आर्टिकल-370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर अब तरक्की की सीढ़ी पर तेजी से आगे बढ़ रहा है. इतना ही नहीं लोगों को ऑनलाइन सर्विस प्रोवाइड करने के मामले में केरल को पछाड़कर अब जम्मू-कश्मीर दूसरे नंबर पर पहुंच गया है. केंद्र शासित प्रदेश में 2021 में 35 ऑनलाइन सिटीजन सर्विस हुआ करती थीं, जो अब बढ़कर 913 तक पहुंच गई हैं.
E-UNNAT पोर्टल पर 913 सेवाओं की ऑन-बोर्डिंग का ऐलान करते हुए बुधवार को जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव अरुण कुमार मेहता ने कहा,'प्रशासन ने आम लोगों के लिए सेवाएं आसान करने के साथ-साथ सुविधाएं पहुंचाने का संकल्प लिया है. यह योजना के अनुरूप एक मील का अहम पत्थर है.'
पहले नंबर पर मध्य प्रदेश
मेहता ने आगे कहा,'पिछले साल मिशन मोड में शुरू किए गए डिजिटल जम्मू-कश्मीर प्रोग्राम के तहत ऑनलाइन सेवाओं की संख्या 2021 में 35 सेवाओं से बढ़कर अब 913 सेवाओं तक पहुंच गई है. केरल में इस समय 911 ऑनलाइन सुविधाएं ही उलब्ध हैं. इसलिए केरल को पछाड़कर 913 सेवाओं के साथ जम्मू-कश्मीर दूसरे नंबर पर पहुंच गया है. बता दें कि इस लिस्ट में मध्य प्रदेश पहले नंबर पर है.'
बड़ी आबादी को टारगेट करने का लक्ष्य
जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव ने ऑनलाइन मोड में विकास के लिए खासतौर पर स्वास्थ्य, शिक्षा और नशामुक्ति के क्षेत्रों में अधिक नागरिक-केंद्रित सेवाओं की पहचान करने की जरूरत पर जोर दिया. ताकी, आबादी के एक बड़े हिस्से तक पहुंच बनाई जा सके.
अब तक मिले 52 लाख से ज्यादा SMS
बता दें कि टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल ने सिंगल इंटीग्रेटेड पोर्टल के साथ-साथ 'मोबाइल दोस्त' ऐप पर सेवाओं की 24×7 उपलब्धता का रास्ता खोला है. इससे जम्मू और कश्मीर में डिजिटल शासन के एक नए युग की शुरुआत हुई है. सेवाओं को नागरिक प्रतिक्रिया के लिए रैपिड असेसमेंट सिस्टम (RAS) से भी जोड़ दिया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि इस सुविधा को 86 प्रतिशत अनुमोदन रेटिंग के साथ अब तक 52 लाख से अधिक एसएमएस भेजे जा चुके हैं.