्कूलों में वैश्विक बोर्ड लागू किए और स्वास्थ्य, बस सेवा और नौकरियों में मराठी लोगों को प्राथमिकता दी.

2:02 PM (कल)

'मुंबई बेहतर है, लेकिन सस्ती नहीं' 

Posted by :- Mansi Mishra

आद‍ित्य ठाकरे ने ये भी स्वीकार किया कि तमाम सुविधाओं के बावजूद मुंबई आज अफोर्डेबल सिटी नहीं रही. उन्होंने कहा कि हमने सिस्टम मजबूत किया लेकिन आज भी चुनौती यही है कि आम मुंबईकर के लिए शहर सस्ता कैसे बने, ये सवाल अभी बाकी है. 

आद‍ित्य ठाकरे ने बीएमसी की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि मुंबई देश का इकलौता शहर है जहां नगर निगम ने सरकारी स्कूलों में CBSE, ICSE, IB और IGCSE जैसे बोर्ड मुफ्त में लागू किए. उन्होंने बताया कि बीएमसी के 1,235 स्कूलों में करीब 3 लाख छात्र 8 भाषाओं में पढ़ाई कर रहे हैं. स्वास्थ्य सेवाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बीएमसी के पास न सिर्फ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं, बल्कि चार मेडिकल कॉलेज, ट्रॉमा केयर सेंटर और सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल भी हैं जो किसी भी ग्लोबल सिटी के लिए मिसाल है. बीएसटी को लेकर आद‍ित्य ठाकरे ने दावा किया कि देश की पहली इलेक्ट्रिक बस सेवा, सबसे सस्ती बस फेयर और बिजली दरें शिवसेना के कार्यकाल में लागू की गईं.

2:00 PM (कल)

बसी-बसाई मुंबई को बिगाड़ दिया गया: आद‍ित्य ठाकरे 

Posted by :- Mansi Mishra

बीएमसी चुनाव से पहले मुंबई की सियासत में नए समीकरणों और पुराने दावों की गूंज के बीच, आज तक के मुंबई मंथन मंच पर शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख आद‍ित्य ठाकरे ने सीधे तौर पर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि मुंबई महानगरपालिका को घाटे से निकालकर सरप्लस में लाने का काम शिवसेना ने किया, लेकिन 2022 के बाद प्रशासन के जरिए बसी-बसाई मुंबई को बिगाड़ दिया गया.

आद‍ित्य ठाकरे ने कहा कि बीएमसी में शिवसेना का 25 साल का कार्यकाल सिर्फ सत्ता नहीं, बल्कि योजना, वित्तीय अनुशासन और सामाजिक ढांचे को मजबूत करने का दौर रहा है. उन्होंने कहा कि 1997 में जब हमने पहली बार बीएमसी संभाली, तब महानगरपालिका 600 करोड़ रुपये के घाटे में थी. बिना टैक्स बढ़ाए, बिना टोल लगाए, 2022 तक हमने बीएमसी को करीब 92 हजार करोड़ रुपये के सरप्लस तक पहुंचाया.

'काम दिखाया, चेहरे नहीं'

आद‍ित्य ठाकरे ने भाजपा पर अप्रत्यक्ष हमला करते हुए कहा कि जहां शिवसेना ने हर चुनाव में अपने काम को पोस्टर और होर्डिंग्स पर रखा, वहीं भाजपा ने 'सिर्फ चेहरे दिखाए, योगदान नहीं बताया.' उन्होंने कहा कि 2007, 2012 और 2017 के बीएमसी चुनावों में शिवसेना की टैगलाइन साफ थी. 

1:35 PM (कल)

कांग्रेस का दावा- हम सत्ता में नहीं, विपक्ष में थे

Posted by :- Mansi Mishra

सचिन सावंत ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस बीएमसी में लंबे समय से विपक्ष में रही है इसलिए सत्ता के फैसलों की सीधी जिम्मेदारी शिवसेना और बीजेपी की है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा सवाल उठाए, लेकिन मुंबई की जनता ने कभी कांग्रेस को मेयर बनाने का जनादेश नहीं दिया. सावंत ने 1992 के दंगों, राम मंदिर आंदोलन और श्रीकृष्ण आयोग की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि 90 के दशक के बाद की राजनीति ने मुंबई के सामाजिक ताने-बाने पर गहरा असर डाला. 

