पुणे के सहकार नगर इलाके में फर्जी इमरजेंसी कॉल के जरिए एक डॉक्टर को बुलाकर उसके साथ लूट की वारदात को अंजाम दिया गया. दो अज्ञात लोगों ने खुद को गंभीर रूप से बीमार मरीज का रिश्तेदार बताकर डॉक्टर को मौके पर बुलाया और फिर चाकू दिखाकर उस पर हमला कर दिया. इस दौरान डॉक्टर घायल हो गया और आरोपी नकदी व कीमती सामान लेकर फरार हो गए.
पीड़ित की पहचान 49 वर्षीय डॉ. छाजेड़ के रूप में हुई है, जो बालाजी नगर इलाके में रहते हैं. डॉ. छाजेड़ शहर में एक स्थानीय क्लिनिक चलाते हैं और जरूरत पड़ने पर घर जाकर इमरजेंसी मेडिकल सेवा भी देते हैं. पुलिस के अनुसार आरोपियों ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए डॉक्टर की इस सेवा की जानकारी हासिल की थी और उसी के आधार पर वारदात की योजना बनाई.
बदमाशों ने डॉक्टर से लूट
जांच में सामने आया है कि सोमवार रात करीब 9 बजे आरोपियों ने फोन कर दावा किया कि उनके पिता की हालत गंभीर है और तुरंत डॉक्टर की जरूरत है. कॉल को सही मानते हुए डॉ. छाजेड़ बताए गए पते पर पहुंचे. यह जगह पुणे सातारा हाईवे पर शंकर महाराज मठ के पास थी. जैसे ही डॉक्टर वहां पहुंचे, दोनों आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया.
आरोपियों ने डॉक्टर को चाकू दिखाकर धमकाया और मारपीट की. खुद को बचाने की कोशिश में डॉक्टर के बाएं हाथ में चोट आई. इसके बाद आरोपी डॉक्टर की दोपहिया गाड़ी, बैग में रखे 30 हजार रुपये नकद, मोबाइल फोन और एक चांदी का गिलास लेकर मौके से फरार हो गए.
घटना की सूचना मिलने के बाद सहकार नगर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की. सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर विट्ठल पवार ने बताया कि इस मामले में एक आरोपी को हिरासत में लिया गया है, जबकि दूसरे आरोपी की तलाश जारी है. उन्होंने कहा कि फरार आरोपी को सतर्क होने से बचाने के लिए फिलहाल नाम सार्वजनिक नहीं किए जा रहे हैं.
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की
पुलिस की शुरुआती जांच में यह वारदात पूरी तरह से पूर्व नियोजित लग रही है. डॉक्टर को जानबूझकर फर्जी इमरजेंसी कॉल के जरिए जाल में फंसाया गया. पुलिस ने आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं और जांच आगे बढ़ाई जा रही है. फरार आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं.