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जानिए, मध्य प्रदेश में RSS के खिलाफ चुनाव आयोग क्यों गई कांग्रेस

मध्य प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस ने चुनाव आयोग से मुलाकात करके आरएसएस से संबंधित कर्मचारियों की चुनाव में ड्यूटी ना लगाने की मांग की है.

प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने चुनाव आयोग से RSS से संबंध रखने वाले सरकारी कर्मचारियों को आने वाले विधानसभा चुनाव की ड्यूटी से दूर रखने की मांग की है. इस मामले में कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात भी की है.

RSS कार्यकर्ताओं को चुनाव ड्यूटी से दूर रखने की मांग

कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने भोपाल आए मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत से मुलाकात कर मध्‍य प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव 2018 के दौरान राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ के सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को वोटिंग और काउंटिंग की ड्यूटी से दूर रखने की मांग की है. कांग्रेस प्रवक्ता शोभा ओझा के मुताबिक निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया के लिए ये ज़रूरी है कि RSS से जुड़े या उसकी विचारधारा से प्रभावित कर्मचारियों को चुनाव ड्यूटी में ना लगाया जाए. दरअसल, कांग्रेस ने आशंका जाहिर की है कि आरएसएस की शाखाओं में जाने वाले सरकारी कर्मचारी बीजेपी के पक्ष में चुनाव प्रभावित कर सकते हैं.

हालांकि बीजेपी ने कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद बताया है. बीजेपी प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि नक्सलवादियों को मानवाधिकारवादी बताने वाले संघ पर सवाल खड़ा कर रहे हैं. संघ देशभक्त, अनुशासन और संस्कार देने वाला संगठन है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मांग गैरसंवैधानिक है.

आपको बता दें कि इससे पहले कांग्रेस EVM पर भी सवाल खड़े करते हुए चुनाव को बैलेट पेपर से कराने की मांग कर चुकी है. हालांकि अब चुनाव आयोग इस सोच में है कि वो आरएसएस से संबंध रखने वाले कर्मचारियों को कैसे पहचाने?

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