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महाराष्ट्र के सीएम फड़नवीस की पहली परीक्षा 12 नवंबर को...

महाराष्ट्र विधानसभा का तीन दिवसीय सत्र 10 नवंबर को शुरू होगा, जिस दौरान देवेंद्र फड़नवीस की अगुवाई वाली सरकार विश्वास मत हासिल करेगी. मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों के अनुसार नव-निर्वाचित विधायकों के विधानसभा की सदस्यता की शपथ लेने के बाद 12 नवंबर को विश्वास मत प्रस्ताव रखा जाएगा.

देवेंद्र फड़नवीस की फाइल फोटो देवेंद्र फड़नवीस की फाइल फोटो

महाराष्ट्र विधानसभा का तीन दिवसीय सत्र 10 नवंबर को शुरू होगा, जिस दौरान देवेंद्र फड़नवीस की अगुवाई वाली सरकार विश्वास मत हासिल करेगी. मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों के अनुसार नव-निर्वाचित विधायकों के विधानसभा की सदस्यता की शपथ लेने के बाद 12 नवंबर को विश्वास मत प्रस्ताव रखा जाएगा. अस्थायी अध्यक्ष का निर्वाचन 10 नवंबर को होगा.

राज्यपाल सी. विद्यासागर राव ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस को 288 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए सरकार के शपथ लेने के दिन से 15 दिन का समय दिया है. एक विधायक के निधन के बाद विधानसभा में बीजेपी सदस्यों की संख्या घटकर 121 रह गई है. लेकिन उसने सभी सात निर्दलीय विधायकों और छोटे दलों के छह अन्य विधायकों के समर्थन का दावा किया है.

41 विधायकों वाली एनसीपी ने बीजेपी सरकार को बाहर से समर्थन देने की घोषणा की है. उसने कहा कि यदि 63 सदस्यीय शिवसेना विपक्ष में बैठने का फैसला करती है तो वह विश्वास मत प्रस्ताव पर मत विभाजन के दौरान बीजेपी को मदद पहुंचाने के लिए मतदान में हिस्सा नहीं लेगी. यदि शिवसेना बीजेपी के साथ आ गई तो बीजेपी सरकार को सदन में अपना बहुमत साबित करने में कोई दिक्कत नहीं होगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे कहा है कि सरकार को बचाने के लिए नहीं चलाना. उन्होंने प्रधानमंत्री के हवाले से कहा, ‘सरकार चलाइए और जनता इसे बचाएगी. आप हार भी गए तो भी लोग आपको फिर से चुनेंगे.’ शिवसेना के साथ बातचीत में इतना लंबा समय क्यों लग रहा है, इस सवाल पर फड़नवीस ने कहा कि प्रचार के दौरान काफी कड़वाहट रही. अब वे गठबंधन बनाने से पहले चीजों को साफ करना चाहते हैं.

उन्होंने इस बात को खारिज कर दिया कि बीजेपी ने शिवसेना से प्रधानमंत्री के खिलाफ लिखने के लिए माफी मांगने को कहा है. मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हमने कोई माफी मांगने को नहीं कहा. लेकिन मोदी के खिलाफ लिखने वाले व्यक्ति ने खुद का महत्व कम किया है, प्रधानमंत्री का नहीं. उद्धव ठाकरे ने भी कहा कि वह इन बयानों का समर्थन नहीं करते. मोदीजी ने कभी प्रतिक्रिया नहीं दी लेकिन जो भी लिखा गया था, वह अप्रिय था.’ फड़नवीस ने कहा कि अगर शिवसेना के साथ गठबंधन नहीं बन पाता तो भी बीजेपी की शुभकामनाएं हमेशा अपनी पूर्व सहयोगी के साथ रहेंगी.

बीजेपी के एक विधायक के निधन के बाद 288 सदस्यीय विधानसभा में पार्टी की संख्या 121 रह गई हैं, लेकिन पार्टी ने सभी सातों निर्दलीयों और छोटे दलों के छह अन्य विधायकों का समर्थन होने का दावा किया है.

- इनपुट भाषा से

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