झारखंड के हजारीबाग जिले के चौपारण थाना क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ पुलिस और वन विभाग ने संयुक्त रूप से एक प्रभावशाली अभियान चलाया है. गुप्त सूचना के आधार पर गुरुवार को चलाए गए इस अभियान में लगभग 50 एकड़ में फैली अफीम की अवैध खेती को नष्ट कर दिया गया.
पुलिस को सूचना मिली थी कि मुरानिया और दुरागाढ़ा गांव के जंगलों और आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती की जा रही है. सूचना की सटीकता जांचने के लिए ड्रोन से पूरे इलाके का सर्वेक्षण कराया गया. ड्रोन सर्वेक्षण में खेती के साफ सबूत मिलने के बाद पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई शुरू की.
अभियान के दौरान यह पता चला कि जंगल और पहाड़ी इलाके में अफीम की फसल योजनाबद्ध तरीके से लगी हुई थी ताकि प्रशासन की पकड़ से बचा जा सके.
टीम ने मौके पर करीब 50 एकड़ में फैली पूरी फसल को चिन्हित कर नष्ट कर दिया. वहीं, सिंचाई के लिए उपयोग में लाई जा रही 10 सेक्शन पाइप और 4 डिलीवरी पाइप भी बरामद कर नष्ट कर दिए गए.
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पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अब अवैध खेती में शामिल लोगों के नाम और पते की जांच जारी है. जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
इस अभियान में एसडीपीओ बरही अजित कुमार बिमल, बरही अंचल के पुलिस निरीक्षक चंद्रशेखर, चौपारण थाना प्रभारी सरोज सिंह चौधरी सहित कई पुलिस अधिकारी, सशस्त्र बल के जवान और वन विभाग के अधिकारी शामिल थे.
पुलिस अधीक्षक हजारीबाग अंजनी अंजन ने कहा कि जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती और तस्करी को जड़ से खत्म करने के लिए ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी. प्रशासन के प्रयास नशे के नेटवर्क को पूरी तरह से समाप्त करने तक जारी रहेंगे.