BSF कांस्टेबल गुरनाम सिंह ने 2016 में हीरानगर सेक्टर में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर घुसपैठ की एक बड़ी कोशिश को नाकाम किया था. लेकिन स्नाइपर की गोली लगने से वे वीरगति को प्राप्त हो गए थे. उनकी शहादत की याद में जम्मू-कश्मीर के आरएसपुरा में उनकी एक मूर्ति बनाई गई है. इस मूर्ति पर उनकी मां जसवंत कौर ने शुक्रवार को कड़ाके की ठंड से बचाने के लिए कंबल ओढ़ाया.
मां द्वारा शहीद बेटे की मूर्ति को कंबल ओढ़ाए जाने का एक वीडियो भी सामने आया है. जिसने लोगों को झकझोर कर रख दिया है. वहीं, जिसने भी इस वीडियो को देखा वो भी गमगीन हो गया. कंबल ओढ़ाने के बाद जसवंत कौर ने कहा कि गुरनाम सिर्फ़ एक सैनिक नहीं था जो लड़ाई में मारा गया. वह उनका जीता-जागता बेटा है, जो हमेशा उनके दिल में बसा रहेगा.
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उन्होंने कहा कि मैं एक मां हूं और इस कड़ाके की ठंड में जहां हम खुद को गर्म रखने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. ऐसे मैं अपने बेटे की मूर्ति को इस हड्डी कंपा देने वाली ठंड में कैसे छोड़ सकती हूं? आपको बता दें कि गुरनाम को 21-22 अक्टूबर 2016 की रात को हीरा नगर सेक्टर में पाकिस्तानी हमले से भारत की सीमाओं की रक्षा करते हुए गोली लगी थी. एक स्नाइपर की गोली से उनकी जान चली गई, लेकिन वह हमेशा देश की यादों में ज़िंदा रहेंगे.
मरने से पहले गुरनाम ने घुसपैठ की एक कोशिश को नाकाम कर दिया था, जिसमें एक आतंकवादी मारा गया और बाकी भाग गए. भारी गोलाबारी की आड़ में पाकिस्तानी सेना आतंकवादियों के एक ग्रुप को भारतीय सीमा में धकेलने की कोशिश कर रही थी. लेकिन चौकस गुरनाम एक दीवार की तरह खड़ा रहे और आंतकियों की कोशिश को नाकाम कर दिया.