महाराष्ट्र सरकार ने धर्म परिवर्तन को लेकर एक अहम कदम उठाया है. राज्य कैबिनेट ने गुरुवार को धर्म परिवर्तन पर रोक लगाने से जुड़ा एक ड्राफ्ट बिल मंजूर कर लिया है. इस प्रस्तावित कानून के तहत किसी भी शख्स को धर्म परिवर्तन करने से पहले संबंधित प्राधिकरण से अनुमति लेना अनिवार्य होगा.
अधिकारियों के मुताबिक इस बिल में कई महत्वपूर्ण प्रावधान रखे गए हैं. इसके अनुसार जो भी व्यक्ति किसी दूसरे धर्म में परिवर्तन करना चाहता है, उसे कम से कम 60 दिन पहले संबंधित प्राधिकरण को लिखित सूचना देनी होगी. साथ ही उस प्राधिकरण से अनुमति भी लेनी होगी.
धर्म परिवर्तन से पहले 60 दिन की सूचना देना होगा अनिवार्य
बिल में यह भी कहा गया है कि धर्म परिवर्तन होने के बाद उसे 25 दिनों के भीतर संबंधित प्राधिकरण के पास पंजीकृत कराना जरूरी होगा. यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर धर्म परिवर्तन का पंजीकरण नहीं कराया जाता है, तो उस परिवर्तन को अमान्य माना जाएगा.
प्रस्तावित कानून में शिकायत दर्ज कराने का भी प्रावधान रखा गया है. अगर किसी व्यक्ति के रक्त संबंधी रिश्तेदार को यह लगता है कि धर्म परिवर्तन गैरकानूनी तरीके से कराया गया है, तो वह इसकी शिकायत कर सकता है. ऐसी स्थिति में पुलिस प्राथमिकी दर्ज करेगी और मामले की जांच की जाएगी.
जबरन, लालच या धोखे से धर्म परिवर्तन पर सख्ती का प्रावधान
बिल में यह भी स्पष्ट किया गया है कि धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार किसी को भी बल, धोखाधड़ी या लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने की अनुमति नहीं देता. हालांकि यह अधिकार लोगों को ऐसे अवैध धर्म परिवर्तन से सुरक्षा देने का भी प्रावधान करता है. महाराष्ट्र सरकार का यह प्रस्तावित बिल अब आगे की प्रक्रिया के लिए तैयार किया गया है और इसे लागू करने के लिए कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी.