जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आज़ाद ने सनसनीखेज दावा किया है. 'आजतक' से विशेष बातचीत के दौरान उन्होंने कहा है कि फारूक अब्दुल्ला इन दिनों छिप-छिपकर रात में भी पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के साथ गुप्त बैठकें कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि वह दिन के समय में प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात नहीं करते हैं.
इतना ही नहीं गुलाम नबी आजाद ने कहा कि दिल्ली में ऐसी चर्चाएं थी कि अनुच्छेद 370 को हटाने के मुद्दे पर अब्दुल्ला लोगों से बात की गई थी ये अब्दुल्ला लोग ही थे जिन्होंने प्रधानमंत्री को घाटी के नेताओं को घर में नजरबंद करने का सुझाव दिया था.
अब्दुल्ला परिवार पर किया तीखा हमला
अब्दुल्ला परिवार पर तीखा हमला करते हुए गुलाम नबी आज़ाद ने कहा, 'मैं अब्दुल्ला की तरह धोखाधड़ी नहीं करता. मैं अपने हिंदू भाईयों को मूर्ख बनाने के लिए मंदिरों में नहीं जाता और मैं कट्टरपंथी इस्लामवादियों को खुश करने के लिए अपने देश का दुरुपयोग नहीं करता. अब्दुल्ला लोग हिंदुओं को मूर्ख बनाने के लिए मंदिरों में जाते हैं. मैं अपने धर्म का पालन करता हूं और अन्य आस्थाओं का सम्मान करता हूं. मैं सबसे अधिक धर्मनिरपेक्ष नेता हूं.' गुलाम नबी आजाद ने कहा कि फारूक और उमर सरकार और विपक्ष दोनों को खुश कर रहे हैं. फारूक 2014 में बीजेपी के साथ गठबंधन करना चाहते थे और यह बात अब्दुल्ला ने श्रीनगर में एक बात कही थी.
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नेशनल कॉन्फ्रेंस ने की थी बीजेपी के साथ गठबंधन बनाने की कोशिश
उमर अब्दुल्ला के पूर्व राजनीतिक सलाहकार देवेंद्र सिंह राणा के इस दावे पर कि 2014 में विधानसभा चुनावों के बाद नेशनल कांफ्रेंस ने बीजेपी के साथ गठबंधन का प्रस्ताव भेजा था, इस पर गुलाम नबी आजाद ने कहा कि उनका दावा बिल्कुल सही है. उन्होंने कहा, 'मुझे पता है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस जम्मू-कश्मीर में बीजेपी के साथ सरकार बनाने की बेताब कोशिश कर रही थी. मैंने सदन के पटल पर प्रधानमंत्री से कहा था कि वे जम्मू-कश्मीर में किसी भी राजनीतिक साहसिक कार्य में शामिल न हों. नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी दोनों भाजपा के साथ सरकार बनाने की कोशिश कर रहे थे.
पीडीपी को लेकर भी किया खुलासा
गुलाम नबीं आजाद ने अब्दुल्ला और प्रधानमंत्री के बीच 3 अगस्त, 2019 की बैठक के बारे में बात करते हुए बताया कि अनुच्छेद 370 हटाने से ठीक पहले बैठक हुई थी. पीडीपी का जिक्र करते हुए आजाद ने कहा, 'मुफ्ती मोहम्मद सईद ने 2014 में मुझसे 18 बार सलाह ली जब उनकी बीजेपी के साथ गठबंधन की बातचीत चल रही थी. मैंने मुफ्ती साहब से कहा कि अगर वह बीजेपी के साथ गठबंधन करते हैं तो उन्हें राजनीतिक तौर पर खत्म कर दिया जाएगा. मुफ्ती ने कश्मीर के लोगों को धोखा दिया. उन्होंने भाजपा को रोकने के नाम पर वोट मांगे, लेकिन बाद में उन्होंने भाजपा से गठबंधन कर लिया. मुख्यमंत्री बनने के 6 महीने बाद मुफ्ती ने मुझसे मुलाकात की और कहा कि आप उस समय ठीक कह रहे थे. उन्हें इस बात का दुख था कि उहोंने बीजेपी से गठबंधन कर लिया है.'
प्रधानमंत्री की जम्मू यात्रा को लेकर गुलाम नबी आजाद ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने की घोषणा करेंगे. उम्मीद है कि वह विधानसभा चुनाव कराने का भी आश्वासन देंगे.