जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के हटाए जाने के बाद से कई तरह के प्रतिबंध लगे हुए हैं. अभी इंटरनेट की सुविधाएं पूरी तरह से शुरू नहीं की गई हैं, इस बीच सरकार ने सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल करने वालों पर एक्शन लिया है. श्रीनगर के साइबर पुलिस स्टेशन ने सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल करने वालों पर UAPA कानून के तहत कार्रवाई की है. जम्मू-कश्मीर पुलिस के इस फैसले पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी समेत अन्य विपक्षी नेताओं ने सवाल खड़े किए हैं.
जम्मू-कश्मीर पुलिस का कहना है कि कश्मीर के मौजूदा हालात को देखते हुए सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जिसपर एक्शन लिया गया और एफआईआर दर्ज की गई. इन पोस्ट में किसी विचारधारा को प्रमोट करना, आतंकियों की तारीफ करना जैसे पोस्ट को सीज़ किया गया है.
सूत्रों की मानें, तो जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने ये एक्शन स्थानीय पत्रकार कामरान युसूफ के पोस्ट के बाद लिया है. एक पोस्ट में कामरान युसूफ ने अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के बारे में लिखा था, जिसमें कहा गया था कि वो ईदगाह में दफ्न होना चाहते हैं. इसी ट्वीट के बाद पत्रकार को पूछताछ के लिए बुलाया गया था. खुलासा ये भी हुआ है कि कामरान युसूफ का नाम इससे पहले 2017 के टेरर फंडिंग केस में भी आ चुका है.
इस तरह के पोस्ट के अलावा कई ऐसे पोस्ट भी हैं, जिन्होंने अफवाह फैलाने का काम किया है. जिसमें आगरा जेल में बंद मियां कय्यूम को हार्ट अटैक आने की बात हो या कोई और मसला हो. इस दावे को भी बाद में पुलिस ने नकार दिया था.
Kashmir mein sab kuch normal hai, haina?
Everyday there is new proof of how little understood Kashmir (or apparently, how VPN technology works). So, now they try to set new world records of cruelty, incompetence & humiliation
— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi)
जम्मू-कश्मीर पुलिस की ओर से अभी काफी सतर्कता बरती जा रही है, क्योंकि अभी तो कश्मीर में इंटरनेट काफी कम एक्टिव है लेकिन जब 4G पूरी तरह से एक्टिव होगा तो दिक्कतें बढ़ सकती हैं.
14 जनवरी को जब जम्मू-कश्मीर में टूजी सर्विस को खोला गया था, तब भी सोशल मीडिया साइट पर सतर्कता की बात कही गई थी. ये फैसला इसलिए लिया गया था ताकि किसी तरह की अफवाह ना फैल पाए.
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राज्य सरकार के इस फैसले पर असदुद्दीन ओवैसी ने सवाल खड़े किए हैं. ओवैसी ने लिखा है कि कश्मीर में तो सबकुछ नॉर्मल है ना? हर दिन ऐसा कुछ सामने आता है जो बताता है कि अमित शाह कश्मीर को समझ नहीं पाए हैं. अब ये लोग नए रिकॉर्ड बना रहे हैं.