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'मुंब्रा को हरे कलर में रंग देंगे...', महाराष्ट्र में AIMIM की पार्षद के बयान पर बवाल

महाराष्ट्र निकाय चुनाव में एआईएमआईएम (AIMIM) की जीत के बाद ठाणे से नवनिर्वाचित पार्षद सहर शेख का एक वीडियो चर्चा में है. इसमें वे आने वाले चुनावों में मुंब्रा को 'हरे रंग' में रंगने की बात कह रही हैं. विवाद बढ़ने पर उन्होंने स्पष्ट किया कि हरा रंग उनकी पार्टी के झंडे का प्रतीक है, इस लिए उन्होंने ये बात बोली.

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 महाराष्ट्र में AIMIM की पार्षद के बयान पर हंगामा. (Photo: ITG/ Abhijit Karande)
महाराष्ट्र में AIMIM की पार्षद के बयान पर हंगामा. (Photo: ITG/ Abhijit Karande)

महाराष्ट्र में संपन्न हुआ निकाय चुनाव में हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) ने बड़ी छलांग लगाते हुए 126 सीटों पर जीत दर्ज की है. इसी क्रम में ठाणे महानगर पालिका के वार्ड नंबर 30 से पार्षद चुनी गईं AIMIM की युवा नेता सहर शेख का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह आने वाले चुनावों में मुंब्रा को हरे रंग में रंगने की अपील कर रही हैं. हालांकि, उन्होंने बाद में अपने इस बयान पर सफाई दी है.  

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा सहर शेख का ये वीडियो उनके पार्षद चुने जाने के बाद का बताया जा रहा है, जिसमें वह कहती हैं, 'कैसे हराया... उन लोगों के घमंड की धज्जियां उड़ाई हैं आपने, जिसको लगता था कि हम ताल्लुक के मोहताज हैं. पर वो लोगों भूल गए हैं कि हम सिर्फ और सिर्फ अल्लाह के मोहताज हैं, किसी के बाप के नहीं...'

'मुंब्रा का हरे रंग में रंगना...'

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि आने वाले पांच सालों में, जब भी महाराष्ट्र में इलेक्शन होंगे तो आप  लोगों को उस इलेक्शन में इससे भी बड़ा मुंहतोड़ जवाब उनको देना है और पूरे के पूरे मुंब्रा को हरे रंग ऐसे रंगना है कि इन लोगों को बुरी तरह पछाड़ कर भेजना है. 

उन्होंने कहा कि पांच साल बाद हर उम्मीदवार AIMIM का होगा, क्योंकि आप इलेक्शन में मजलिस (जनसभा) की ताकत को समझ चुके हैं.

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'मेरी पार्टी के झंडे का कलर...'

हालांकि, बाद में जब उनके इस बयान को लेकर बवाल बढ़ा तो उन्होंने सफाई भी दी है और कहा कि मैंने हरा रंग इसलिए बोला कि मेरी पार्टी के झंडे का कलर यही है, अगर मेरी पार्टी का कलर- पीला, भगवा या कोई और रंग होता तो मैं बोली की मुंब्रा को उस कलर में रंगना है. ये बात पार्टी लेबल पर बोली गई थी, लेकिन विपक्ष ने इसको धार्मिक एंगल दे दिया है. 

उन्होंने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि संविधान में भी कहीं नहीं लिखा है कि कौन का कलर किस समुदाय का है. सब रंग सभी के हैं, इंद्रधनुष में कितने रंग होते हैं.

वहीं, चुनावी प्रक्रिया के दौरान टिकट को लेकर हुए विवाद पर सहर शेख ने खुलकर आरोप लगाए. उन्होंने बताया कि फॉर्म जमा करने के आखिरी दिन तक उन्हें शरद पवार गुट की पार्टी की तरफ से टिकट मिलने का भरोसा था, लेकिन स्थानीय दबाव के कारण उनका टिकट काट दिया गया. इसके बाद उन्होंने AIMIM का दामन थामा और भारी मतों से जीत हासिल की और सीधे तौर पर जितेंद्र आव्हाड को चुनौती दी.

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