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'बॉलीवुड में सबसे ज्यादा कंट्रीब्यूशन मुस्लिम माइनॉरिटी का, कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे', बोले शरद पवार

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने पिछले दिनों दिल्ली में मुस्लिम बुद्धिजीवियों से मुलाक़ात की थी. साथ ही दशहरे के मौके पर हुए कर्यक्रम में मुस्लिमों के साथ संवाद की बात की थी. अब NCP के अध्यक्ष शरद पवार भी मुसलमानों को साधने में लगे हुए हैं. लिहाजा, नागपुर में शनिवार को शरद पवार ने विदर्भ के मुस्लिम इंटेलेक्चुअल फोरम में लोगों के साथ बैठक की.

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NCP के अध्यक्ष शरद पवार (फाइल फोटो)
NCP के अध्यक्ष शरद पवार (फाइल फोटो)

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने पिछले दिनों दिल्ली में मुस्लिम बुद्धिजीवियों से मुलाक़ात की थी. इसके बाद उन्होंने नागपुर में दशहरे के मौके पर हुए कर्यक्रम में मुस्लिमों के साथ संवाद की बात की. अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अध्यक्ष शरद पवार भी मुसलमानों को साधने में लगे हुए हैं. लिहाजा, नागपुर में शनिवार को शरद पवार ने विदर्भ के मुस्लिम इंटेलेक्चुअल  फोरम में लोगों के साथ बैठक की.

इस बैठक में विदर्भभर से मुस्लिम समुदाय के कई बुद्धिजीवी शामिल हुए. इस बैठक में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने शरद पवार के सामने अपनी समस्याएं बताईं. मीटिंग के दौरान पवार ने कहा कि वह 15 दिन के भीतर दोबारा बैठक करने के लिए नागपुर आएंगे. साथ ही कहा कि कैसे मुस्लिम समुदाय अपना हक हासिल करेगा, इसका रास्ता बताएंगे. शरद पवार ने कहा कि मुस्लिम समुदाय के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे.

बैठक में शरद पवार ने कहा कि आज इस देश में आर्ट, राइटर और कविता के क्षेत्र में कंट्रीब्यूट करने की ताकत माइनॉरिटी में है. इतना ही नहीं, बॉलीवुड को आज दुनिया जानती है, लेकिन बॉलीवुड में सबसे ज्यादा कंट्रीब्यूशन भी मुस्लिम माइनॉरिटी का है.

दिल्ली में भागवत ने की थी मुलाकात


सितंबर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत ने ऑल इंडिया मुस्लिम इमाम ऑर्गेनाइजेशन के प्रमुख इमाम उमर अहमद इलियासी समेत अन्य मुस्लिम नेताओं से मुलाकात की थी. इससे पहले संघ प्रमुख भागवत ने 22 अगस्त को मुस्लिम बुद्धिजीवियों के एक पांच सदस्यीय दल से मुलाकात की थी. यह बैठक करीब दो घंटे चली थी. इस बैठक में देश में सांप्रदायिक सौहार्द मजबूत करने और हिंदू-मुस्लिमों के बीच गहरी हो रही खाई को पाटने की जरूरत पर बल दिया गया था. 


बैठक में हुई थी ये चर्चा


संघ प्रमुख मोहन भागवत से मिलने वालों में पूर्व सांसद शाहिद सिद्दीकी, पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी, पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति जमीरुद्दीन शाह और कारोबारी सईद शेरवानी शामिल थे. शाहिद सिद्दीकी ने बताया था कि इस दौरान देश में सांप्रदायिक सौहार्द को मजबूत करने और अंतर-सामुदायिक संबंधों में सुधार पर व्यापक चर्चा हुई. संघ प्रमुख ने बैठक के दौरान साफ तौर पर कहा कि हमें न तो इस्लाम से कोई दिक्कत है, न कुरान से और न ही मुसलमानों से. ऐसे में हमें भी गलतफहमी को दूर करना चाहिए और एक दूसरे के लिए अपने-अपने दिलों के दरवाजे खोलने चाहिए ताकि माहौल अच्छा हो सके. 
 


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