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'प्ले वे तरीके' से पढ़ाती हैं सुल्ताना, अब मिलेगा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार

सरकारी स्कूल की शिक्षिका, सुल्ताना मूल रूप से श्रीनगर के नौशेरा क्षेत्र की हैं और वो सरकारी प्राथमिक विद्यालय डंगर पोरा, तेलबल श्रीनगर में तैनात हैं. उन्होंने उर्दू और कश्मीरी भाषाओं में बीएड (बैचलर ऑफ एजुकेशन) किया है. उन्होंने सुलेख में तीन साल की डिग्री भी हासिल की है.

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शिक्षिका सुल्ताना
शिक्षिका सुल्ताना
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 'प्ले वे तरीके' से पढ़ाने के लिए शिक्षिका को मिलेगा सम्मान
  • कश्मीर की सुल्ताना को मिलेगा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार
  • शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति कोविंद करेंगे सम्मानित

जम्मू-कश्मीर की एक महिला शिक्षिका को उनके खास तरीके से पढ़ाने के लिए राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित करने का फैसला लिया गया है. वो बच्चों को 'प्ले वे तरीके' से पढ़ाती हैं. शिक्षिका रूही सुल्ताना ने इस पुरस्कार को अपने छात्रों और शिक्षा विभाग को समर्पित किया है.

सरकारी स्कूल की शिक्षिका, सुल्ताना मूल रूप से श्रीनगर के नौशेरा क्षेत्र की हैं और वो सरकारी प्राथमिक विद्यालय डंगर पोरा, तेलबल श्रीनगर में तैनात हैं. उन्होंने उर्दू और कश्मीरी भाषाओं में बीएड (बैचलर ऑफ एजुकेशन) किया है. उन्होंने सुलेख में तीन साल की डिग्री भी हासिल की है.

पुरस्कार की घोषणा के बाद सुल्ताना ने कहा, "मैंने अपनी शिक्षा सरकारी संस्थानों से प्राप्त की है क्योंकि मैंने अपनी मास्टर्स उर्दू और कश्मीरी भाषाओं में पूरी की है, मैंने बीएड (बैचलर ऑफ एजुकेशन), सुलेख में एक डिग्री कोर्स और एक सर्टिफिकेट कोर्स हिंदी में किया है. जब मैं बच्ची थी तो एक शिक्षक बनना चाहती थी. मुझे खुशी होती है जब मेरे आसपास के छात्र मुझे प्रेरित करते हैं."

खुद को एक सूत्रधार मानने वाली सुल्ताना कहती हैं, "मैं उर्दू और कश्मीरी विषयों के लिए एक कंटेंट निर्माता के रूप में स्कूली शिक्षा से जुड़ी हूं. मैं दीक्षा में ई-कंटेंट निर्माता के रूप में काम करती हूं और मैं छात्रों को ऑनलाइन क्लासेस भी उपलब्ध कराती हूं. 

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उन्होंने कहा कि एक शिक्षिका न केवल बच्चों को पढ़ाती है बल्कि उन्हें मानवता के बारे में ज्ञान प्रदान करके एक बेहतर इंसान बनाती है.
सुल्ताना ने कहा, "मैं अपने छात्रों को पढ़ाने के लिए एक प्ले-वे पद्धति का उपयोग करती हूं. मैं उन्हें नए-नए तरीकों से पढ़ाती हूं ताकि छात्रों को कक्षा में सीखने के दौरान सभी अवधारणाएं साफ हो सकें."

सुल्ताना के पति सुल्तान भट ने भी अपनी पत्नी को भारत के राष्ट्रपति से राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने की खबर पर खुशी जताई. भट ने कहा, "वह मेरी पत्नी है जिसे शिक्षक पुरस्कार 2020 के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चुना गया है. मुझे उस पर बहुत गर्व है. यह न केवल परिवार के लिए बल्कि शिक्षक बिरादरी और कश्मीर के लिए भी गर्व का क्षण है. "

यह पुरस्कार 5 सितंबर (शिक्षक दिवस) पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा दिया जाएगा. यह पुरस्कार प्रत्येक वर्ष प्राथमिक, मध्य और माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत मेधावी शिक्षकों को सार्वजनिक मान्यता प्रदान करने के लिए दिया जाता है.

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