मुंबई के आरे पुलिस थाने ने एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की के अपहरण और उसे बिहार ले जाकर शादी कराने के मामले का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने तकनीकी जांच और मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी को बिहार के समस्तीपुर से गिरफ्तार किया. वहीं बच्ची को सुरक्षित बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया गया है.
जानकारी के अनुसार, 20 अप्रैल 2026 को सुबह करीब 2 बजे सरिपूत नगर इलाके में रहने वाली 17 वर्षीय लड़की घर से लापता हो गई थी. परिजनों ने बताया कि वह पास के बीएमसी स्कूल में किताब जमा करने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी. परिवार ने आसपास काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. इसके बाद आरे पुलिस स्टेशन में अपहरण का मामला दर्ज कराया गया.
17 वर्षीय नाबालिग लड़की का हुआ अपहरण
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता के तहत जांच शुरू की. जांच की जिम्मेदारी पुलिस उपनिरीक्षक सचिन पाचाण और उनकी टीम को सौंपी गई. टीम ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच की. जांच में सामने आया कि लड़की का मोबाइल लोकेशन पहले दिल्ली में ट्रेस हुआ.
इसके बाद आरे पुलिस की टीम तुरंत दिल्ली पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से जांच आगे बढ़ाई. जांच में पता चला कि संदिग्ध युवक एक किराना दुकान में काम करता था. पूछताछ के दौरान जानकारी मिली कि आरोपी मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर जिले का रहने वाला है और वह नाबालिग लड़की को अपने साथ बिहार ले गया था.
इसके बाद पुलिस टीम ने बिहार के समस्तीपुर में दबिश दी और स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी को हिरासत में ले लिया. मौके से लड़की को सुरक्षित बरामद कर लिया गया. इसके बाद आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई लाया गया. गिरफ्तार आरोपी की पहचान 23 वर्षीय पासवान के रूप में हुई है. पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया गया.
पुलिस ने समस्तीपुर में दबिश देकर आरोपी को किया अरेस्ट
आरे पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रवींद्र पाटील ने लोगों से अपील की है कि इंस्टाग्राम जैसी सोशल मीडिया दोस्तियों में सावधानी बरती जाए, क्योंकि कई बार यह बच्चों के लिए खतरा बन सकती हैं. पुलिस ने इस पूरे मामले की जांच जारी रखी है.