मुंबई मंथन के मंच पर विधानसभा चुनाव के आंकड़े भी गिनाए गए. शिवसेना (यूबीटी) नेताओं ने कहा कि पार्टी के सबसे खराब प्रदर्शन में भी मुंबई से 10 विधायक चुने गए, जबकि बीजेपी के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन में 12 विधायक ही आए. इसी तरह लोकसभा में शिवसेना (यूबीटी) के 3 सांसद और बीजेपी का सिर्फ 1 सांसद होने का दावा किया गया. 

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1:32 PM (कल)

'30 साल साथ थे, जिम्मेदारी भी साझा'

Posted by :- Mansi Mishra

शिवसेना (यूबीटी) विधायक वरुण सरदेसाई ने कहा कि बीजेपी ये नहीं कह सकती कि उसका बीएमसी से कोई लेना-देना नहीं रहा. उन्होंने कहा कि 1997 से लेकर 2017 तक बीएमसी में हम साथ-साथ सत्ता में थे। अगर विकास का श्रेय हमें मिलता है तो कमियों और भ्रष्टाचार की जिम्मेदारी भी दोनों की है. सरदेसाई ने आरोप लगाया कि बीजेपी अब हर चीज की जिम्मेदारी सिर्फ उद्धव ठाकरे पर डाल रही है, जबकि वह खुद लंबे समय तक सत्ता का हिस्सा रही. 

वहीं विपक्ष ने आरोप लगाया कि बीएमसी के फिक्स्ड डिपॉजिट में रखे करीब 80 हजार करोड़ रुपये के फंड की वैल्यू घटी, जबकि कई प्रोजेक्ट्स की लागत कई गुना बढ़ाई गई. 
कोस्टल रोड को लेकर कहा गया कि उसकी मूल कल्पना पृथ्वीराज चव्हाण के कार्यकाल में हुई थी और बीएमसी ने 100 फीसदी फंडिंग की, इसके बावजूद बीजेपी पूरा श्रेय लेने की कोशिश कर रही है. विपक्ष ने ये भी कहा कि आज मुंबई के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे पोर्ट, एयरपोर्ट, कचरा प्रबंधन, मीठी नदी की सफाई आद‍ि सब निजी कंपनियों को सौंपे जा रहे हैं और शहर को 'बिजनेस मॉडल' की तरह चलाया जा रहा है.

1:29 PM (कल)

बीएमसी पूरी तरह करप्ट बॉडी- सचिन सावंत

Posted by :- Mansi Mishra

कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने कहा कि बीएमसी में भ्रष्टाचार कोई नया मुद्दा नहीं है और यह आम धारणा बन चुकी है कि निगम पूरी तरह भ्रष्ट है. उन्होंने सहारा केस, अवैध निर्माण और बाद में उन्हें वैध करने की योजनाओं का हवाला देते हुए कहा कि मुंबई में जिस पैमाने पर गैरकानूनी निर्माण हुआ, वो सिस्टमेटिक करप्शन की ओर इशारा करता है. सावंत ने कहा कि अगर 1997 से बीएमसी में शिवसेना और बीजेपी साथ-साथ सत्ता में थीं तो आज मुंबई की बदहाली, अव्यवस्था और भ्रष्टाचार की जिम्मेदारी दोनों को लेनी होगी. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में रहते हुए एक-दूसरे पर दोष डालना जनता को भ्रमित करने की कोशिश है।

जांच हुई, कार्रवाई भी हुई- बीजेपी

इस पर बीजेपी की तरफ से जवाब देते हुए कहा गया कि 2014 के बाद जब से देवेंद्र फडणवीस के पास गृह विभाग रहा, भ्रष्टाचार के मामलों में जांच हुई और दोषियों पर कार्रवाई भी की गई. बीजेपी नेताओं का कहना था कि अगर कहीं गड़बड़ी सामने आई, तो सरकार ने आंखें नहीं मूंदी. हालांकि विपक्ष ने पलटवार करते हुए कहा कि अगर सफलता का श्रेय साझा है तो विफलता और भ्रष्टाचार की जिम्मेदारी भी साझा होनी चाहिए. 

1:23 PM (कल)

'बीजेपी पहले वॉशिंग मशीन थी, अब धोबी घाट है'

Posted by :- Mansi Mishra

शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस की ओर से आरोप लगाया गया कि बीजेपी सत्ता के लिए अपने ही आरोपों को धो देती है.विपक्षी नेताओं ने कहा कि जिस पार्टी पर पहले हजारों करोड़ के भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाते हैं, वही पार्टी कुछ दिनों में बीजेपी में शामिल होते ही 'क्लीन' हो जाती है.अजित पवार का जिक्र करते हुए विपक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री ने खुद उन पर हजार करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया था लेकिन पार्टी में शामिल होते ही वही नेता स्वीकार्य हो गए. इसी पर व‍िपक्ष ने कहा कि बीजेपी पहले वॉशिंग मशीन थी, अब धोबी घाट बन चुकी है. 

1:16 PM (कल)

'जिन लोगों पर आरोप थे, उन्हें पार्टी में शामिल क्यों किया गया'

Posted by :- Mansi Mishra

सचिन सावंत (कांग्रेस) और वरुण सरदेसाई (शिवसेना यूबीटी) ने बीजेपी पर डबल स्टैंडर्ड अपनाने का आरोप लगाया. विपक्ष ने कहा कि जब शिवसेना या कांग्रेस किसी दल से गठबंधन करती है तो बीजेपी उसे मुद्दा बनाती है, लेकिन खुद अलग-अलग नगरपालिकाओं में एमएनएस या कांग्रेस के साथ समझौते करती है. अकोला और अंबरनाथ का उदाहरण देते हुए विपक्ष ने दावा किया कि बीजेपी के आधिकारिक लेटरहेड पर नगर निगम अधिकारियों को गठबंधन की जानकारी दी गई है। सवाल उठाया गया कि अगर ऐसे स्थानीय गठबंधन गलत हैं तो बीजेपी उन्हें क्यों कर रही है. सचिन सावंत ने कहा कि कांग्रेस का विरोध उस राजनीति से है जो धर्म, जाति या भाषा के नाम पर समाज को बांटती है. उन्होंने पालघर साधु हत्याकांड का जिक्र करते हुए पूछा कि जिन लोगों पर आरोप थे, उन्हें पार्टी में शामिल क्यों किया गया और विवाद बढ़ने पर उनका प्रवेश क्यों रोका गया. 
 

1:09 PM (कल)

विपक्ष की राजनीति स्थिर नहीं है- वरुण सरदेसाई

Posted by :- Mansi Mishra

शिवसेना (यूबीटी) विधायक वरुण सरदेसाई पर भी शेलार ने निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कभी कांग्रेस के साथ, कभी शरद पवार के साथ और कभी एमएनएस के साथ जाना ये  दर्शाता है कि विपक्ष की राजनीति स्थिर नहीं है. 'मराठी मेयर' और पहचान की राजनीति पर बोलते हुए आशीष शेलार ने साफ कहा कि बीजेपी का रुख स्पष्ट है. 'मराठी ही होगा और हिंदू मराठी ही होता है.' उन्होंने इसे तुष्टिकरण की राजनीति के खिलाफ लड़ाई बताया और कहा कि जो भी अपीजमेंट की राजनीति करेगा, बीजेपी उसके खिलाफ खड़ी रहेगी. कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए शेलार ने कहा कि मुंबई ब्लास्ट के दोषी याकूब मेमन की कब्र सजाने और उसे माफ करने की बात उठाने वालों को उस समय संविधान और सुप्रीम कोर्ट याद नहीं आए. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में कांग्रेस और उसके सहयोगियों का रुख तुष्टिकरण की राजनीति को दर्शाता है. बीजेपी के गठबंधन को लेकर उठ रहे सवालों पर शेलार ने कहा कि पार्टी किससे गठबंधन करेगी या नहीं करेगी, इस पर किसी और को सलाह देने का अधिकार नहीं है.
 

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1:05 PM (कल)

बीएमसी चुनाव से पहले 'कन्वीनियंस बनाम कन्विक्शन' की बहस, आशीष शेलार का विपक्ष पर तीखा हमला

Posted by :- Mansi Mishra

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और बीजेपी नेता आशीष शेलार ने कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) पर सीधा हमला बोलते हुए उन्हें 'पॉलिटिक्स ऑफ कन्वीनियंस' करने वाला बताया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब विचारधारा यानी कन्विक्शन की राजनीति नहीं, बल्कि सुविधा की राजनीति कर रही है. शेलार ने कांग्रेस नेता सचिन सावंत को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में बड़े पद पर पहुंचने की शुभकामनाएं दीं, लेकिन साथ ही तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस को अब ये तय करना चाहिए कि वो सुविधा के लिए गठबंधन करेगी या अपने सिद्धांतों पर खड़ी रहेगी. उन्होंने याद दिलाया कि अतीत में शिवसेना और कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के बीच तीखे बयान दिए गए थे, इसके बावजूद आज साथ आना 'कन्वीनियंस की राजनीति' का उदाहरण है. 

