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MP: विद्युत विभाग ने पंचायतों को थमाया 17 करोड़ का बिजली बिल, 31 जनवरी रखी डेडलाइन

विद्युत मंडल ने जिला पंचायत के माध्यम से जिले भर की 227 पंचायतों को 17 करोड़ 17 लाख से भी अधिक राशि के बिल थमा दिए. बिल देने के बाद विद्युत मंडल ने बाकायदा 31 तारीख तक बिल जमा करने के हिदायत भी दे डाली है. बड़ी बात ये है कि जहां जो सुविधाएं नहीं हैं उनका भी भारी भरकम बिल आने से पंचायतों में हड़कंप मच गया है.

MP:विद्युत मंडल ने पंचायतों को थमाया 17 करोड़ 17 लाख का बिजली बिल. MP:विद्युत मंडल ने पंचायतों को थमाया 17 करोड़ 17 लाख का बिजली बिल.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • ग्राम पंचायतों में वाटर वर्क्स के नाम पर 10 करोड़ का बिल
  • स्ट्रीट लाइट के नाम पर 4 करोड़ 66 लाख का बिल
  • पंचायतों में 2 करोड़ 36 लाख का कार्यालय बिल

मध्य प्रदेश विद्युत विभाग की तरफ से आम लोगों को बड़ी-बड़ी राशि का बिल दिया जाना आम बात है. मगर हद तो तब हो गई जब विद्युत मंडल ने जिला पंचायत के माध्यम से जिले भर की 227 पंचायतों को 17 करोड़ 17 लाख से भी अधिक राशि के बिल थमा दिए. बिल देने के बाद विद्युत मंडल ने बाकायदा 31 तारीख तक बिल जमा करने के हिदायत भी दे डाली है. बड़ी बात ये है कि जहां जो सुविधाएं नहीं हैं उनका भी भारी भरकम बिल आने से पंचायतों में हड़कंप मच गया है.  

पालडा ग्राम पंचायत के सचिव सजन सिंह का कहना है कि गांव में नलजल योजना ही नहीं है और ना ही स्ट्रीट लाइट, तो लाखों का बिल क्यों. दरअसल, पालडा गांव में न ही नल जल योजना है और ना ही स्ट्रीट लाइट हैं. गांव के लोग कुएं से पानी भरते हैं. इसके अलावा गांव में लगे ट्यूबवेल से पानी भरा जाता है. कुछ ग्रामीणों ने गांव के मध्य एक कुएं में अपनी-अपनी निजी मोटर लगाई हुई है और इसी के माध्यम घरों में पानी पहुंचा रहे हैं. ऐसे में गांव का वाटर वर्क्स का बिजली बिल 6,89,544 और स्ट्रीट लाइट का बिल 4,34,356 रुपये आना कई तरह के सवाल खड़े करता है.

वहीं, ग्राम पंचायत आवर के सचिव बाबूलाल सूर्यवंशी का कहना है कि गांव में स्ट्रीट लाइट का कोई अता-पता नहीं है. मगर कुल बिल 9,32,954 रुपये आया है . ग्राम पंचायत के सचिव इस बात को लेकर काफी परेशान दिखाई दिए. 

बैजनाथ निपानिया के सचिव गोपाल शर्मा का कहना है कि गांव में स्ट्रीट लाइट नहीं है. ग्रामीणों को भी इसका खासा नुकसान उठाना पड़ता है. ऐसे में बिजली विभाग ने यहां का बिजली बिल 1-2 नहीं बल्कि 25 लाख से ज्यादा का भेज दिया है जिसमें स्ट्रीट लाइट की राशि 18 लाख 81 हजार के करीब है. ऐसा नहीं है कि यह समस्या केवल 2-4 ग्राम पंचायतों की है, जिले की तमाम ग्राम पंचायतों में ऐसे ही बिल आये हैं जिन्हें देखकर पंचायत सचिवों और सरपंचों के होश उड़ गए हैं. 

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इस पूरे मामले को लेकर ग्रामों के सरपंच सचिव ही नहीं बल्कि जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी भी हैरान है. अधिकारी की माने तो विद्युत मंडल ने 17 करोड़ 17 लाख का बिल दिया है. मगर जहां नलजल योजना नहीं है वहां के भी बिल आ गए हैं. जहां स्ट्रीट लाइट नहीं है, उसके भी बिल दे दिए गए हैं. साथ ही कई पंचायतों के कार्यालयों में कनेक्शन नहीं हैं. वहां के भी बिल दे दिए गए हैं. ऐसे में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने जेई स्तर के व्यक्तियों पर सवाल उठाते हुए वास्तविक स्थिति देखे बिना बिल देने की बात कही है.

आम लोगों को बिना किसी जांच के लंबे बिल देते तो सुना था मगर पंचायतों को ऐसे बिल देना व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े करता है. वहीं, इस मामले पर आजतक ने मालवा जिले के कार्यपालन यंत्री से बात की. उनका कहना है कि पंचायतें कभी-कभी स्ट्रीट लाइट और वाटर वर्क्स के लिए कनेक्शन का उपयोग करती हैं. मगर वह बिल नहीं जमा करतीं. वहीं, विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यदि कहीं गलती हुई है तो सुधार किया जा सकता है.

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