22 दिनों की मैराथन बैठकों और भारी उठापटक के बाद आखिरकार बीजेपी और शिवसेना का 25 साल पुराना गठबंधन टूट गया. बीजेपी अब राष्ट्रीय समाज पक्ष (RSP) और स्वाभिमानी शेतकारी संगठन (SSS) जैसी छोटी पार्टियों संग विधानसभा चुनाव लड़ेगी. बीजेपी नेताओं ने गुरुवार शाम प्रेस कांफ्रेंस करके महायुति टूटने की जानकारी दी. बीजेपी ने कहा कि उसकी ओर से गठबंधन बचाने की पूरी कोशिश की गई, लेकिन सीटों की संख्या और मुख्यमंत्री पद को लेकर शिवसेना जिद पर अड़ी रही और उसने छोटे दलों के साथ 'न्याय नहीं किया'. इसके बाद बीजेपी कोर कमेटी ने गठबंधन खत्म करने का फैसला लिया.
We have made our alliance with Shiv Sangram, RSP and SSS: Devendra Fadnavis
— ANI (@ANI_news)
बीजेपी ने कहा कि शिवसेना के प्रस्ताव छोटे दलों के लिए अन्यायपूर्ण था, लेकिन बीजेपी छोटे दलों का साथ नहीं छोड़ेगी. पार्टी प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र फड़नवीस ने बताया कि रामदास अठावले की पार्टी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI) से भी आखिरी दौर की बातचीत चल रही है.
Many proposals were discussed, keeping in view time constraint, Core committee has decided to end our 25 year old alliance: Eknath Khadse
— ANI (@ANI_news)
मातोश्री में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात के बाद रामदास अठावले ने कहा कि अब वह बीजेपी से बात करने जा रहे हैं और अब भी चाहते हैं कि महायुति बनी रहे. इससे पहले बीजेपी नेता एकनाथ खड़से ने प्रेस कांफ्रेंस में अपना संबोधन दिवंगत बीजेपी नेता प्रमोद महाजन, गोपीनाथ मुंडे और शिवसेना सु्प्रीमो बाल ठाकरे को याद करते हुए शुरू किया. उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से अब तीनों ही दुनिया में नहीं है, लेकिन मुंडे ने ही इस गठबंधन को महागठबंधन बनाया था. उन्होंने कहा, 'हमने कई उतार-चढ़ाव एक साथ देखे हैं. लोकसभा चुनाव में हमने मिलकर जीत हासिल की.'
Both parties need this alliance, it has worked out smoothly for 25 years: I&B Minister, Prakash Javadekar on BJP- Shiv Sena
— ANI (@ANI_news)
खड़से ने कहा कि दिवंगत गोपीनाथ मुंडे छोटे दलों को गठबंधन में लेकर आए थे, इसलिए हम इन दलों को बराबर सम्मान मिले, ऐसा चाहते थे. उन्होंने कहा, 'हम भ्रष्ट कांग्रेस-एनसीपी सरकार को उखाड़ फेंकना चाहते हैं लेकिन शिवसेना अपने रुख पर अड़ी रही. मुख्यमंत्री के पद को लेकर चर्चा होती रही और गठबंधन बचाने के हमारे प्रयास नाकाम रहे.'
महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष देवेंद्र फड़नवीस ने कहा कि सीटों पर मोल-तोल के चलते छोटे दलों के भीतर अविश्वास की भावना आ गई थी. शिवसेना का आखिरी प्रस्ताव भी पहले से ज्यादा अलग नहीं था और आज भी शिवसेना ने गलतफहमी ही पैदा की. हालांकि भविष्य की संभावनाओं को खारिज न करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि शिवसेना से बीजेपी की दोस्ती यहां खत्म नहीं होती है और दोनों पार्टियों का मकसद एक है.
गठबंधन टूटने के बाद आरएसपी नेता महादेव जानकर ने कहा, 'मैं मुंडे जी का हाथ पकड़कर गठबंधन में आया था. मैं अपनी बहन पंकजा (मुंडे की बेटी) से धोखा नहीं कर सकता. तीनों (छोटे) दल बीजेपी के साथ हैं.' शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे ने गठबंधन खत्म होने को दुखद बताया है. उन्होंने कहा है कि बीजेपी और शिवसेना का रिश्ता राजनीतिक नहीं, पारिवारिक था.