1:01 PM (कल)

किसी पद को धर्म या समुदाय से जोड़ना असंवैधानिक- सच‍िन सावंत 

Posted by :- Mansi Mishra

कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने इस गठबंधन पर खुलकर आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का अस्तित्व सत्ता से नहीं, बल्कि मूल विचारधारा से जुड़ा है. सावंत के मुताबिक राजनीति अगर धर्म, जाति, भाषा या प्रांत के नाम पर लोगों को बांटती है, तो कांग्रेस उसका विरोध करती रहेगी. उन्होंने साफ कहा कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना जिस तरह की राजनीति करती रही है, उसका कांग्रेस 2006 से विरोध करती आई है. अगर शिवसेना ने पहले कांग्रेस से राय ली होती, तो पार्टी अपनी आपत्ति पहले ही दर्ज करा देती.

'मराठी मेयर' के मुद्दे पर बहस और तीखी हो गई. सचिन सावंत ने कहा कि मुंबई महाराष्ट्र की राजधानी है और मेयर का मराठी होना स्वाभाविक है, लेकिन किसी पद को धर्म या समुदाय से जोड़ना असंवैधानिक है. उन्होंने मुख्यमंत्री की कुछ टिप्पणियों को संविधान और डॉ. आंबेडकर के विचारों के खिलाफ बताया और कहा कि किसी एक वर्ग के लिए पद तय करना लोकतंत्र की भावना के विपरीत है.

वहीं मंच पर मौजूद मंत्री आशीष शेलार ने बीएमसी और मुंबई प्रशासन में अपने लंबे अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव विकास और प्रशासन के मुद्दों पर होने चाहिए. हालांकि ‘हिंदू–मराठी’ जैसे नारों की शुरुआत किसने की, इस पर नेताओं के बीच आरोप प्रत्यारोप चलता रहा.

12:58 PM (कल)

बीएमसी चुनाव से पहले मंच पर सियासी तल्खी, गठबंधन और ‘मराठी मेयर’ पर खुलकर भिड़े नेता

Posted by :- Mansi Mishra

मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव से पहले सियासी माहौल गर्माता दिखा. आजतक के मुंबई मंथन मंच पर महाराष्ट्र सरकार के मंत्री आशीष शेलार, कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी सचिन सावंत और शिवसेना (यूबीटी) विधायक वरुण सरदेसाई के बीच गठबंधन, सीट शेयरिंग और पहचान की राजनीति को लेकर खुली बहस देखने को मिली. बातचीत में जहां महाविकास आघाड़ी की मजबूरियों और सीमाओं पर चर्चा हुई, वहीं मराठी मेयर और राजनीति में भाषा-धर्म के इस्तेमाल जैसे मुद्दों पर तीखी टिप्पणियां भी सामने आईं.

शिवसेना (यूबीटी) विधायक वरुण सरदेसाई ने कहा कि बीएमसी चुनाव कांग्रेस, एनसीपी और अन्य विपक्षी दलों के साथ मिलकर लड़ने की कोशिश की गई थी, ठीक वैसे ही जैसे विधानसभा चुनाव महाविकास आघाड़ी के तहत लड़े गए थे. हालांकि सीट शेयरिंग पर सहमति नहीं बन पाई. उन्होंने जोर दिया कि पिछले 30 वर्षों में बीएमसी में शिवसेना के कामकाज के दम पर पार्टी एक बार फिर जनता के बीच जा रही है. सरदेसाई ने यह भी बताया कि इस बार शरद पवार की एनसीपी और राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ा जाएगा. 

