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मध्य प्रदेश में हर आदिवासी बच्चे के जन्म पर ‘दावत’ का इंतजाम करेगी कमलनाथ सरकार

योजना के तहत छह ज़िलों में आदिवासी बच्चे के जन्म पर चावल दिए जाएंगे. वहीं 14 ज़िलों में गेहूं का वितरण किया जाएगा.

मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ (फाइल फोटो) मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ (फाइल फोटो)

  • आदिवासी बच्चे के जन्म पर दिए जाएंगे चावल
  • किसी की मौत पर दिया जाएगा 100 किलोग्राम खाद्यान्न

मध्य प्रदेश में कमलनाथ की अगुआई वाली कांग्रेस सरकार ने एलान किया है कि हर आदिवासी बच्चे के जन्म पर दावत का इंतज़ाम किया जाएगा. बता दें कि मध्य प्रदेश की झाबुआ विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव होना है. ये इलाका आदिवासी बहुल है. आदिवासी समुदाय के लिए ये तोहफा ‘मुख्यमंत्री सहायता योजना’ से दिया जाएगा. इस योजना को 89 आदिवासी बहुल विकास ब्लॉक्स में शुरू किया जाएगा.

योजना के तहत छह ज़िलों में आदिवासी बच्चे के जन्म पर चावल दिए जाएंगे. वहीं 14 ज़िलों में गेहूं का वितरण किया जाएगा. आदिवासी विकास मंत्री ओमकार सिंह मरकम ने झाबुआ ज़िले में योजना का एलान करते हुए कहा कि बच्चे के जन्म पर 50 किलोग्राम चावल या गेहूं मुफ़्त दिया जाएगा. वहीं आदिवासी परिवार में किसी की मौत के वक्त 100 किलोग्राम खाद्यान्न दिया जाएगा.

सरकार ने योजना वाले 89 विकास ब्लॉक्स की हर पंचायत के लिए सामुदायिक बर्तन खरीदने के लिए 25,000 रुपए देने का प्रावधान भी किया है. चावल और गेहूं स्थानीय पीडीएस दुकान से उपलब्ध कराया जाएगा.

2018 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने राज्य की 47 आदिवासी सीटों में से 30 सीटों पर जीत हासिल की थी. लेकिन 2019 लोकसभा चुनाव में नतीजे उलटे आए और बीजेपी ने इस क्षेत्र में कामयाबी हासिल की. कांग्रेस को उम्मीद है कि योजना से आदिवासियों का पारंपरिक वोट बैंक मज़बूत होगा.

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