लद्दाख में LAC पर भारत-चीन के सैनिकों में हुई झड़प पर भारतीय सेना के एक अफसर सहित दो जवान शहीद हो गए. इन शहीदों में झारखंड के जिला साहिबगंज के प्रखंड हाजीपुर पंचायत के तहत आने वाले डिहारी गांव के कुंदन कुमार ओझा भी शामिल हैं.
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि हमें झारखंड के बहादुर बेटे कुंदन ओझा पर गर्व है जिन्होंने अपना कर्तव्य निभाते हुए सेना के दो अन्य जवानों के साथ बलिदान दिया है.
हेमंत सोरेन ने ट्वीट किया, 'हमें झारखंड के बहादुर बेटे कुंदन ओझा पर गर्व है जिन्होंने अपना कर्तव्य निभाते हुए सेना के दो अन्य जवानों के साथ बलिदान दिया है. मैं उन सभी को सलाम करता हूं और पूरा राज्य दुख की इस घड़ी में कुंदन के परिवार के साथ एकजुटता के साथ खड़ा है.'
We are proud of our brave son of Jharkhand who sacrificed his life along with two other armymen in the line of duty. I salute all of them and Jharkhand Govt and the entire state stands in solidarity with Kundan's family in this hour of bereavement.
— Hemant Soren (घर में रहें - सुरक्षित रहें) (@HemantSorenJMM)
भारत और चीन के बीच पिछले काफी वक्त से लद्दाख में जारी विवाद सोमवार रात उस वक्त गहरा गया जब दोनों देशों की सेनाओं के बीच हिंसक झड़प हुई है. इस झड़प में भारतीय सेना के अफसर और दो जवान शहीद हो गए हैं. ये घटना तब हुई जब सोमवार रात को गलवान घाटी के पास जब दोनों देशों के बीच बातचीत के बाद सबकुछ सामान्य होने की स्थिति आगे बढ़ रह थी.
भारतीय सेना की ओर से जारी किए गए आधिकारिक बयान में कहा गया है, ‘गलवान घाटी में सोमवार की रात को डि-एस्केलेशन की प्रक्रिया के दौरान भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई. इस दौरान भारतीय सेना के एक अफसर और दो जवान शहीद हो गए हैं. दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी इस वक्त इस मामले को शांत करने के लिए बड़ी बैठक कर रहे हैं’.
फिलहाल इस हिंसक झड़प पर विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत ने हमेशा LAC का सम्मान किया और चीन को भी ऐसा करना चाहिए. मंत्रालय ने कहा कि LAC पर कल जो हुआ उससे बचा जा सकता था. दोनों देशों को नुकसान उठाना पड़ा है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि सीमा विवाद को सुलझाने के लिए सैन्य और राजनयिक स्तर पर बातचीत जारी है. 6 जून को सीनियरों कमांडरों की अच्छी बैठक हुई. इसके बाद ग्राउंड कमांडरों के बीच कई बैठकें हुईं.
विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमें उम्मीद थी कि सबकुछ अच्छे से होगा. चीनी पक्ष गलवान वैली में LAC का सम्मान करते हुए पीछे चला गया, लेकिन चीन के द्वारा स्थिति बदलने की एकतरफा कोशिश करने पर 15 जून को एक हिंसक झड़प हो गई. इसमें दोनों पक्षों के लोगों की मौत हुई है, इससे बचा जा सकता था.