12:41 PM (कल)

बीएमसी को घोटालों के कल्चर से निकालना चुनौती- फडणवीस

Posted by :- Bikesh Tiwari

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बीएमसी में पैसों के खेल को लेकर सवाल पर कहा कि हमने ऑडिट कराई थी. 200 रास्ते बने थे, उनमें नीचे की परत ही गायब थी. हमने कई घोटाले मुंबई में पकड़े हैं. महायुति जब चुनकर आएगी, तब हमारे सामने यह चैलेंज है घोटालों के कल्चर और दलालों के चंगुल से छुड़ाना. अगले चार-छह महीनों में हम एआई का मॉडल तैयार करेंगे. एआई के माध्यम से ही वह उसको रीड करेगा कि डीपीआर के मुताबिक फिट होता है कि नहीं. उन्होंने एक सवाल पर कहा कि हमारी पार्टी में न मैनेजमेंट चलता है, ना ही सेटिंग. हमारी पार्टी में निर्णय लेने की एक प्रक्रिया है. यह सुप्रीम कोर्ट का निर्णय है, इसमें अपील नहीं होती. पार्टी कहती कि घर चले जाओ, तो घर चला जाता. डिप्टी सीएम बनना पड़ा तो दर्द हुआ, लेकिन वह इसलिए नहीं हुआ कि डिप्टी सीएम बन रहा. वह इसलिए हुआ था कि लोग कहेंगे कि सत्ता का लालची है, मुख्यमंत्री नहीं मिला तो उपमुख्यमंत्री बन गया. पार्टी ने कहा, तो हां कह दिया. उपमुख्यमंत्री बन के जितना आशीर्वाद मिला, उतना मुख्यमंत्री बनता तो भी नहीं मिलता. उन्होंने उद्धव ठाकरे अनप्रेडिक्टेबल आदमी बताया और कहा कि राज ठाकरे मुझे कनफ्यूज आदमी लगते हैं. 16 तारीख के बाद हम वापस साथ में चाय पिएंगे.एकनाथ शिंदे पक्के दोस्त हैं, मर्द आदमी हैं, शेर आदमी हैं. अजित पवार मेरे राजनीतिक मित्र हैं और राजनीति में अजित पवार डिपेंडेबल आदमी हैं. हमारी अंडरस्टैंडिंग अच्छी है. दोस्तों के खिलाफ कुछ बोलूंगा ही नहीं, नगर पालिका के चुनाव में इसका पालन किया है. आदित्य ठाकरे एक अच्छे राजनेता बनने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन गलत समय पर गलत निर्णय लेते हैं. इससे उनकी राजनीति नीचे जा रही है. देवेंद्र फडणवीस बीजेपी का समर्पित कार्यकर्ता है. ऐसा नेता है, जो कहीं डाल दीजिए, काम करता है. महाराष्ट्र की पॉलिटिक्स को लेकर सीरीज के सवाल पर उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र बहुत रंगीला है. यहां की राजनीति पर कोई वेबसीरीज बनेगी, तो नाम बहुत सोचना होगा. कभी हां कभी ना, कल क्या होगा... ये नाम भी दे सकते हैं. 2019 के बाद की राजनीति ने जिस तरह से करवटें बदली हैं, मैं खुद भी अलग ही मैच्योरिटी पर पाता हूं खुद को. जो चीजें कहता था कि ये हो ही नहीं सकता, वह भी हो रहा है.  

12:30 PM (कल)

