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ग्वालियर: गोडसे ज्ञानशाला पर प्रशासन की कार्रवाई, 3 दिन में ही हुआ बंद

हिन्दू महासभा ने रविवार को ग्वालियर के दौलतगंज में गोडसे ज्ञानशाला की शुरुआत की थी. महात्मा गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे के नाम पर इस स्टडी सेंटर का नाम होने से काफी विवाद पैदा हो गया था.

ग्वालियर में खुली थी गोडसे ज्ञानशाला (फोटो-एएनआई) ग्वालियर में खुली थी गोडसे ज्ञानशाला (फोटो-एएनआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • हिन्दू महासभा ने बंद की गोडसे ज्ञानशाला
  • प्रशासन की पहल पर बंद की गई ज्ञानशाला
  • नाथूराम गोडसे का नाम आने पर हुआ था विवाद

हिन्दू महासभा को गोडसे ज्ञानशाला बंद करनी पड़ी है. स्थानीय जिला प्रशासन, कांग्रेस समेत कई संगठनों ने इस पर आपत्ति जताई थी. हिन्दू महासभा ने रविवार को एमपी के शहर ग्वालियर में गोडसे ज्ञानशाला नाम से एक स्टडी सेंटर खोला था. हिन्दू महासभा का दावा था कि यहां पर लोगों को देशभक्ति की कहानियां बताई जाएंगी और बंटवारे के किस्से लोगों को बताएंगे. 

हिन्दू महासभा ने रविवार को ग्वालियर के दौलतगंज में गोडसे ज्ञानशाला की शुरुआत की थी. महात्मा गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे के नाम पर इस स्टडी सेंटर का नाम होने से काफी विवाद पैदा हो गया था. स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने इसके लिए हिन्दू महासभा के नेताओं पर FIR कराने की मांग की थी. 

ग्वालियर एडीएम किशोर कन्याल ने बताया कि स्टडी सेंटर की जानकारी मिलने के बाद दौलतगंज इलाके में धारा-144 लगा दी गई, क्योंकि वहां माहौल बिगड़ने का अंदेशा था. 

एडीएम किशोर कन्याल ने कहा कि हमलोगों ने इस बारे में हिन्दू महासभा के नेताओं से चर्चा की और कहा कि उन्हें ऐसा कुछ भी नहीं करना चाहिए जिससे शांति व्यवस्था को खतरा हो. किशोर कन्याल ने कहा कि हिन्दू महासभा के नेताओं ने उन्हें भरोसा दिया कि वे ऐसा कुछ नहीं करेंगे जिससे कानून व्यवस्था का खतरा पैदा हो, इसके साथ ही वे गोडसे ज्ञानशाला को बंद करने पर भी सहमत हो गए. 

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हिन्दू महासभा के उपाध्यक्ष जयवीर भारद्वाज ने कहा कि स्टडी सेंटर को तो बंद कर दिया गया है लेकिन उनकी संस्था देशभक्तों के बारे में प्रेरणा देने वाले कार्यक्रम आयोजित करती रहेगी. जयवीर भारद्वाज ने कहा कि ज्ञानशाला खोलने का लक्ष्य पूरा हो गया है क्योंकि लोगों को जानकारी मिल गई है. 

रविवार को जयवीर भारद्वाज ने कहा था कि गोडसे देशभक्त थे और कई देशभक्त थे जिन्हें उचित स्थान नहीं मिला है. इस लाइब्रेरी में इससे जुड़ी पुस्तकें होंगी और उनके बारे में भी पुस्तकें होंगी, जिनसे गोडसे को प्रेरणा मिली, जैसे कि सिख धर्म गुरु. इसके अलावा उन्होंने कहा था कि इस ज्ञानशाला में गुरु गोविंद सिंह, महाराणा प्रताप और छत्रपति शिवाजी के बारे में भी जानकारी दी जाएगी.  

 

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