जबलपुर पुलिस ने सिनेमाघर और मल्टीप्लेक्स में फिल्म को शूट कर पायरेटेड फिल्म तैयार कर वेबसाइट पर अपलोड करने और सीडी बनाने वाले इंटरनेशनल गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस गिरोह के चार सदस्यों को दबोच लिया गया, वहीं नौ अब भी फरार हैं. इस गिरोह के तार फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया से भी जुड़े हैं.
पुलिस अधीक्षक डॉ. आशीष ने बताया कि ओमती थाना क्षेत्र के निवासी अंकित वर्मा ने प्रियांक परदेसी पर नौकरी दिलाने के नाम पर 18 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया था. पुलिस ने पुणे में प्रियांक को पकड़कर उसके घर की तलाशी ली तो 'बजरंगी भाईजान' एवं 'बाहुबली' जैसी 1243 फिल्में और वीडियो लोड पाए गए.
प्रियांक से सघन पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि दिल्ली का राहुल मेहता और गाजियाबाद निवासी टोनी पिक्चर हॉल, मल्टीप्लैक्स से मूवियों को शूट करते थे. उसकी पायरेटेड मूवी तैयार कर भारत के विभिन्न शहरों और आस्ट्रेलिया, फ्रांस भेजता था. इसी तरह उसके अन्य साथी पायरेटेड मूवी तैयार करके देश के विभिन्न भागों में बेचते थे.
उसने पुलिस कि उसके साथी बॉलीवुड, हॉलीवुड और टॉलीवुड की फिल्मों के रिलीज होने के दूसरे दिन स्वनिर्मित की गई बेबसाइट पर डाउनलोड कर देते थे. इससे भुगतान कर फिल्म को डाउनलोड किया जाता था. ऐसा होने पर उन्हें गेटवे के जरिए राशि हासिल होती थी. वहीं दूसरी ओर, फिल्म इंड्रस्टीज को इससे नुकसान होता था.
जबलपुर पुलिस ने चार आरोपी प्रियांक परदेशी, दिलीप बुधलानी, रिंकू मल्होत्रा और तौफीक को गिरफ्तार कर लिया है. उनके अन्य साथी अमन खान, फैजल, विक्रमजीत सिंह, लिंगा राजेंद्र, आदित्य राज, राहुल मल्होत्रा खान साहब (फ्रांस) और खुर्रम (आस्ट्रेलिया) फरार है. पुलिस ने आरोपियों के पास से सभी सामग्री जब्त कर ली है.