'डिनो मॉरियो कब से कॉन्ट्रैक्टर बन गए...', CM फडणवीस ने उद्धव ठाकरे को घेरा

Posted by :- Bikesh Tiwari

मुंबई में जाम की समस्या को लेकर देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इसकी स्थिति दिल्ली से तो बहुत बेहतर है. मुंबई के लोग धैर्य के साथ ट्रैफिक नियमों का पालन करते हैं. उन्होंने ट्रैफिक सिस्टम ठीक करने के लिए सबअर्बन रेलवे से मेट्रो तक, महाराष्ट्र सरकार के प्रयास गिनाए और कहा कि आप एक सिंगल ऐप पर अपना पूरा ट्रैवल प्लान तैयार कर सकते हो और एक टिकट पर किसी भी पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि मुंबई का 80 फीसदी ट्रैफिक वेस्टर्न एक्सप्रेसवे से जाता है. हम उसके समानांतर लूपलाइन तैयार कर रहे हैं. सीएम फडणवीस ने कहा कि हम अटल सेतु को एक टनल के माध्यम से जोड़ना चाहते हैं. हम वाटर ट्रांसपोर्ट शुरू कर रहे हैं. हम पूरे मुंबई को इंटीग्रेट करने का काम करेंगे. टाइमलाइन के सवाल पर सीएम फडणवीस ने कहा कि ये जेनजी है, शादी कब होगी पता नहीं. अब शादियां लोग 28 साल, 30 साल, 35 साल में लोग कर रहे हैं. मुंबई को स्लम फ्री बनाने को लेकर सवाल पर फडणवीस ने कहा कि धारावी के पुनर्विकास की शुरुआत हमने कर दी. हम 10 लाख लोगों को बसा रहे हैं. आज लोगों के मन में यह विश्वास जागृत हो गया है कि ये हो सकता है. अब हमने घरों की डिलीवरी शुरू की है. हम नए डेवलपर लाए हैं. अब मुझे कॉन्फिडेंस है कि अगले सात से आठ साल में स्लम फ्री कर लेंगे. मीठी नदी का कचरा कुछ लोग खा गए. 80 करोड़ रुपये का तो काम ही नहीं हुआ है, उसका बिल निकल गया. स्कूटर से कचरा निकाल लिए. ये उद्धव सरकार के समय हुआ. हमारी सरकार के समय पकड़े गए. जो कचरा ट्रांसपोर्टेशन दिखाते थे, वह हो ही नहीं रहा था. डिनो मॉरियो का नाम आया तो क्या करें. हमको तो पता है कि वो एक्टर हैं, कब से कॉन्ट्रैक्टर बन गए. आदित्य ठाकरे के वो दोस्त हैं, सबको पता है. अभी तक की जांच में उनका रोल दिख रहा है, पुलिस बताएगी. लीगल जवाबदेही पुलिस तय करेगी, लेकिन मोरल रिस्पॉन्सबिलिटी उद्धव ठाकरे की है. साढ़े तीन साल में कितनी सफाई की, इस पर फडणवीस ने कहा कि हमने एक्शन प्लान तैयार किया है. उसके टेंडर्स हुए हैं और अब काम चालू होगा. अगले चार से पांच साल में इसे पूरा करेंगे. मुंबई को जलभराव से मुक्ति के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस बार ट्रैफिक रुकने की खबरें कम ही आई. मुंबई तटीय शहर है. बारिश का पानी समुद्र में ही जाता है. हाईटाइड वापस भेजता है. शिंदे मुख्यमंत्री बने, हमने कई पंपिंग स्टेशन का काम पूरा किया. हंड्रेड परसेंट पूरा हो जाएगा, तो जलभराव बंद हो जाएगा. मुंबई को अलग करने, बीएमसी खत्म करने के आरोप पर फडणवीस ने कहा कि एमएमआरडीए की स्थापना 30-40 साल पहले हुई थी. पिछले साल में एमएमआरडीए ने कुछ काम किया, पहले नहीं करता था. मुंबई में तो बीएमसी ही काम करता है. मुंबई के बाहर एमएमआरडीए को हमने काम दिया. उद्धव ठाकरे ने मेट्रो में योगदान देने से इनकार कर दिया, तब हमने एमएमआरडीए से योगदान दिया. इसके बावजूद, एमएमआरडीए का बीएमसी के क्षेत्र में कोई अतिक्रमण नहीं है. हमने इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कराया.

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12:14 PM (कल)

हम सारे हिंदू हैं इसलिए एक हैं, हमारी आत्मा हिंदुत्व- फडणवीस

Posted by :- Bikesh Tiwari

बीएमसी में बीजेपी मेयर के सवाल पर फडणवीस ने कहा कि हमारे अलायंस का मेयर बनेगा. वो हिंदू बनेगा, मराठी बनेगा. चेन्नई की महानगर पालिका का चुनाव हो, तो लोग कहेंगे न कि तमिल महापौर बनेगा. मुंबई में वैसे ही मराठी महापौर बनेगा. मैं हिंदू हूं, मैं मराठी हूं. मुझे इस बात का गर्व है. मराठी में कोई भेद नहीं है. जिनकी रगों में छत्रपति शिवाजी का खून बहता है, जो उनके विचारों पर चलते हैं, वह सभी मराठी हैं. जो अन्य राज्यों से आकर यहां बसे हुए हैं, वह भी मुंबइकर हैं. भले उनकी भाषा हिंदी होगी. अगर मुंबई के गणेश उत्सव में देखें तो मुंबई का हर नागरिक पूरे उल्लास के साथ मनाता है. हम सारे हिंदू हैं, इसलिए एक हैं. हमारी आत्मा हिंदुत्व है. कोई बांग्लादेशियों को हटाने की बात कह रहा है, तो अच्छी बात है, हम भी हटा रहे हैं. हमने अवैध घुसपैठियों को निकाला है. बहुत प्रचार नहीं किया, लेकिन भारत से बांग्लादेशियों को डिपोर्टेशन में सबसे ज्यादा नंबर हमारा है. हमने इनकी सारी चीजें समझ ली हैं और आने वाले दिनों में एक-एक को वापस भेजेंगे. एक भी बांग्लादेशी यहां नहीं रहने देंगे.

