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झारखंड विधानसभा बजट सत्र: बिना कोरोना टेस्ट के किसी को नहीं मिलेगी एंट्री

कोरोना पॉजिटिव को विधानसभा परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी. विधानसभा परिसर में कोविड 19 की जांच के लिए कैम्प लगाया गया है. इस दौरान विधानसभा के कर्मचारियों के साथ-साथ पक्ष-विपक्ष के सारे विधायको और मंत्रियों ने अपनी जांच कराई.

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झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (फाइल फोटो)
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • झारखंड में 26 फरवरी से होने जा रहा है बजट सत्र
  • पत्रकारों, मंत्रियों, विधायकों सबके लिए टेस्ट अनिवार्य
  • 72 घंटे पहले तक का कोरोना टेस्ट मान्य
  • विधानसभा परिसर में ही लगवाए गए हैं जांच कैंप

झारखण्ड विधानसभा में बजट सत्र शुरू होने जा रहा है. ऐसे में सरकार ने तय किया है कि बजट सत्र के दौरान किसी को भी बिना कोरोना टेस्ट के विधानसभा परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा. झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बिना कोरोना जांच प्रमाण पत्र के विधायकों, मंत्रियों, विधानसभा, सचिवालय कर्मियों और पत्रकारों को प्रवेश नही मिलेगा. नई गाइडलाइन और निर्देश के अनुसार, 72 घंटे पहले तक की ही कोविड रिपोर्ट मान्य होगी

दिल्ली सरकार ने 5 राज्य- मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पंजाब, केरल और महाराष्ट्र के लोगों के दिल्ली प्रवेश पर बगैर RTPCR जांच के रोक लगाई है, तो झारखंड विधानसभा ने भी विधायकों, मंत्रियों, कर्मियों और पत्रकारों के बगैर कोरोना जांच के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई है, इसके अलावा उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग समेत अन्य कोरोना गाइडलाइंस का पालन भी करना होगा. विधानसभा के अधिकारियों व कर्मचारियों को भी कोरोना जांच कराना अनिवार्य है.

कोरोना पॉजिटिव को विधानसभा परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी. विधानसभा परिसर में कोविड 19 की जांच के लिए कैम्प लगाया गया है. इस दौरान विधानसभा के कर्मचारियों के साथ-साथ पक्ष-विपक्ष के सारे विधायकों और मंत्रियों ने अपनी जांच कराई. जांच कराने पहुंचे झारखंड के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहा ''कोरोना का समय है, इसलिए सभी को जांच कराकर ही आना चाहिए.''

कांग्रेस विधायक बंधु तिरकी ने कहा कि ''जन प्रतिनिधि को अपनी जिम्मेदारी समझकर काम करना चाहिए. अगर वे ही बिना जांच के सभा, सचिवालय जाएंगे. तो आम जनता को गाइडलाइन्स का पालन करने के लिए कैसे कहेंगे.

विधानसभा अध्यक्ष रविन्द्र महतो खुद भी कोरोना संक्रमित रह चुके हैं और कई विधायकों, मंत्रियों को भी पहले कोरोना हुआ है तो ऐसे में विधानसभा अध्यक्ष का मानना है कि ''जोखिम उठाने का कोई मतलब नहीं है. सदन में ही जांच की भी व्यवस्था कर दी गयी थी.''

जब राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूछा गया कि क्या यहां भी एंट्री पर दिल्ली सरकार की तरह बाहर से आने वालों के लिए टेस्ट की बाध्यता होगी, इसपर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि समय आने पर सही फैसला सरकार लेगी. वैसे यहां एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन समेत बस अड्डो पर संदिग्धों का कोरोना टेस्ट किया जाना जारी है. आपको बता दें कि झारखंड में विधानसभा का बजट सत्र 26 फरवरी से शुरू हो रहा है. फिलहाल अभी किसी भी विधायक के पॉजिटिव होने की रिपोर्ट नहीं आई है.

(इनपुट-आकाश)

 

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