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महाराष्ट्र में BJP-शिवसेना के बीच रस्‍साकशी जारी, अमित शाह ने रद्द किया मुंबई दौरा

महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन रहेगा या खत्म हो जाएगा, इस पर से आज पर्दा उठने की उम्मीद है. बुधवार देर रात तक चली माथापच्ची के बाद भी बीजेपी-शिवसेना में सीटों के बंटवारे पर बात नहीं बन पाई. गठबंधन के छोटे सहयोगी दल 18 सीट पर अड़े हैं. सीटों को लेकर पार्टियों के बीच रस्साकशी जारी है. खबर है कि पेच सुलझाने आज अमित शाह मुंबई जाएंगे.

अमित शाह अमित शाह

महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन रहेगा या खत्म हो जाएगा, इस पर से आज पर्दा उठने की उम्मीद है. बुधवार देर रात तक चली माथापच्ची के बाद भी बीजेपी-शिवसेना में सीटों के बंटवारे पर बात नहीं बन पाई. गठबंधन के छोटे सहयोगी दल 18 सीट पर अड़े हैं. सीटों को लेकर पार्टियों के बीच रस्साकशी जारी है. इस बीच बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने अपना मुंबई दौरा रद्द कर दिया है. वे आज मुंबई जाने वाले थे.

खबर है कि फॉर्मूले से एनडीए के छोटे दलों की नजरअंदाजी से बीजेपी खुश नहीं है. पार्टी का कहना है कि शिवसेना को मित्र दलों की भूमिका स्पष्ट करनी चाहिए. महाराष्ट्र बीजेपी के अध्यक्ष देवेंद्र फडनवीस ने कहा, 'बैठक में अभी कोई फैसला नहीं हुआ है. हमें शिवसेना के जवाब का इंतजार है.'

गौरतलब है कि बुधवार को महाराष्ट्र बीजेपी के चुनाव प्रभारी ओम माथुर के घर देर शाम बैठक बुलाई गई थी. रात 2 बजे तक माथापच्ची करने के बाद भी कोई हल नहीं निकाला जा सका. बैठक में पहुंचे शिवसेना नेता दिवाकर राउते ने उम्मीद जताई कि गुरुवार शाम 4 बजे तक यह विवाद सुलझ जाएगा.

चौंकाने वाली बात यह भी है कि बुधवार को ही शिवसेना प्रवक्ता नीलम गोरहे ने यह दावा किया कि महायुति में सीटों के बंटवारे को लेकर गतिरोध खत्म हो गया है. सभी पार्टियों ने नए फॉर्मूले पर हामी भर दी है. इस फॉर्मूले के तहत शिवसेना 151, बीजेपी 123 और छोटी पार्टियां 14 सीटों पर लड़ेंगी. इसकी औपचारिक घोषणा गुरुवार को उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में की जाएगी. पर ऐसे होता दिख नहीं रहा.

7 सीट मिलने से नाराज हुर्ई थी छोटी पार्टियां
सीटों के बंटवारे को लेकर बीजेपी और शिवसेना के बीच कई दिनों से गतिरोध चलता आ रहा है. बुधवार सुबह यह बात सामने आई कि शिवसेना 151 और बीजेपी 130 सीट पर लड़ेगी व छोटी पार्टियों को 7 सीट मिलेंगी. महायुति की छोटी पार्टियां रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया, स्वाभिमानी शेतकारी संगठन, राष्ट्रीय समाज पक्ष और शिव संग्राम को यह फॉर्मूला पसंद नहीं आया. पार्टियों ने साफ कर दिया कि उन्हें 18 सीट से कम मंजूर नहीं है. 7 सीटें तो उनका अपमान है.

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