गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे (Nishikant Dubey) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. उन पर करोड़ों के मेडिकल कॉलेज हड़पने का आरोप लगाया गया है. यह एफआईआर देवघर जिला के जसीडीह थाना में दर्ज किया गया है. सांसद और उसके अन्य सहयोगी पर जसीडीह थाना क्षेत्र के दर्दमारा बॉर्डर स्थित परित्राण मेडिकल कॉलेज और अस्पताल को साजिश के तहत हड़पने व धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया है.
बावनबीघा निवासी 56 वर्षीय शिव दत्त शर्मा पिता ज्वाला प्रसाद सिंह ने लिखित आवेदन देकर जसीडीह थाना में सांसद निशिकांत दुबे, उनकी पत्नी अनामिका गौतम, दो बेटा और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कराया है. शिव दत्त शर्मा ने आरोप लगाया हैं कि वर्ष 2009 में पंजाब नैशनल बैंक की अगुवाई में बैंकों के एक संघ ने जमीन को गिरवी रखने के बदले मेरे संस्थान परित्राण मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के लिए 93 करोड़ रुपये की ऋण मंजूर की.
मेडिकल कॉलेज हड़पने का आरोप
शिवदत्त शर्मा ने कहा कि भारतीय चिकित्सा परिषद नई दिल्ली ने मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की स्थापना और संचालन के लिए अपनी नीति में बदलाव किया. इस कारण मेरे कॉलेज को एमसीआई से अनुमोदन प्राप्त नहीं हुआ. इस कारण ऋण खाता को गैर निष्पादित घोषित कर दिया गया. इस वित्तीय संकट से निजात दिलाने के लिए लेकर सांसद आए, लेकिन उन्होंने गलत तरीके से हमारे मेडिकल कॉलेज को हड़प लिया.
कांग्रेस ने किया निशिकांत पर हमला
यह मामला प्रकाश में आने के बाद झारखंड कांग्रेस ने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट से ट्विट कर सांसद पर निशाना साधा और कहा कि राम नाम जपना, पराया माल अपना...क्या ED/IT/CBI इस पर संज्ञान लेगी...या सिर्फ विपक्षी नेताओं का ही जांच करने को कहा गया है इनको. केंद्रीय एजेंसियां त्वरित कारवाई करे.
निशिकांत दूबे ने दिया ट्वीट का जवाब
वहीं कांग्रेस के ट्वीट का जवाब देते हुए निशिकांत दुबे ने लिखा कि यह मेरे ऊपर 44वां केस है. झारखंड में कॉंग्रेस @INCIndia व झामुमो की सरकार बनने के बाद, हेमंत सोरेन जी जेल जा चुके हैं. मेरे ऊपर केस करते करते अब CBI के कोर्ट से भगौड़ा घोषित एक अपराधी जिसके उपर हत्या,डकैती,बलात्कार और बैंक को चूना लगाने के दर्जनों केस लम्बित हैं. उनको लेकर आए हैं.
आरोप साबित होने पर राजनीति छोड़ देने का दावा
निशिकांत दुबे ने कहा कि इस FIR में यह कहा गया है कि मैंने एक करोड़ दिया है. यदि झारखंड पुलिस यह साबित कर दे तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा. यह मेडिकल कॉलेज DRT कोर्ट के नीलामी में खरीदा गया है. झारखंड हाईकोर्ट ने इसपर मुहर लगाई है.मैं इसका ट्रस्टी नहीं हूं, मैं भाजपा का सिपाही हूं. पूरे सोरेन परिवार को जेल भेजूंगा. इस फुटफुटिया से मेरा क्या होगा.