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मुंबई: पोते ने दादी को आरे जंगल में छोड़ा, अस्पताल ने भी बरती थी लापरवाही, आयोग ने शुरू की जांच

मुंबई के आरे जंगल में एक बुजुर्ग महिला को उसके ही परिजनों ने बेसहारा छोड़ दिया. इस मामले में पुलिस ने महिला के पोते, रिक्शा चालक और देवर को गिरफ्तार कर पूछताछ के बाद नोटिस देकर छोड़ दिया. इस मामले के बीच मानवाधिकार आयोग ने कूपर अस्पताल की लापरवाही पर जांच शुरू कर दी है.

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पुलिस ने आरोपियों को किया अरेस्ट. (Representational image)
पुलिस ने आरोपियों को किया अरेस्ट. (Representational image)

मुंबई के आरे जंगल में अपनी 80 साल की दादी को छोड़कर फरार होने वाले पोते और अन्य दो लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया, फिर नोटिस देकर छोड़ दिया है. यह मामला तब सामने आया, जब पीड़िता जंगल में अकेली और लाचार हालत में पाई गई. पुलिस टीम ने उसे बचाया.

इस मामले में 33 साल के सागर शेवाले, रिक्शा चालक 27 वर्षीय संजय कड़रेशम और पीड़िता के देवर 70 वर्षीय बाबासाहेब गायकवाड़ को पुलिस ने हिरासत में लिया. तीनों पर आरोप है कि इन्होंने मिलकर वृद्ध महिला को 22 जून की सुबह करीब 3 बजे आरे के जंगलों में छोड़ दिया था.

यह भी पढ़ें: मथुरा के जंगल में मिली महिला की लाश की हुई पहचान, परिवार ने पति पर लगाया हत्या का आरोप

शुरुआत में सागर शेवाले ने पुलिस को गुमराह किया और बताया कि उसकी दादी खुद घर से कहीं चली गईं, लेकिन पुलिस ने जांच जारी रखी और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सच सामने आ गया. फुटेज में दिखा कि सागर, पीड़िता के देवर और रिक्शा चालक के साथ 21 जून की रात उन्हें शताब्दी अस्पताल ले गए थे, लेकिन वहां उन्हें भर्ती नहीं कराया गया.

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पुलिस जांच में सामने आया कि वृद्धा मानसिक रूप से अस्वस्थ थीं और कुछ दिनों से परिजन उनको लेकर परेशान हो चुके थे. कथित रूप से वह चीख-चिल्ला रही थीं और अटैक करने की कोशिश कर रही थीं. इससे परेशान होकर सागर और उसके परिजनों ने यह अमानवीय कदम उठाया.

अस्पताल ने नहीं दिखाया सहयोग

जब पुलिस ने पीड़िता को जंगल से निकाल कर कूपर अस्पताल में भर्ती कराने की कोशिश की तो अस्पताल प्रशासन ने सुबह से शाम तक उन्हें भर्ती नहीं किया. मजबूर होकर पुलिस को दबाव बनाना पड़ा, तब जाकर वृद्धा को भर्ती किया गया. इस मामले में अब मानवाधिकार आयोग ने जांच शुरू कर दी है. पुलिस ने सागर शेवाले, संजय कड़रेशम और बाबासाहेब गायकवाड़ को गिरफ्तार किया, लेकिन नोटिस देकर उन्हें छोड़ दिया गया. पुलिस की कार्रवाई से वृद्धा को समय रहते बचा लिया गया. इस पूरे मामले की जांच जारी है.

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