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MP: उपचुनाव में चित्रकूट जीती थी कांग्रेस, क्या बचा पाएगी सीट?

इस सीट के लिए कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने पूरी ताकत लगा दी थी. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह खुद 3 दिन चित्रकूट में रहे और 60 से ज्यादा जनसभाएं कीं. बीजेपी के एक दर्जन से ज्यादा मंत्रियों ने भी चित्रकूट में डेरा डाला था.

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (फाइल फोटो)
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (फाइल फोटो)

मध्य प्रदेश के सतना जिले की चित्रकूट विधानसभा सीट पर नंवबर 2017 में उपचुनाव हुआ था जिसमें कांग्रेस ने एक बार फिर इस सीट पर अपना कब्जा कर लिया है. कांग्रेस उम्मीदवार नीलांशु चतुर्वेदी ने बीजेपी उम्मीदवार शंकर दयाल त्रिपाठी को 14135 वोटों से करारी शिकस्त दी. लेकिन इस बार दोनों ही दल फिर से चुनाव में जाने को तैयार हैं.

साल के आखिर में मध्य प्रदेश की 230 सीटों पर विधानसभा चुनाव होने हैं. बीजेपी लगातार चौथी बार राज्य की सत्ता पर काबिज होना चाहेगी, वहीं कांग्रेस के सामने जनाधार बढ़ाकर लंबे वक्त से चले आ रहे सत्ता के सूखे को खत्म करने की चुनौती होगी. हालांकि उपचुनाव में कांग्रेस ने चित्रकूट सीट पर एकतरफा जीत दर्ज की थी.

क्यों हुआ उपचुनाव

कांग्रेस विधायक प्रेम सिंह का निधन होने के चलते चित्रकूट विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुआ था. साल 2013 के चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के सुरेंद्र सिंह को 10970 वोटों से हराया था. इससे पहले 2008 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को चित्रकूट से हार मिली थी. तब बीजेपी के सुरेंद्र सिंह को प्रेम सिंह के मुकाबले 722 वोटों से जीत मिली थी.

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गौरतलब है कि चित्रकूट के विधानसभा क्षेत्र में एक लाख 98 हजार 122 मतदाता हैं. इनमें एक लाख छह हजार 390 पुरुष, 91 हजार 730 महिला और दो थर्ड जेंडर शामिल हैं. उपचुनाव में तकरीबन 62 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था.

कांग्रेस को मिली संजीवनी

मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले चित्रकूट में मिली जीत कांग्रेस के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है. पिछले 14 साल से सत्ता का वनवास झेल कांग्रेस ने उपचुनाव में मिली जीत को आगामी चुनाव की डेमो बताया. लेकिन उपचुनाव की जीत से जैसा प्रदर्शन राज्य की 230 सीटों पर दोहरा पाना कांग्रेस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा.

दोनों ही दलों ने झोंकी थी ताकत

इस सीट के लिए कांग्रेस और बीजेपी दोनों ने पूरी ताकत लगा दी थी. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह खुद 3 दिन चित्रकूट में रहे और 60 से ज्यादा जनसभाएं कीं. बीजेपी के एक दर्जन से ज्यादा मंत्रियों ने भी चित्रकूट में डेरा डाला था. इस अलावा यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी यहां रैली की थी. कांग्रेस की ओर से चित्रकूट में कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मोर्चा संभाला था. इसके अलावा नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने भी यहां काफी प्रचार किया था.

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