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यौन शोषण की शिकार महिला जज ने तीन और जजों की शिकायत की

यौन शोषण की शिकार महिला जज तीन और जजों पर यौन शोषण का आरोप लगाया है. पीड़िता द्वारा सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश आरएम लोढ़ा को भेजे गए शिकायत में मध्य प्रदेश के हाईकोर्ट के जज एसके गंगेले के अलावे तीन और जजों का नाम लिया है जो उसे परेशान किया करते थे.

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चीफ जस्टिस आरएम लोढ़ा से की गई है शिकायत चीफ जस्टिस आरएम लोढ़ा से की गई है शिकायत

यौन शोषण की शिकार महिला जज ने तीन और जजों पर खुद को परेशान करने का आरोप लगाया है. पीड़िता द्वारा सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश आरएम लोढ़ा को भेजी गई शिकायत में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जज एसके गंगेले के अलावा तीन और जजों का नाम लिया गया है, जो उसे परेशान किया करते थे.

महिला ने आठ पेज की लिखित शिकायत में कहा है कि इनमें से दो जजों का ट्रांसफर अप्रैल 2014 में ग्वालियर जिला न्यायालय में किया गया था. उसके बाद से महिला जज की परेशानी और बढ़ गई. दोनों ही जजों ने पीड़ित को जस्टिस गंगेले के इशारे पर परेशान करना शुरू कर दिया. इनमें से तीसरा उसी कोर्ट का जिला रजिस्ट्रार था.

शिकायत में लिखा गया है कि जस्टिस गंगेले के इशारे पर दोनों ही जजों ने उस पर निगरानी रखनी शुरू कर दी. आए दिन दोनों ही जजों द्वारा उसके कोर्ट का निरीक्षण किया जाने लगा और किसी ना किसी बात पर उसे परेशान करने की कोशिश की जाने लगी. लेकिन दोनों जजों को महिला जज के काम में कोई कमी नहीं दिखती. पीड़ित महिला ने शिकायत में कहा है कि उसे जस्टिस गंगेले के इरादों का उस वक्त पता चला जब वो अपने लिए एक चपरासी की मांग लेकर इन दोनों के पास गई. तब इन दोनों जजों ने कहा कि अगर आपको कुछ भी चाहिए तो आपको जस्टिस गंगेले से जाकर मिलना पड़ेगा.

गौरतलब है कि ग्‍वालियर की एक अतिरिक्‍त जिला और सत्र न्‍यायाधीश ने हाई कोर्ट के एक जज पर यौन शोषण का आरोप लगाते हुए अपने पद से इस्‍तीफा दे दिया था. दिल्‍ली कोर्ट में 15 साल तक वकालत करने के बाद जज बनीं पीड़िता ने आरोप लगाया था कि आरोपी जज उन्‍हें अकेले अपने बंगले पर बुलाने का दबाव बनाता था. यही नहीं एक बार तो उसने हद ही कर दी और उससे आइटम सॉन्‍ग पर डांस करने की बात कह डाली. पीडि़ता ने कहा कि उसने अपना स्‍वाभिमान बचाने के लिए रिजाइन कर दिया है.

अक्‍टूबर 2012 में ग्‍वालियर में इनकी तैनाती हुई थी और अप्रैल 2013 में इन्‍हें जिले की विशाखा कमेटी का चेयरपर्सन बनाया गया था. शिकायत पत्र में कहा गया है कि एक बार आरोपी जज ने अपने घर पर होने वाले एक कार्यक्रम के दौरान उनसे एक आइटम सॉन्‍ग पर डांस करने की बात कही थी. इस बारे में आरोपी जज ने जिला रजिस्‍ट्रार के मार्फत संदेश भेजवाया था.

वहीं आरोपी जज जस्टिस गंगेले ने कहा है कि महिला जज द्वारा लगाए गए सारे आरोप गलत हैं और अगर इसमें उन पर लगा आरोप साबित हो जाता है तो वो फांसी पर चढ़ने के लिए तैयार हैं.

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