जम्मू के डोडा जिले में सुरक्षाबलों पर 11 जून को हुए आतंकी हमले के सिलसिले में सुरक्षाबलों ने तीन लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है. अधिकारियों को संदेह है कि इन्ही लोगों ने आतंकवादियों को खाना मुहैया कराया था.
सुरक्षाबल पर आतंकी हमले के बाद से सुरक्षाबल की अगल-अगल टीमें ऊपरी इलाके में घने जंगलों में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं. सुरक्षा बल डोडा जिले के पहाड़ी जंगली इलाके में छिपे आतंकवादियों से ताजा संपर्क स्थापित नहीं कर पाए हैं.
आतंकियों ने 11 जून को बनाया सेना को निशाना
11 जून की रात को आतंकियों ने डोडा के चटर गल्ला के ऊपरी इलाके में सुरक्षाबलों पर हमला कर दिया. इस हमले में राष्ट्रीय राइफल्स के पांच सैनिक और एक विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) घायल हो गए थे. इसके बाद इलाके में तलाशी अभियान शुरू कर दिया. रियासी और कठुआ के बाद, जम्मू इलाके में पिछले तीन दिनों में यह तीसरा आतंकी हमला था.
बुधवार शाम को जिले के गंदोह इलाके के कोटा टॉप गांव में एक तलाशी दल पर आतंकवादियों द्वारा की गई गोलीबारी में एक पुलिसकर्मी घायल हो गया.
आतंकियों को खाना खिलाने का संदेह
सुरक्षाकर्मियों ने डोडा जिले के जाई इलाके से तीन लोगों को हिरासत में लिया है. सूत्रों ने बताया कि इन तीनों में एक दंपति और एक किशोर शामिल हैं, जिन पर आतंकवादियों को भोजन मुहैया कराने और सुरक्षाबलों को उनकी गतिविधियों की रिपोर्ट करने में विफल रहने का संदेह है. सूत्रों ने बताया कि तीनों लोगों से पूछताछ की जा रही है.
इससे पहले गुरुवार को पुलिस ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में तीर्थयात्रियों को ले जा रही बस पर हाल ही में हुए आतंकी हमले की जांच के सिलसिले में 50 लोगों को हिरासत में लिया गया था.
पिछले सप्ताह रियासी, कठुआ और डोडा जिलों में चार आतंकवादी हमले हुए जिनमें एक सीआरपीएफ और दो आतंकवादियों सहित 10 लोग मारे गए और 50 अन्य घायल हो गए.