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टॉयलेट के साथ फोटो खिंचवा रहे हैं दूल्‍हे

क्‍या आपने कभी शादी के लिए दूल्‍हे को टॉयलेट सीट के साथ फोटो खिंचवाते हुए देखा है. अरे, चौंकिए मत ऐसा सच में हो रहा है. मध्‍य प्रदेश के सिहोर जिले में शादी के इच्‍छुक दूल्‍हे अपने घर में बनी टॉयलेट सीट के साथ तस्‍वीर खिंचवा रहे हैं ताकि वे राज्‍य सरकार की ओर से 'मुख्‍यमंत्री कन्‍यादान योजना' के तहत कराए जाने वाले सामुहिक विवाह में इसे प्रूफ की तरह इस्‍तेमाल कर सकें.

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shivraj singh chauhan
shivraj singh chauhan

क्‍या आपने कभी शादी के लिए दूल्‍हे को टॉयलेट सीट के साथ फोटो खिंचवाते हुए देखा है. अरे, चौंकिए मत ऐसा सच में हो रहा है. मध्‍य प्रदेश के सिहोर जिले में शादी के इच्‍छुक दूल्‍हे अपने घर में बनी टॉयलेट सीट के साथ तस्‍वीर खिंचवा रहे हैं ताकि वे राज्‍य सरकार की ओर से 'मुख्‍यमंत्री कन्‍यादान योजना' के तहत कराए जाने वाले सामुहिक विवाह में इसे प्रूफ की तरह इस्‍तेमाल कर सकें.

दरअसल, राज्‍य सरकार ने 'मुख्‍यमंत्री कन्‍यादान योजना' के तहत यह जरूरी कर दिया है कि सामुहिक विवाह के लिए केवल उन्हीं लड़कों का रजिस्‍ट्रेशन होगा, जिनके घर में शौचालय है. 'मुख्‍यमंत्री कन्‍यादान योजना' के तहत राज्‍य सरकार शादीशुदा जोड़े को 15,000 रुपये नगद और कई उपहार भी देती है. ऐसे में संभावित दूल्‍हे इस शर्त को पूरा करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रहे हैं.

अधिकारियों के मुताबिक 'मुख्‍यमंत्री कन्‍यादान योजना' के तहत रजिस्‍ट्रेशन करवाने के लिए शादी के इच्‍छुक दूल्‍हे को टॉयलेट सीट के साथ वाली अपनी एक फोटो जमा करनी जरूरी है ताकि यह साबित हो सके कि उसके घर में शौचालय है.

गौरतलब है कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ग्रामीण इलाकों में स्‍वच्‍छता के बुनियादी ढांचे के लिए राज्‍य सरकार को धन मुहैया कराता है. लेकिन मध्‍य प्रदेश सरकार ने बड़ी चालाकी से इसे मुख्‍यमंत्री कन्‍यादान योजना से जोड़ दिया है.

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