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सीएम शिवराज का ऐलान, एमपी में NRA के अंकों के आधार पर मिलेगी सरकारी नौकरी

शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि अपने युवा बेटे-बेटियों के कल्याण के लिए हमने एक और अनूठा और क्रांतिकारी निर्णय लिया है. प्रदेश की सरकारी नौकरियों के लिए युवाओं को अलग से कोई परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं होगी.

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एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (फोटो-पीटीआई)
एमपी के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (फोटो-पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • NRA लागू करने वाला पहला राज्य बना एमपी
  • सरकारी नौकरी के लिए अलग से परीक्षा नहीं

मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी के लिए अलग से परीक्षा नहीं होगी, बल्कि नेशनल रिक्रुटमेंट एजेंसी (NRA) द्वारा आयोजित परीक्षा में मिले अंकों के आधार पर नौकरी दी जाएगी. एमपी के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को इसका ऐलान किया. 

शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि अपने युवा बेटे-बेटियों के कल्याण के लिए हमने एक और अनूठा और क्रांतिकारी निर्णय लिया है. प्रदेश की सरकारी नौकरियों के लिए युवाओं को अलग से कोई परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं होगी. एनआरए द्वारा आयोजित परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर ही इन्हें प्रदेश की शासकीय नौकरियां मिलेंगी.

बता दें कि केंद्र सरकार ने 19 अगस्त को राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी के गठन का ऐलान किया है. यह एजेंसी राष्ट्रीय साक्षा परीक्षा लेगी और इसी के आधार पर भर्तियां होंगी. सीएम शिवराज सिंह चाहौन ने कहा कि नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी के गठन से देश के गांव और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं, बेटियों, दिव्यांगों को परीक्षा के लिए निरर्थक भागदौड़ और अनावश्यक पैसे के खर्च से मुक्ति मिलेगी. उन्होंने कहा कि इस क्रांतिकारी निर्णय के लिए वे प्रधानमंत्री मोदी का अभिनंदन करते हैं.

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शिवराज सिंह चौहान ने आगे कहा , "एनआरए द्वारा आयोजित परीक्षाओं में प्राप्त अंकों के आधार पर ही नौकरी देने का अभूतपूर्व निर्णय लेने वाला मध्यप्रदेश पहला राज्य है, इससे युवाओं का जीवन सहज, सुगम बनेगा, देश के दूसरे राज्य भी मध्यप्रदेश की इस पहल को अपनाकर अपने प्रदेश के बेटे-बेटियों को बड़ी राहत दे सकते हैं."

कुछ ही दिन पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य में सरकारी नौकरी सिर्फ राज्य के युवाओं और छात्रों को देने का एलान किया था.

 

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