scorecardresearch
 

मुंबई में मेयर को लेकर महायुति में रार? शिंदे गुट की शिवसेना ने रद्द किया अपने पार्षदों का रजिस्ट्रेशन

15 जनवरी को हुए BMC चुनावों में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला. 29 पार्षदों वाली एकनाथ शिंदे की शिवसेना 'किंगमेकर' की भूमिका में है. इस बीच शिंदे गुट द्वारा अपने 29 नवनिर्वाचित पार्षदों का रजिस्ट्रेशन अचानक रद्द करना कई तरह के सवाल उठा रहा है.

Advertisement
X
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और सीएम देवेंद्र फडणवीस (File Photo: PTI)
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और सीएम देवेंद्र फडणवीस (File Photo: PTI)

बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के हालिया नतीजों के बाद मुंबई की सत्ता पर काबिज होने की रस्साकशी अब एक गंभीर मोड़ पर आ गई है. सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के भीतर चल रही खींचतान मंगलवार को उस समय खुलकर सामने आ गई, जब उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने अपने 29 नवनिर्वाचित पार्षदों का रजिस्ट्रेशन अचानक रद्द कर दिया. 

इस कदम ने न केवल भाजपा और शिवसेना के बीच बढ़ती दूरी को उजागर किया है, बल्कि बीएमसी में सत्ता के समीकरणों को भी उलझा दिया है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिंदे का यह कदम महायुति के भीतर अपनी ताकत दिखाने और दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है. हालांकि, शिवसेना (शिंदे गुट) की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है.

पार्टी मुख्यालय पहुंचे पार्षद उस समय हतप्रभ रह गए जब उन्हें बताया गया कि उनका रजिस्ट्रेशन फिलहाल टाल दिया गया है. सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय भाजपा के साथ सत्ता के बंटवारे, विशेषकर मेयर पद और महत्वपूर्ण वैधानिक समितियों (जैसे स्थायी समिति) पर आम सहमति न बन पाने के कारण लिया गया है. 227 वार्डों वाली बीएमसी में किसी भी दल को बहुमत नहीं मिला है, ऐसे में 29 पार्षदों वाली शिंदे सेना 'किंगमेकर' की भूमिका में है.

Advertisement

शिंदे ने कैबिनेट मीटिंग से बनाई थी दूरी

गठबंधन में तनाव की पुष्टि तब और पुख्ता हो गई जब उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने निर्धारित कैबिनेट बैठक में हिस्सा नहीं लिया. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ होने वाली महत्वपूर्ण चर्चा को दरकिनार करते हुए शिंदे अपने पैतृक गांव 'दरे' चले गए. वहां उन्होंने सतारा में स्थानीय रैलियों पर ध्यान केंद्रित किया, जिसे राजनीतिक विश्लेषक भाजपा के प्रति एक 'सख्त संदेश' के रूप में देख रहे हैं.

चुनाव में किसे मिलीं कितनी सीटें?

15 जनवरी को हुए BMC चुनावों में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला. भाजपा 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) को 65 सीटें मिलीं. शिंदे गुट की शिवसेना को 29 सीटों पर संतोष करना पड़ा. कांग्रेस ने 24 सीटें जीतीं, जबकि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) को छह सीटें मिलीं. 227 वार्डों वाली इस नगर निकाय में बहुमत का आंकड़ा 114 है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement