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डब्बू-सचिन और विकी की होशियारी ने बचाई मासूमों की जान, 12 दिन बाद अंश-अंशिका सकुशल बरामद

रामगढ़ पुलिस ने रांची से लापता मासूम भाई-बहन अंश और अंशिका को 12 दिन बाद सकुशल बरामद कर लिया है. अहमदनगर में स्थानीय युवक डब्बू, सचिन और विकी ने बच्चों को पहचानकर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद रजरप्पा पुलिस की छापेमारी में एक महिला और एक पुरुष गिरफ्तार हुए. फिर बच्चों को एसपी कोठी लाकर परिजनों से मिलवाया गया. पूरे मामले में अन्य लोगों से पूछताछ जारी है.

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डब्बू-सचिन और विकी की सूझबूझ से दबोचे गए आरोपी. (Photo: Satyajit/ITG)
डब्बू-सचिन और विकी की सूझबूझ से दबोचे गए आरोपी. (Photo: Satyajit/ITG)

रामगढ़ जिले में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. रांची से लापता हुए मासूम भाई-बहन अंश और अंशिका को रामगढ़ पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है. इस पूरी कार्रवाई में स्थानीय युवक डब्बू, सचिन और विकी की होशियारी अहम साबित हुई, जिनकी सतर्कता से बच्चों का पता चल सका. पुलिस ने इस मामले में एक महिला और एक पुरुष को गिरफ्तार भी किया है.

बुधवार को 12 दिन बाद जब दोनों बच्चे अपने माता-पिता से मिले तो परिवार के साथ-साथ आम लोगों ने भी राहत की सांस ली. बच्चों की सुरक्षित बरामदगी ने उस नाराजगी और आक्रोश को भी शांत किया, जो पिछले कई दिनों से पुलिस को लेकर लोगों के मन में था.

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रांची से रहस्यमय ढंग से हुए थे लापता

दरअसल, दोनों बच्चे 2 जनवरी को रांची के धुर्वा इलाके से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए थे. बच्चों के गायब होने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था. वहीं, रांची में आम लोगों के बीच भी पुलिस को लेकर नाराजगी बढ़ती जा रही थी. इस मामले को लेकर प्रदर्शन और हंगामा भी हुआ, वहीं विपक्ष ने भी सरकार को घेरा था.

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मामले की गंभीरता को देखते हुए न सिर्फ रांची पुलिस, बल्कि राज्य के अन्य जिलों की पुलिस भी बच्चों की तलाश में जुटी हुई थी. पुलिस पर भारी दबाव था और बच्चों का पता बताने वालों के लिए 2 लाख रुपये के इनाम की घोषणा भी की गई थी.

स्थानीय युवकों की सूझबूझ से खुला राज

आखिरकार इस मामले में अहम भूमिका स्थानीय युवक डब्बू, सचिन और विकी ने निभाई. इन युवकों ने अहमदनगर इलाके में दोनों बच्चों को एक दंपती के साथ देखा. शक होने पर उन्होंने बच्चों की तस्वीर अपने मोबाइल से ली और उसकी तुलना लापता बच्चों के पोस्टर से की. तस्वीरें मिलते ही उन्होंने पोस्टर पर दिए गए मोबाइल नंबर पर बच्चों के परिजनों से संपर्क किया.

परिजनों से पुष्टि होने के बाद युवकों ने तुरंत रजरप्पा थाना पुलिस और रामगढ़ एसपी अजय कुमार को इसकी सूचना दी. सूचना मिलते ही एसपी ने रजरप्पा पुलिस को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए.

छापेमारी कर बच्चों को किया गया बरामद

पुलिस टीम ने तुरंत अहमदनगर में छापेमारी की और दोनों बच्चों को एक किराए के मकान से सकुशल बरामद कर लिया. मकान मालिक के अनुसार आरोपियों ने करीब दस दिन पहले ही वह मकान किराए पर लिया था. बच्चों को बरामद करने के बाद पुलिस उन्हें रामगढ़ एसपी कोठी लेकर आई. इस दौरान बच्चों का पता बताने वाले युवक भी पुलिस के साथ मौजूद थे.

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विकी प्रजापति ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले बच्चों को देखा और बिना देर किए पुलिस को सूचना दी. फिलहाल पुलिस गिरफ्तार दो आरोपियों के अलावा कुछ अन्य लोगों से भी पूछताछ कर रही है.

पुलिस अधिकारियों का बयान, रांची के लिए रवाना बच्चे

रामगढ़ एसपी अजय कुमार ने बताया कि दोनों बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया गया है. वहीं रजरप्पा थाना के एसआई संजय सिंह ने कहा कि सूचना मिलते ही एसपी को अवगत कराया गया और आदेश पर बच्चों को एसपी कोठी लाया गया. दोनों बच्चे पूरी तरह सुरक्षित हैं.

बरामदगी के बाद रांची पुलिस दोनों बच्चों को रामगढ़ एसपी कोठी से लेकर रांची के लिए रवाना हो गई है. बच्चों की सुरक्षित वापसी से परिजन और आमजन दोनों ने राहत की सांस ली है.

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