श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज के संचालन को लेकर जम्मू में सियासत और विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है. राष्ट्रीय बजरंग दल की जम्मू-कश्मीर इकाई ने मंगलवार को बीसी रोड त्रिकुटा परिसर के बाहर जोरदार प्रदर्शन करते हुए श्राइन बोर्ड का पुतला दहन किया. संगठन ने मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के नियमों और इसके बुनियादी ढांचे पर गंभीर सवाल उठाए हैं.
मीडिया को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रदेश अध्यक्ष राकेश बजरंगी ने कहा कि हमने 5 नवंबर 2025 को मेडिकल कॉलेज के खिलाफ पहला विरोध प्रदर्शन किया गया था, जिसके बाद से संगठन लगातार सड़कों पर है.
हिंदू संगठन ने कहा कि संगठन की मुख्य मांग है कि या तो श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड इस मेडिकल कॉलेज को बंद करे और वहां गुरुकुल की स्थापना करे, या फिर मेडिकल कॉलेज में 100 प्रतिशत हिंदू छात्रों को ही प्रवेश दिया जाए.
उन्होंने आरोप लगाया कि देशभर से श्रद्धालु माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए आते हैं और चढ़ावे के रूप में दिया गया धन हिंदू धर्म के उत्थान, गुरुकुलों, गौशालाओं और यात्रियों की सुविधाओं पर खर्च किया जाना चाहिए, लेकिन श्राइन बोर्ड इस धन का उपयोग एक विशेष समुदाय के लोगों को डॉक्टर बनाने में कर रहा है, जिसे हिंदू समाज स्वीकार नहीं करेगा.
राकेश बजरंगी ने यह भी कहा कि दो दिन पूर्व राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने मेडिकल कॉलेज का अधूरा निरीक्षण किया, जिसमें यह सामने आया कि कॉलेज को जल्दबाजी में खोला गया है और मेडिकल कॉलेज के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाएं एवं मापदंड पूरे नहीं किए गए हैं. उन्होंने दावा किया कि एनएमसी आज अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेगा.
उन्होंने मांग की कि इस बात की जांच होनी चाहिए कि मेडिकल कॉलेज को इतनी जल्दबाजी में क्यों खोला गया और इसमें मेडिकल कॉलेज के निदेशक जसपाल शर्मा, जेके बीओपी और सरकार की भूमिका क्या रही? उन्होंने कहा कि इन सभी को जांच के दायरे में लाया जाना चाहिए.
राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रदेश अध्यक्ष ने केंद्र सरकार से अपील की है कि या तो मेडिकल कॉलेज को बंद किया जाए या वहां 100 प्रतिशत हिंदू छात्रों को ही प्रवेश दिया जाए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी.