झारखंड के सीएम के पूर्व प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का सोमवार को ईडी के दफ्तर पहुंचे. ईडी उनसे अवैध खनन मामले में पूछताछ कर रही है. राजीव अरुण एक्का के ईडी के रडार पर आने की वजह उनके एक मित्र और दलाल विशाल चौधरी हैं. बीजेपी विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने एक वीडियो क्लिप जारी कर एक्का की मुश्किलें बढ़ा दी थीं.
पहले 15 मार्च पेश होने के दिए गए थे निर्देश
जानकारी के मुताबिक, इस वायरल वीडियो में दिख रहा था कि एक्का, अपने मित्र विशाल चौधरी के दफ्तर में बैठकर सरकारी फाइलें निपटा रहे हैं. ईडी ने पहले उन्हें 15 मार्च को पेश होने को लेकर निर्देशित किया था. राजीव अरुण एक्का ने इस निर्देश को लेकर कुछ वक्त मांगा था, इस आधार पर उन्हें 27 मार्च को बुलाया गया. राजीव अरुण एक्का सोमवार को 11 बजे ही ईडी के दफ्तर पर पहुंच गए, जबकि उन्हें यहां 11:30 बजे बुलाया गया था.
इस मामले में करना पड़ रहा पूछताछ का सामना
इससे पहले ईडी मई 2022 में विशाल चौधरी के ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है. राजीव अरुण एक्का के सरकारी काम को विशाल चौधरी के घर से निपटाने को लेकर भाजपा ने ईडी से शिकायत की थी. सूत्रों का कहना है कि ईडी ने विशाल चौधरी के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान इलेक्ट्रॉनिक सबूत जुटाए थे और उसी के आधार पर राजीव अरुण एक्का को समन भेजा गया है. विवाद के बाद सीएम ने एक्का को पंचायती राज विभाग में स्थानांतरित कर दिया था. बीजेपी ने इससे पहले राज्यपाल और ईडी को इस मामले का ज्ञापन दिया था. मामले में राजीव अरुण एक्का के खिलाफ उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा न्यायिक जांच का भी आदेश दिया गया है. एक्का गृह सचिव का पद भी संभाल रहे थे.
एक्का तीसरे IAS अफसर, जिन्हें ईडी ने किया तलब
बता दें कि एक्का तीसरे आईएएस अफसर हैं, जिनसे ईडी ने अवैध खनन के सिलसिले में पूछताछ की है. इससे पहले आईएएस पूजा सिंघल के ठिकाने पर छापा मारा गया था और उनका मामला विशेष अदालत में लंबित है. इसके बाद ईडी ने साहेबगंज डीसी राम निवेश द्विवेदी को भी तलब किया था.