मुंबई में कांग्रेस के सांसद निलेश राणे पर कार्रवाई करने वाली ट्रैफिक वार्डन अनीता लोबो को रविवार को नौकरी से निकालने के बाद आज बहाल करना पड़ा है.
विधानसभा में विधायकों ने पुलिस को पीटा
इसी साल जनवरी में बांद्रा-खार में निलेश राणे और उनके समर्थकों ने बीच सड़क पर गाड़ियां खड़ी कर दीं. वहां ड्यूटी पर मौजूद अनीता लोबो ने जब इसके लिए मना किया तो निलेश राणे में बदतमीजी शुरू कर दी. पुलिस ने भी राणे का साथ दिया और अनीता लोबो को तीन घंटे हवालात में बंद रखा गया.
पहले विधायकों ने पीटा, अब नौकरी से सस्पेंड!
रविवार को मुंबई पुलिस ने उनको नौकरी से निकालने का आदेश जारी कर दिया था. लेकिन मामले में विवाद बढ़ने के बाद मुंबई पुलिस को अपनी गलती सुधारनी पड़ी है.
55 साल की अनीता लोबो स्वैच्छिक रूप से ट्रैफिक पुलिस वार्डन के तौर पर करीब 20 साल से काम कर रही हैं. अनीता लोबो ने हमारे सहयोगी चैनल हेडलाइंस टुडे से बातचीत में कहा कि मेरे साथ नाइंसाफी हुई है. मैंने ट्रैफिक वार्डन के तौर पर काम करते हुए सरकार से कुछ नहीं लिया. यहां तक कि अपनी वर्दी भी मैंने अपने पैसों से खरीदी.