झारखंड की सबसे सुरक्षित जेलों में गिने जाने वाले बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा इन दिनों गंभीर आरोपों को लेकर चर्चा में है. बीजेपी और विपक्ष के नेताओं ने जेल अधीक्षक कुमार चंद्रशेखर पर महिला कैदी के साथ कथित यौन शोषण और जबरन गर्भपात कराने के आरोप लगाए हैं. मामले ने राज्य की राजनीति को गरमा दिया है.
विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि नवंबर 2025 में NDPS एक्ट के तहत गिरफ्तार एक महिला कैदी जेल में पूरी तरह स्वस्थ थी. बाद में उसने स्वास्थ्य और माहवारी अनियमित होने की शिकायत की. जांच के दौरान उसका प्रेग्नेंसी टेस्ट पॉजिटिव आया. मरांडी ने आरोप लगाया कि जेल अधीक्षक पर पहले भी देवघर में इसी तरह के आरोप लग चुके हैं, जो सही साबित हुए थे.
बिरसा मुंडा जेल कांड पर सियासत तेज
बीजेपी प्रवक्ता अजय शाह ने भी जेल अधीक्षक पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि देवघर और हजारीबाग में पदस्थापना के दौरान भी उन पर कई महिलाओं के शोषण और अपराधियों को संरक्षण देने के आरोप लगे थे. बीजेपी ने सवाल उठाया कि अगर महिला कैदी के साथ कुछ गलत नहीं हुआ था तो 17 मई को गर्भावस्था जांच क्यों कराई गई.
अजय साह ने आरोप लगाया कि मामले को दबाने के लिए गुप्त तरीके से गर्भपात कराया गया. उन्होंने जेल महानिरीक्षक सुदर्शन मंडल पर भी सबूत मिटाने और मामले को दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया. बीजेपी ने इस पूरे मामले को कस्टोडियल रेप बताते हुए न्यायिक जांच, संबंधित अधिकारियों के निलंबन और राष्ट्रीय महिला आयोग तथा मानवाधिकार आयोग से हस्तक्षेप की मांग की है.
मामले के तूल पकड़ने के बाद मंजूनाथ भजंत्री ने जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी है. समिति में एडीएम रैंक के अधिकारी, डीएसडब्ल्यूओ, सिविल सर्जन और महिला स्त्री रोग विशेषज्ञ शामिल हैं.
महिला बंदी का प्रेग्नेंसी टेस्ट और गर्भपात विवाद
वहीं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और डालसा की टीम भी जांच के लिए होटवार जेल पहुंची. महिला कैदी का बयान दर्ज किया गया है और सीसीटीवी सहित कई साक्ष्यों की जांच की जा रही है. इधर कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने कहा कि जांच चल रही है और विपक्ष को धैर्य रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी.