महाराष्ट्र विधानसभा के बजट सत्र का पहला दिन भावुक माहौल में गुजरा. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें राज्य का ऐसा 'बेहतरीन मुख्यमंत्री' बताया जो महाराष्ट्र को कभी मिल नहीं सका.
28 जनवरी को पुणे के बारामती में हुए विमान हादसे में अजित पवार और चार अन्य लोगों की मृत्यु हो गई थी. उनके आकस्मिक निधन पर सदन में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई.
मुख्यमंत्री फडणवीस ने अजित दादा के साथ अपने पुराने रिश्तों को याद करते हुए कहा, 'वे उम्र में मुझसे 11 साल बड़े थे और सही मायने में मेरे 'दादा' थे.' फडणवीस ने हादसे का जिक्र करते हुए कहा 'अजित पवार रिकॉर्ड छह बार उपमुख्यमंत्री रहे और उनमें राज्य का नेतृत्व करने की पूरी क्षमता थी.वे हमेशा समय के पाबंद थे, लेकिन इस बार उनकी टाइमिंग गलत हो गई.”
फडणवीस ने 2019 के उस शपथ ग्रहण का भी जिक्र किया जब दोनों ने साथ मिलकर सरकार बनाई थी लेकिन बाद में परिस्थितियां बदल गईं. इसके बावजूद व्यक्तिगत संबंधों में कभी कटुता नहीं आई. फडणवीस ने उन्हें “किसी भी मुख्यमंत्री के लिए सर्वश्रेष्ठ वित्त मंत्री” बताया. इस वर्ष वे अपना 12वां बजट पेश करने वाले थे और अगले वर्ष 13 बजट का रिकॉर्ड तोड़ सकते थे. उन्होंने कहा कि अजित पवार अपनी जुबान के पक्के थे.
समबाहु त्रिभुज जैसे थे रिश्ते- शिंदे
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अजित पवार को “बड़े भाई” जैसा बताते हुए कहा कि वे, फडणवीस और पवार 'समबाहु त्रिभुज' (Equilateral Triangle) की तरह थे जिनके बीच तालमेल और भरोसा था. उन्होंने कहा कि पवार सख्त प्रशासक थे, लेकिन अंदर से बेहद सरल और संवेदनशील इंसान थे.
यह भी पढ़ें: अजित पवार विमान हादसे की होगी CBI जांच, एनसीपी की मांग के बाद सीएम फडणवीस ने की अमित शाह से बात
शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि राजनीति में उनके धुर विरोधी रहे अजित पवार बाद में उनके सबसे भरोसेमंद दोस्त बन गए. उन्होंने कहा कि 2019 में राजनीतिक घटनाक्रम के बावजूद बाद में उनके साथ मजबूत विश्वास का रिश्ता बना.कोविड काल में पवार ने प्रशासनिक कामकाज को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उन्होंने कहा, 'राजनीति के लिए किसी को बदनाम करने की एक सीमा होनी चाहिए. अजित दादा ने इन आरोपों के बावजूद जनता के लिए काम करना जारी रखा.'
कांग्रेस और अन्य दलों के नेताओं ने भी स्वीकार किया कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद अजित पवार के साथ व्यक्तिगत संबंध मधुर रहे. उन्हें साफगोई, प्रशासनिक पकड़ और फैसले लेने की क्षमता के लिए याद किया गया.
यह भी पढ़ें: प्लेन क्रैश पर अजित पवार के भतीजे का PM को पत्र, उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू के इस्तीफे की मांग
सदन में श्रद्धांजलि के दौरान भास्कर जाधव और सुनील प्रभु जैसे नेताओं ने विमान दुर्घटना पर संदेह भी जताया. उन्होंने कहा कि इस हादसे की गहराई से जांच होनी चाहिए ताकि किसी भी साजिश की आशंका को दूर किया जा सके. दिलीप वलसे पाटिल और हसन मुश्रीफ जैसे करीबी साथी श्रद्धांजलि देते समय भावुक हो गए.
(पीटीआई इनपुट्स के साथ)