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MP: उज्जैन में मास्क नहीं पहनने पर हो रही जेल, जुर्माना भी लगेगा

लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए उज्जैन में अगर कोई भी व्यक्ति बिना मास्क के सार्वजनिक स्थानों और बाजार में घूमता दिखाई देता है तो उससे जुर्माना तो वसूला ही जाएगा, साथ ही उसे 10 घंटे के लिए अस्थायी जेल भेजा जा रहा है.

उज्जैन में बगैर मास्क के लोगों को जेल भेजा जा रहा (फोटो-संदीप) उज्जैन में बगैर मास्क के लोगों को जेल भेजा जा रहा (फोटो-संदीप)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • मास्क को लेकर जागरुकता अभियान चला रहा प्रशासन
  • बिना मास्क के लोगों को अस्थायी जेल भेजा जा रहा
  • कोरोना की शुरुआत में उज्जैन सर्वाधिक प्रभावित शहरों में रहा

मध्य प्रदेश में लगातार बढ़ते कोरोना के मामलों को देखते हुए अब अलग-अलग शहरों में प्रशासन ने मास्क नहीं पहनने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं. मास्क नहीं पहनने वालों से जुर्माना वसूलने के साथ-साथ उन्हें 10 घंटे के लिए जेल भी भेजा जा रहा है. 

मध्य प्रदेश के उज्जैन में बिना मास्क पहने घर से निकलने पर लोगों को जेल तक भेजा जा रहा है. दरअसल, उज्जैन पुलिस, नगर निगम और जिला प्रशासन की एक ज्वाइंट टीम कोरोना की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चला रही है. 

इसके तहत मास्क नहीं लगाने वालों पर सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें 10 घंटे की खुली जेल में भेजा जा रहा है और आगे से मास्क के बिना घर से बाहर न निकलने की शपथ भी दिलाई जा रही है. यही नहीं, मास्क ना पहनने वालों से प्रशासन की ओर से जुर्माना भी वसूला जा रहा है.

लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए उज्जैन में अगर कोई भी व्यक्ति बिना मास्क के सार्वजनिक स्थानों पर और बाजार में घूमता दिखाई देता है तो उससे जुर्माना तो वसूला ही जाएगा, साथ ही उसे 10 घंटे के लिए अस्थायी जेल भेजा जा रहा है.

ठंड के मौसम में कोरोना एक बार फिर तेजी से फैल रहा है और कोरोना की शुरुआत में उज्जैन सबसे ज्यादा प्रभावित शहरों में शामिल था. इसलिए इस बार सख्ती ज्यादा की जा रही है.

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एडिशनल एसपी अमरेंद्र सिंह ने 'आजतक' से बात करते हुए बताया कि अभी हाल में सभी जगह शहरों में कोरोना की एक नई चैन शुरू हो चुकी है. संक्रमण फिर से वापस लौट चुका है. इसको देखते हुए उज्जैन पुलिस और नगर निगम ने प्रशासन के साथ मिलकर एक संयुक्त अभियान छेड़ा हुआ है. इसमें अलग-अलग थाना क्षेत्रों पर अलग-अलग जगह टीमें लगाई गई हैं.

साथ में मजिस्ट्रेट के आदेश से एक अस्थायी जेल का निर्माण किया गया है, जिसमें इस पूरे अभियान के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर बिना मास्क के यदि पाए जाते हैं तो उनसे वहां पर जुर्माना वसूला जाता है. साथ में ऐसे लोगों को एक अस्थायी जेल में रखा जाता है. वहां उन को शपथ दिलाई जाती है और टेंपरेचर स्क्रीनिंग कराई जाती है, ताकि कोरोना के संक्रमण पर रोकथाम भी की जा सके. साथ में उन्हें जागरूक भी किया जा सके. ऐसे लोग जो लगातार उल्लंघन करते हैं उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है.

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