भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित मंगलवार को कश्मीरी हुर्रियत के अलगाववादी नेता सैय्यद अली शाह गिलानी से उनके घर जाकर मिले. हालांकि बासित गए तो गिलानी का हालचाल लेने थे, पर बात कश्मीर पर भी हुई. गिलानी इन दिनों बीमार हैं और इलाज के सिलसिले में इन दिनों दिल्ली में हैं.
फारूक बोले- PAK जान ले, कश्मीर कभी नहीं ले पाएगा
नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने इस मुलाकात पर कहा, 'पाकिस्तान यह जान ले कि इस ओर का हमारा कश्मीर उसे कभी नहीं मिलेगा. कश्मीर भारत का हिस्सा है और रहेगा. और हमें भी यह जान लेना चाहिए कि पाकिस्तान के हिस्से वाला कश्मीर हम नहीं लेने जा रहे हैं. इसलिए हमें LoC पर बात करनी चाहिए. यही एकमात्र समाधान है, जिसे शांति से अंजाम दिया जा सकता है.
So, let's us decide on LoC. That is the solution which can work and both countries can live in peace-Farooq Abdullah
— ANI (@ANI_news)
अगस्त 2014 में भारत पाकिस्तान विदेश सचिव वार्ता से ऐन पहले बासित की हुर्रियत नेताओं से ऐसी ही मुलाकात हुई थी और इसी मुलाकात की वजह से भारत ने यह कर दी थी. दोनों देशों के विदेश सचिवों के बीच अब बातचीत दोबारा पटरी पर लाने की कोशिश जारी है. दोनों मुल्क इसके लिए तारीख तय करने में जुटे हैं. ऐसे में इस मुलाकात के सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं.
गिलानी ने की शरीफ की तारीफ
गिलानी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की, जो उन्होंने कश्मीर सौहार्द दिवस पर दिया था. शरीफ ने के 5 फरवरी को कहा था कि 'पाकिस्तान की सरकार और लोगों को कश्मीर के मुद्दे पर साथ देने के लिए शुक्रिया.' गिलानी ने यह भी कहा कि सरकार ने कश्मीरियों के खिलाफ अपना ऑपरेशन तेज कर दिया है पर वह कामयाब नहीं हो पाएगी.