12:09 PM (कल)

महाराष्ट्र में मुस्लिमों के मसीहा बने उद्धव- फडणवीस

Posted by :- Bikesh Tiwari

सीएम फडणवीस ने कहा कि तीन हजार से ज्यादा पार्षदों के चुनाव हो रहे हैं. हमारी इतनी ताकत थी, तो मुंबई में एक भी निर्विरोध क्यों नहीं हुआ. उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की पार्टियां कमजोर हो गई हैं. पूरा फओकस इन्होंने मुंबई पर कर दिया, इनको उन शहरों में उम्मीदवार ही नहीं मिले, इसके लिए मैं क्या कर सकता हूं. कांग्रेस के समय 35 सांसद निर्विरोध आए, क्या तब भारत के संविधान को खतरा था. उनका वजूद क्या है. उद्धव-राज के साथ आने पर चुनौती के सवाल पर उन्होंने कहा कि जन्म से संपत्ति मिलती है, विचारों की विरासत नहीं. ये दो भाई 2009 में अगर साथ आते, तो शायद महाराष्ट्र की राजनीति बदल सकती थी. दोनों ने अपना वोटबैंक लूज कर दिया है. बार-बार पोजिशन बदली है. मुंबई में हमारी महायुति अप्रत्याशित विजय पाने वाली है. समय बहुत बदल चुके हैं. इस चुनाव में उनकी पार्टी को शिकस्त देकर रहेंगे. कांग्रेस से गठबंधन करते तो उन्हें उसे सीटें देनी पड़तीं. उद्धव ठाकरे को लगता है कि मुस्लिम वोटर मेरा वोटबैंक हो गया है. अभी उनको कॉन्फिडेंस है और इसलिए कांग्रेस को दरकिनार कर अलग से लड़ रहे हैं. ऐसा नहीं होता तो छत्रपति संभाजीनगर में रसीद मामू जैसे व्यक्ति को उद्धव ठाकरे ने अपनी पार्टी में लिया. बालासाहेब होते, तो क्या वे उसे अपनी पार्टी में लेते. महाराष्ट्र में मुस्लिमों के मसीहा उद्धव जी बने हैं. 

12:03 PM (कल)

महायुति में सब ठीक, कोई अनबन नहीं- फडणवीस

Posted by :- Bikesh Tiwari

सीएम देवेंद्र फडणवीस ने गठबंधन को लेकर भ्रम की स्थिति पर कहा कि यह कार्यकर्ता का चुनाव है. हम तीनों ने साथ बैठकर यह निर्णय लिया था, यह रणनीतिक निर्णय था. हम साथ-साथ हैं. उन्होंने अंबरनाथ और अकोट को लेकर कहा कि अंबरनाथ में कांग्रेस के साथ अलायंस नहीं हुआ है. कांग्रेस के 12 कॉर्पोरेटर्स हमारे साथ आए हैं. अकोट को लेकर सीएम फडणवीस ने कहा कि वहां शिंदे नहीं थे. कोल्ड वॉर को लेकर सवाल पर उन्होंने कहा कि एक कैबिनेट मीटिंग में शिंदे जी नहीं आए. मीडिया में अनबन की बात चलने लगी. इसे साफ करने के लिए मुझे भी आना पड़ा और शिंदे जी को भी. कुछ मुद्दों पर हमारे मत अलग होते हैं. हम दो पार्टियों के लोग हैं. कल्याण डोंबिवली में अलायंस की बात आई, पिछली बार पार्षद उनके ज्यादा थे. हमने कम जगह ली और उनसे अलायंस किया. जलगांव में हमारा बहुमत आया था, इस बार हमने 23 सीटें देकर गठबंधन किया. हमने 57 की जगह 47 सीटें लीं. हमारा सब अच्छा चल रहा है. 

11:56 AM (कल)

उत्तर भारतीय मेयर पर कूदने वाले बुर्के वाली मेयर पर चुप- फडणवीस

Posted by :- Bikesh Tiwari

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि हम नेशन फर्सट की विचारधारा वाले हैं. उन्होंने मराठी गैर मराठी मेयर के मुद्दे पर कहा कि हमारी पार्टी के एक नेता मीराभायंदर गए. वहां उन्होंने कहा कि कोई उत्तर भारतीय मुंबई का मेयर बनेगा. उसको लेकर ही ये मुद्दा बना. उत्तर भारतीय कोई बाहर के लोग तो नहीं हैं. वारिस पठान ने बुर्के वाली मेयर की बात की, तो इनका मुंह बंद हो गया. इसलिए हमने कहा कि यहां हिंदू और मराठी महापौर बनेगा. देवेंद्र फडणवीस ने ठाकरे बंधुओं के साथ आने को लेकर कहा कि मुझे बालासाहेब ठाकरे आशीर्वाद दे रहे होंगे. घर जोड़ना तो अच्छा काम है. उन्होंने कहा कि हमारे खिलाफ लड़ के भी इन्होंने देख लिया. हमारी एक भी सीट कम नहीं हुई. हम तीन चुनाव से नंबर वन हैं. मराठी, गैर मराठी...सब हमारे वोटर हैं. सब हमको वोट देते हैं. दोनों भाई साथ आए, तब भी हमारा वोट कम नहीं होने वाला.

11:31 AM (कल)

'जो हो रहा है, वह विचारधारा से परे...', अंबरनाथ में बीजेपी-कांग्रेस गठबंधन पर बोले शिंदे

Posted by :- Bikesh Tiwari

एकनाथ शिंदे ने अंबरनाथ के गठबंधन को लेकर सवाल पर कहा कि हमने इसे लेकर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष से बात की थी. सीएम देवेंद्र फडणवीस से बात की थी. हमने कहा था कि देखो वहां क्या हो रहा है. वहां जो हो रहा है, वह विचारधारा से परे है. उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे कुर्सी के लिए नहीं लड़ता. सत्ता महायुति के पास ही है न. डिप्टी सीएम शिंदे ने कहा कि हम डॉक्टर नहीं हैं, फिर ऑपरेशन किया. हम महाराष्ट्र के लिए काम करते हैं. मुंबई को पूरी तरह गड्ढामुक्त करेंगे. 

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10:57 AM (कल)

मुंबई को कमजोर करने की मुहिम चल रही- संजय राउत

Posted by :- Bikesh Tiwari

संजय  राउत ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से मुंबई को कमजोर करने की मुहिम चल रही है. आप अलग मुंबई बनाइए ना. जहां ठाकरे, वहां शिवसेना. शिवसेना शिंदे अमित शाह की बनाई हुई पार्टी है. जब तक अमित शाह हैं, तब तक दुकान चल रही है. उन्होंने कहा कि मेरे हाथ में चुनाव आयोग होता, पुलिस होती तो बीजेपी के चार टुकड़े कर देता. ठाकरे बंधुओं ने यही कहा है कि मुंबई को बचाना है. मुंबई का डेथ वारंट दिल्ली से निकल चुका है, इसे हमें रोकना होगा. कांग्रेस के साथ गठबंधन का सवाल है, हम लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव में साथ थे. हम सब मिलकर मुंबई में भगवा लहराएंगे. मुंबई में शिवसेना ने 23 मेयर दिए हैं. हम मुंबई में मराठी मेयर बनाएंगे. हिंदू मराठी क्या बात है, मराठी हिंदू नहीं है क्या.

9:43 AM (कल)

उद्धव के संजय सेशन से होगी शुरुआत

Posted by :- Bikesh Tiwari

आजतक के आयोजन मुंबई मंथन की शुरुआत उद्धव के संजय सेशन से होगी. उद्धव के संजय सेशन में उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद संजय राउत शामिल होंगे. संजय राउत बीएमसी चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति को लेकर खुलकर बातचीत करेंगे. 

9:42 AM (कल)

मुंबई में आज सजेगा 'मुंबई मंथन' का मंच

Posted by :- Bikesh Tiwari

महाराष्ट्र में बीएमसी और अन्य नगर निकायों के चुनाव हो रहे हैं. नगर निकाय चुनाव की गहमागहमी के बीच महाराष्ट्र की राजधानी में 'मुंबई मंथन' का मंच सज रहा है. आज यानी 8 जनवरी को होने जा रहे आजतक के इस आयोजन में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के साथ ही उद्धव ठाकरे भी शामिल होंगे. इस आयोजन में कई फिल्मी हस्तियां भी शिरकत करेंगी.

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