महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सराहना की, जिन्होंने राज्य के सहकारी निर्माताओं को प्रभावित करने वाली लंबे समय से चली आ रही आयकर समस्या को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
अजित पवार मुंबई में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने बताया कि कैसे अमित शाह सहकारिता मंत्री के रूप में इस जटिल समस्या का स्थायी समाधान लेकर आए, जिससे निर्माताओं और किसानों को 10,000 करोड़ रुपए की आयकर बकाया राशि से मुक्ति मिली.
अजित पवार ने बताया कि इस समस्या को सुलझाने के पहले भी कई प्रयास किए गए थे. इस मुद्दे पर दिवंगत पूर्व वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी और एके एंटनी से भी चर्चा की गई थी, लेकिन सफलता नहीं मिली. हालांकि अमित शाह के हस्तक्षेप से इस समस्या का स्थायी समाधान निकल पाया.
अजित पवार ने कहा कि अमित शाह का ये कदम सहकारी निर्माताओं और किसानों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण साबित हुआ है. उनकी इस भूमिका ने न केवल सहकारी क्षेत्र की समस्याओं को हल किया, बल्कि किसानों और निर्माताओं को राहत भी प्रदान की.
इससे पहले अजित पवार ने गुरुवार को 2023 में एनसीपी के विभाजन के बाद पहली बार वसंतदादा शुगर इंस्टीट्यूट (वीएसआई) की वार्षिक आम सभा की बैठक में भाग लिया था, इस दौरान वह शरद पवार से थोड़ी दूरी पर बैठे. बता दें कि अजित पवार पुणे स्थित वीएसआई के सदस्य हैं, जो चीनी उद्योग का एक प्रमुख शोध संस्थान है. हालांकि शुरुआती व्यवस्था के दौरान शरद पवार और अजित पवार को एक-दूसरे के बगल में बैठना था. लेकिन डिप्टी सीएम अजित पवार एक कुर्सी की दूरी पर बैठे. इसके बाद राज्य के सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल उनके बीच बैठ गए.
इस बारे में पूछे जाने पर अजित पवार ने बताया कि बाबासाहेब पाटिल, शरद पवार से बात करना चाहते थे. मैं उनसे (शरद पवार) कभी भी बात कर सकता हूं. भले ही मैं एक कुर्सी दूर बैठूं, मेरी आवाज इतनी तेज है कि दूर बैठा कोई भी सुन सकता है.